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Pithoragarh News: तेरी ढाई हाथ धमेली पुजी रै कमर...
Mon, 27 Nov 2023 10:55 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 27 Nov 2023 10:55 PM IST
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बौराणी मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करते कलाकार। संवाद
बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। सैम देवता के मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद बौराणी मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह बोरा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
ज्वालेश्वर सांस्कृतिक कला समिति जौलजीबी के कलाकारों ने मां दुर्गा की भव्य प्रस्तुति दी। इसके बाद कलाकारों ने ह्यूं पड़ो पाटी में सुआ..., लाली हो लाली होसिया..., पधानी लाली हो..., बनी ठनी बैर मधु झन जाए बाजार... आदि गीतों पर नृत्य कर दर्शकों का मनोरजंन किया। बरेली से आए अमित भटनागर ने अपनी प्रस्तुति से खूब तालियां बटोरी। महिलाओं ने झोड़ा और चांचरी गाई।
चाख बोरा और ओखरानी के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। मंदिर में सोमवार की रात पांच किमी दूर ससपोडा, चौड़ा गोबरगाड़ा से हजारों की संख्या में ग्रामीण 30 फीट लंबी जलती हुई मशाल को ढोल-नगाड़ों के साथ पहुंचेंगे। पूजा-अर्चना के बाद मंदिर परिसर में जलती हुई मशाल लगाई जाएगी। इस दौरान हुड़के की थाप पर नौर्त लगते हैं। इसमें श्रद्धालु मन्नत मांगते हैं। मशाल की रोशनी में रातभर झोड़ा-चांचरी गाई जाती है। संवाद
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ज्वालेश्वर सांस्कृतिक कला समिति जौलजीबी के कलाकारों ने मां दुर्गा की भव्य प्रस्तुति दी। इसके बाद कलाकारों ने ह्यूं पड़ो पाटी में सुआ..., लाली हो लाली होसिया..., पधानी लाली हो..., बनी ठनी बैर मधु झन जाए बाजार... आदि गीतों पर नृत्य कर दर्शकों का मनोरजंन किया। बरेली से आए अमित भटनागर ने अपनी प्रस्तुति से खूब तालियां बटोरी। महिलाओं ने झोड़ा और चांचरी गाई।
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चाख बोरा और ओखरानी के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। मंदिर में सोमवार की रात पांच किमी दूर ससपोडा, चौड़ा गोबरगाड़ा से हजारों की संख्या में ग्रामीण 30 फीट लंबी जलती हुई मशाल को ढोल-नगाड़ों के साथ पहुंचेंगे। पूजा-अर्चना के बाद मंदिर परिसर में जलती हुई मशाल लगाई जाएगी। इस दौरान हुड़के की थाप पर नौर्त लगते हैं। इसमें श्रद्धालु मन्नत मांगते हैं। मशाल की रोशनी में रातभर झोड़ा-चांचरी गाई जाती है। संवाद
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