शक्तिमान प्रकरण से बदलेगा मसूरी का सियासी गणित!
- विधायक गणेश जोशी के राजनीतिक भविष्य को लेकर कई आशंकाएं
- शक्तिमान प्रकरण के बाद अब विधायक का टिकट कटने की संभावना
- प्रकरण से राजनीतिक समीकरण बदलने तय
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शक्तिमान प्रकरण में गिरफ्तारी और राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मीडिया में छीछालेदर होने के बाद मसूरी विधायक गणेश जोशी के राजनीतिक भविष्य को लेकर तमाम तरह की आशंका जताई जा रही है। माना जा रहा है कि इमेज को लेकर बेहद संजीदा रहने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मामले में कार्रवाई कर सकते हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर भी पार्टी संगठन पर कार्रवाई का दबाव बन रहा है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस के संभावित प्रत्याशी प्रकरण का सियासी आंकलन करने में जुटे हुए हैं। वर्ष 2007 में हुए दूसरे विधानसभा चुनाव में गणेश जोशी ने राजपुर रोड विधानसभा सीट से हीरा सिंह बिष्ट को शिकस्त दी।
गणेश जोशी को 24449 और कांग्रेस के हीरा सिंह बिष्ट को 20876 वोट मिले। साल 2012 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान परिसीमन के बाद राजपुर विधानसभा सीट को सुरक्षित घोषित कर दिया गया। इसके बाद गणेश जोशी ने मसूरी विधानसभा से टिकट की दावेदारी की।
लोगो के बीच बेहद लोकप्रिय है विधायक गणेश जोशी
भाजपा के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे जोशी ने कांग्रेस के जोत सिंह गुनसोला को करीब दस हजार वोटों के अंतर से शिकस्त देकर जीत दर्ज की।
क्षेत्र के लोगों के बीच खासे लोकप्रिय गणेश जोशी को आगामी विधानसभा चुनावों में भी पार्टी टिकट का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा था। लेकिन शक्तिमान प्रकरण के बाद अब उनका टिकट कटने की संभावना जताई जा रही है।
पिछले लंबे समय से टिकट की दावेदारी कर रहे कई कार्यकर्ताओं को गणेश जोशी के विधानसभा सीट बदलने के कारण निराश होना पड़ा था। अब वही कार्यकर्ता रास्ता साफ होने की उम्मीद पाल रहे हैं।
वहीं कांग्रेस भी इसे चुनाव के लिहाज से फायदेमंद मान रही है। हालांकि पूरे प्रकरण के चलते विधानसभा सीट का सियासी गणित गड़बड़ाना तय माना जा रहा है।
यह मामला केवल राजनीतिक नहीं है। इसमें पशु क्रूरता वाला एंगल जुड़ने से ज्यादा असर पड़ेगा। गणेश जोशी को इस घटना का राजनीतिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। कांग्रेस अगर मामला संभाल सके तो फायदे में रह सकती है। कुल मिलाकर इस प्रकरण से राजनीतिक समीकरण बदलने तय हैं।
- डा. अजय सक्सेना, राजनीतिक विशेषज्ञ