उत्तराखंडः जंगल की आग के धुएं से बीमार हो रहे लोग
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जंगलों में लगी आग के धुएं से सांस, आंख और एलर्जी के मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। सांस संबंधित बीमारियों के मरीजों सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है।
इसके अलावा आंखों में इन्फेक्शन व जलन और तमाम तरह की एलर्जी के मरीज भी बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्रों से भी काफी संख्या में मरीज उपचार के लिए दून पहुंच रहे हैं। दून में आंख में खुलजी, करकराहट और लाल होने के मामले देखे जा रहे हैं।
सांस के रोगी यह रखें ध्यान
-घर के भीतर ही रहें।
-बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।
-अपनी दवाएं समय पर लेते रहें।
-धुएं और प्रदूषण से बचाव करें।
आंखों की करें विशेष हिफाजत
-धुएं वाले वातावरण में जाने से बचें।
-एलर्जी, जलन या खुलजी पर डॉक्टर से मिलें।
-आंखों को साफ ठंडे पानी से धोएं।
-आंख लाल होने या करकराहट पर मसलें नहीं।
दमा समेत अन्य सांस के रोगियों को धुएं से दिक्कत होती है। हवा में कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा बढ़ने से सांस लेने में परेशानी होती है।
- डा. रामेश्वर पांडेय, चेस्ट फिजिशियन
इस मौसम में सामान्य एलर्जी के साथ ही आईफ्लू का भी खतरा ज्यादा रहता है। आंखों में चिपचिपाहट या अन्य दिक्कत होने पर चिकित्सक को दिखाएं।
- डा. राजकेश तिवारी, वरिष्ठ नेत्र सर्जन