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पसंदीदा थाने में नहीं रुक रहे पुलिस वाले!

Mon, 02 May 2016 01:59 PM IST
चंदन बंगारी / अमर उजाला, काशीपुर
चंदन बंगारी / अमर उजाला, काशीपुर Updated Mon, 02 May 2016 01:59 PM IST
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police officer not staying favorite police station
पुलिस - फोटो : Bureau

उधमसिंहनगर जिले का अहम और दरोगाओं की पहली पसंद माना जाने वाले काशीपुर स्थित आईटीआई थाने में पिछले कुछ समय से सबकुछ ठीक नहीं है।

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पांच महीने के भीतर थाने में तीन एसओ सहित पांच पुलिसकर्मियों पर गाज गिर चुकी है। तीन में से कोई भी एसओ तीन महीने भी नहीं टिक सका है। हाल फिलहाल लाइन हाजिर हुए कसाना तो महज तीन दिन ही थाने के एसओ रह पाए। 
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आईटीआई थाने में ‘पोस्टिंग’ पाने के लिए दरोगा बेहद लालायित रहते हैं।

माना जाता है कि ऊंची पहुंच वाले दरोगा को ही यहां पोस्टिंग मिल पाती है। इसलिए जैसे ही थाने से कोई एसओ हटता है तो दरोगा वहां एसओ बनने के लिए गोटियां फिट करने में लग जाते हैं। लेकिन, बीते पांच महीने से आईटीआई थाने में सब ठीकठाक नहीं चल रहा है। यही कारण है कि कोई एसओ तीन महीने भी नहीं टिक पा रहा है।
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बीते 8 नवंबर को तत्कालीन कप्तान केवल खुराना ने तत्कालीन एसओ हरेंद्र चौधरी को हटाकर कटोराताल पुलिस चौकी के इंचार्ज अरुण सैनी को नया एसओ बनाया था। लेकिन वे 2 महीने 22 दिन ही टिक सके। 31 जनवरी को अचानक तत्कालीन डीजीपी बीएस सिद्धू ने थाने में छापा मारा तो कई गंभीर खामियां मिलने पर एसओ सैनी के साथ ही मुंशी प्रकाश चंद्र को सस्पेंड कर दिया था।

एडीजी प्रशासन राम सिंह मीणा ने एसओ सैनी का 1 फरवरी को गढ़वाल रेंज तबादला तक कर दिया गया था। उसके बाद थाना करीब एक पखवाड़े तक खाली रहा। नैनीताल से तबादला होकर आए कमलेश भट्ट को 14 फरवरी को नया एसओ बनाया गया था। लेकिन 2 महीने 14 दिन का कार्यकाल पूरा होने के बाद एकाएक महिला के उत्पीड़न की शिकायत का मामला संज्ञान में आने के बाद कप्तान अनंत शंकर ताकवाले ने कमलेश को लाइन हाजिर कर दिया था।

कमलेश के लाइन हाजिर होने के बाद कई दरोगा एसओ बनने की कतार में थे। लेकिन कप्तान ने तमाम सवालों को दरकिनार करते हुए विवादित दरोगा रजत कसाना पर भरोसा जताते हुए 28 अप्रैल को चार्ज दे दिया। महज तीन दिन का कार्यकाल ही हुआ था कि कप्तान के औचक निरीक्षण में गैरहाजिर होने पर लाइन हाजिर कर दिया गया।

अब आईटीआई थाने के लिए नए एसओ की तलाश हो रही है। थाने का एसओ बनने का ख्वाब सजाए कई दरोगा फिर जुगाड़ भिड़ाने में जुट गए हैं। हालांकि कप्तान भी ताकवाले भी बेहद सोच समझकर ही नए एसओ का चयन करेंगे। आईपीएस अफसर केवल खुराना पर दरोगा रजत कसाना की तरफ से मुकदमा दर्ज कराने के बाद से ही आईटीआई थाना भी चर्चाओं में आ गया है।

कप्तान का भरोसा सहेज नहीं पाए कसाना
काशीपुर। कप्तान अनंत शंकर ताकवाले ने चर्चित दरोगा रजत कसाना पर तीन दिन पहले भरोसा जताते हुए आईटीआई एसओ का चार्ज दिया था। वरिष्ठों को दरकिनार करने के सवाल पर कप्तान ने कहा था कि कसाना को थाना चलाने की क्षमता को देखते हुए चार्ज दिया गया है। लेकिन, कप्तान का भरोसा कसाना कायम नहीं रख पाए।


एक जैसी लापरवाही, लेकिन सजा अलग-अलग 
आईटीआई थाने में तीन महीने में आला अफसरों का दूसरा औचक निरीक्षण हुआ है। लेकिन, दोनों निरीक्षणों में एक जैसी लापरवाही पाई गई, लेकिन दोनों में सजा अलग-अलग दी गई। बता दें कि 31 जनवरी को तत्कालीन डीजीपी ने थाने में निरीक्षण किया था तो हवालात में दो लोग मिले थे, जिनके संबंध में कोई तस्करा जीडी में दर्ज नहीं था।

डीजीपी ने तत्कालीन एसओ अरुण सैनी और मुंशी प्रकाश को सस्पेंड कर दिया था। अरुण का तो दूसरे मंडल में तबादला तक हो गया था। रविवार की सुबह भी कप्तान ताकवाले में छापा मारा तो हवालात में बंद मिले युवक के संबंध में जीडी में तस्करा नहीं डाला गया था। एसओ कसाना भी थाने में मौजूद नहीं थे। लेकिन कप्तान ने महज कसाना और कांस्टेबल को लाइन हाजिर कर दिया। दो मामलों में एक जैसी गलती और सजा अलग-अलग होने पर भी सवाल उठ रहे हैं।

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