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यहां तो PM मोदी का संदेश पहुंचाना भी है मुश्किल

Sun, 24 Apr 2016 01:42 PM IST
चंद्रशेखर जोशी/ अमर उजाला, चंपावत
चंद्रशेखर जोशी/ अमर उजाला, चंपावत Updated Sun, 24 Apr 2016 01:42 PM IST
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PM modi will interact with gram panchayat
सिविल सेवा पुरस्कार समारोह को संबोधित करते प्रधानमंत्री - फोटो : ANI

24 अप्रैल को 3.15 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकतंत्र की सबसे निचली इकाई ग्राम पंचायतों के माध्यम से देश की ग्रामीण जनता से रूबरू होंगे।

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असाधारण वाक शैली की वजह से पीएम का संबोधन असर भी डालता है। गांव और ग्राम पंचायतों से रूबरू होने का ये आइडिया हर किसी को लुभा भी रहा है, लेकिन कई ग्राम पंचायतों के बुरे हाल इस अच्छे आइडिया पर ग्रहण न लगा दें। कई ग्राम पंचायतों की हालत ठीक नहीं है।
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पंचायत कार्यालय भवन न होने से लेकर 437 तोक बिजली विहीन है। इसके अलावा ढेरों ऐसे इलाके हैं, जहां बिजली होने का भी नहीं के बराबर है। लो-वोल्टेज और अक्सर बत्ती गुल होती है। ऐसे में इन दूरस्थ गांवों के लोगों तक पीएम का संदेश पहुंच पाने पर सवाल उठेंगे।
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ग्राम पंचायतों के हाल भी यहां ठीकठाक नहीं हैं। पंचायतीराज की इस बुनियाद के ढांचा सशक्त नहीं है। जिले के 2100 तोकों में से 437 तोकों में बिजली नहीं है। चंपावत जिले में ही ढेरों ग्राम पंचायतों के हाल जर्जर है। इन पंचायतों में जुगाड़ से काम चल रहा है। 313 ग्राम पंचायतों में से एक के पास भी फोन की सेवा नहीं है। अनेकों गांवों में मोबाइल सेवा से भी जुड़े नहीं हैं। 
फर्नीचर और दूसरी जरूरी सुविधाओं से भी वे मोहताज है। मगर 23 ग्राम पंचायतों के पास काम करने के लिए कार्यालय भवन तक नहीं है। इन पंचायतों को काम करने के लिए दूसरे ठिकाने का आसरा लेने को मजबूर होना पड़ रहा है। कलक्ट्रेट से लगी ढकनाबडोला ग्राम पंचायत के हाल भी बेघर वाले हैं।

उसके पास भी अपना दफ्तर (पंचायतघर) नहीं है। यहां के नोडल अधिकारी डीआईओ एनएस बिष्ट का कहना है कि यहां स्कूल में टीवी और रेडियो के माध्यम से जानकारी दी जाएगी। वैकल्पिक उपाय के दावे चाहे जितने हो, जिले की नेपाल सीमा से लगी और बुनियादी सुविधाओं से कटी 19 से ज्यादा ग्राम पंचायतों में तो पीएम का संबोधन पहुंचना चुनौती है ही।

यह है ग्राम पंचायतों का हाल

PM modi will interact with gram panchayat

यहां ग्राम पंचायत का काम भी स्कूल या मंदिर में करने को मजबूर होना पड़ता है। पंचातघर भवन को नि:शुल्क जमीन देने को गांव के लोग तैयार है। भवन का प्रस्ताव भी रखा गया है। अलबत्ता टेलीविजन से प्रधानमंत्री के संबोधन को लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था यहां के स्कूल में की जा रही है।
- विनोद सिंह, प्रधान, ढकनाबडोला

पीएम के संबोधन को सभी ग्राम पंचायतों में सुनाए जाने की व्यवस्था की जा गई है। जिन ग्राम पंचायतों के पास अपने भवन नहीं है, वहां स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और दूसरे सार्वजनिक स्थलों के माध्यम से वैकल्पिक उपाय किए जा रहे हैं। बिजली विहीन इलाकों में रेडियो से व्यवस्था की जाएगी।
- सुरेश बेनी, जिला पंचायतीराज अधिकारी चंपावत

जर्जर हाल हैं कई ग्राम पंचायत
जिले की 23 ग्राम पंचायतों के पास अपने भवन नहीं है। कठनौली, ढकनाबडोला, पुनेठी, बिचई, भजनपुर, मंच, मोहनपुर, शक्तिपुरबुंगा, गैड़ाख्याली नंबर तीन, कांडा डोला, सायली, नायल, टनकपुर, हरम, सिमल्टा, ओखलंज, सुदर्का, राईकोट महर, चौड़ामेहता, टाकबल्वाड़ी, कनवाड़, थापलागूंठ और मौनकांडा ग्राम पंचायतों के पास अपने भवन नहीं हैं। तो ढेरों ऐसे हैं, जिनके भवन बेहद जीर्णशीर्ण हैं। बस्टिया के ग्राम प्रधान नवीन बोहरा का कहना है कि उनके पंचायतघर के हाल बेहद खराब है। पास के स्कूल से पीएम का संदेश सुनाने की व्यवस्था की गई है।

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