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केदारनाथः डमरू बजा नहीं, महाराज ने बजा दिया 'डंका'
अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 11 Sep 2013 07:30 PM IST
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केदारनाथ की पूजा को लेकर एक नया विवाद ठीक एक दिन पहले खड़ा हो गया है। गढ़वाल सांसद सतपाल महाराज ने खुले तौर पर पूजा को उत्तराखंड की धार्मिक मान्यता के खिलाफ बताया।
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महाराज के मुताबिक इस समय पूजा का शुभ मुहूर्त नही है। गढ़वाल की धार्मिक मान्यता में इस माह कोई भी शुभ कार्य नही होता। बेहतर होता कि सरकार पहले नवरात्र से पूजा शुरू करती।
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विरोध में कई लोग
मंगलवार को अपने डालनवाला आवास पर मीडिया से मुखातिब महाराज ने कहा कि केदारनाथ की पूजा इस समय न करने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा से भी बात की थी।
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मुख्यमंत्री का कहना था कि मंदिर समिति की राय पर यह तिथि तय की गई है। महाराज के मुताबिक केदारनाथ धाम से जुड़े कई लोग इसके विरोध में है।
पूजा नहीं होनी चाहिए
इन लोगों का कहना है कि केदारनाथ में इस समय पूजा नहीं होनी चाहिए। नवरात्र में पूजा शुरू होती तो उस समय तक बरसात भी रुक जाती और मुहूर्त का विवाद भी खड़ा न होता।
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महाराज का यह भी कहना है कि केदारनाथ मंदिर के साथ ही ईशान महादेव, अन्नपूर्णा, शंकराचार्य समाधि स्थल आदि पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
पूजा शुरु होने से पहले बवाल
केदारनाथ में पैदल मार्ग के साथ ही रोपवे केनिर्माण का काम भी सरकार को करना चाहिए। इस मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री चंद्रेश कुमारी से भी बात की गई है।
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केदारनाथ की पूजा को लेकर महाराज की प्रतिक्रिया पूजा शुरू होने से ठीक पहले आई है। दूसरी तरफ, कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि किसी नए काम को करने को निषेष माना गया है।
पूजा को फिर से शुरू किया जा रहा है। आपदा न आती तो भी केदारनाथ मे पूजा जारी रहती ही।