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शक्तिमान के लिए कृत्रिम टांग की पेशकश
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 23 Mar 2016 02:55 PM IST
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पुलिस घोड़ा शक्तिमान
- फोटो : amar ujala
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भाजपा के प्रदर्शन के दौरान घायल शक्तिमान की मदद को काफी लोग आ रहे हैं। किसी ने दवा तो किसी ने चिकित्सकों के आने जाने का खर्च वहन किया है।
इसी बीच राजस्थान के डा तपेश माथुर ने सूबे के डीजीपी को पत्र लिखकर घोड़े के लिए कृत्रिम टांग (कृष्णा लिंब) उपलब्ध कराने की पेशकश की है। डा माथुर को सर्वश्रेष्ठ पशु चिकित्सक का स्वर्ण पदक मिल चुका है।
राजस्थान के डा तपेश माथुर ने डीजीपी से मिलकर पत्र लिखकर घायल शक्तिमान के लिए कृत्रिम टांग (कृष्णा लिंब) बनाने की पेशकश की है। उन्होंने अपने खर्च पर कृत्रिम टांग लगाने की बात कही है।
शक्तिमान की मदद को आ रहे कई हाथ आगे
डा तपेश राजस्थान के पशु पालन विभाग में 17 साल से कार्यरत है। पिछले दो साल से दो दर्जन गायों और एक कुत्ते को कृष्णा लिंब लगा चुके है, जो पूरी तरह कारगर रहा है।
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डा माथुर 400 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत कर चुके है। 2015 में इन्हें सर्वश्रेष्ठ कृष्णा लिंब के लिए चिकित्सक स्वर्ण पदक से नवाजा गया था। उधर अमेरिका से आए महिला सर्जन जैनी मैरी वॉन के आने का खर्च माया फाउडेंशन की पारुल भूटान ने उठाया है।
मोती बाजार के नरेंद्र सिंह द्वारा प्लास्टिक की तिरपाल, सेलाकुंई के अतीक अहमद ने लिफ्ट के निर्माण में 75 रुपये, घोड़े के आहार को पांच बैग फूड सप्लिमेंट, संजय वर्मा ने कृत्रिम पैर, सेलाकुंई के मेजर भूपेंद्र सिंह ने पाउडर और ताकत के इंजेक्शन उपलब्ध कराए।
मुंबई से आए डा. फिरोज खंबाटा ने अपनी फीस में व्यापक कटौती की। एसएसपी डा. सदानंद दाते ने सहयोग करने वालों का आभार जताया है।
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इसी बीच राजस्थान के डा तपेश माथुर ने सूबे के डीजीपी को पत्र लिखकर घोड़े के लिए कृत्रिम टांग (कृष्णा लिंब) उपलब्ध कराने की पेशकश की है। डा माथुर को सर्वश्रेष्ठ पशु चिकित्सक का स्वर्ण पदक मिल चुका है।
राजस्थान के डा तपेश माथुर ने डीजीपी से मिलकर पत्र लिखकर घायल शक्तिमान के लिए कृत्रिम टांग (कृष्णा लिंब) बनाने की पेशकश की है। उन्होंने अपने खर्च पर कृत्रिम टांग लगाने की बात कही है।
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शक्तिमान की मदद को आ रहे कई हाथ आगे
डा तपेश राजस्थान के पशु पालन विभाग में 17 साल से कार्यरत है। पिछले दो साल से दो दर्जन गायों और एक कुत्ते को कृष्णा लिंब लगा चुके है, जो पूरी तरह कारगर रहा है।
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डा माथुर 400 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत कर चुके है। 2015 में इन्हें सर्वश्रेष्ठ कृष्णा लिंब के लिए चिकित्सक स्वर्ण पदक से नवाजा गया था। उधर अमेरिका से आए महिला सर्जन जैनी मैरी वॉन के आने का खर्च माया फाउडेंशन की पारुल भूटान ने उठाया है।
मोती बाजार के नरेंद्र सिंह द्वारा प्लास्टिक की तिरपाल, सेलाकुंई के अतीक अहमद ने लिफ्ट के निर्माण में 75 रुपये, घोड़े के आहार को पांच बैग फूड सप्लिमेंट, संजय वर्मा ने कृत्रिम पैर, सेलाकुंई के मेजर भूपेंद्र सिंह ने पाउडर और ताकत के इंजेक्शन उपलब्ध कराए।
मुंबई से आए डा. फिरोज खंबाटा ने अपनी फीस में व्यापक कटौती की। एसएसपी डा. सदानंद दाते ने सहयोग करने वालों का आभार जताया है।