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Pithoragarh News: जंगली सुअरों ने तोड़ दी पाइपलाइन, खोलियागांव में जलापूर्ति ठप
Wed, 04 Feb 2026 10:26 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 04 Feb 2026 10:26 PM IST
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अस्कोट (पिथौरागढ़)। सीमांत जिले में जंगली सुअर परेशानी का सबब बन रहे हैं। जंगली सुअरों ने पेयजल लाइन को तोड़ डाला जिससे खोलियागांव में पानी की आपूर्ति ठप हो गई। गांव में दो दिन से जलापूर्ति ठप है और 350 से अधिक की आबादी प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी ढोकर अपनी प्यास बुझा रही है।
हर घर जल योजना के तहत बनी रतक्वाली से खोलिया गांव योजना के पाइप को जंगली सुअर और जानवरों ने जगह-जगह क्षतिग्रस्त कर दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि जल स्रोत के पास सुअरों ने कंद-मूल और फल खाने के लिए जमीन खोद दी है। जमीन खोदने से स्रोत के साथ ही पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई है जिससे गांव में दो दिन से जलापूर्ति ठप है।
नलों में पानी न आने से ग्रामीण कड़ाके की ठंड में प्राकृतिक जल स्रोतों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर हैं। ग्राम प्रधान अंकिता पाल ने शीघ्र पेयजल आपूर्ति सुचारु करने और जंगली सुअरों से निजात दिलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द जलापूर्ति सुचारु नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। संवाद
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कोट
जंगली सुअरों के जमीन खोदने से पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हुई है। नया पाइप और अन्य सामान भेजा गया है। जल्द ही जलापूर्ति सुचारू कर दी जाएगी। - भुवन चंद्र भट्ट, प्रभारी, जल संस्थान कार्यालय, अस्कोट
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हर घर जल योजना के तहत बनी रतक्वाली से खोलिया गांव योजना के पाइप को जंगली सुअर और जानवरों ने जगह-जगह क्षतिग्रस्त कर दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि जल स्रोत के पास सुअरों ने कंद-मूल और फल खाने के लिए जमीन खोद दी है। जमीन खोदने से स्रोत के साथ ही पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई है जिससे गांव में दो दिन से जलापूर्ति ठप है।
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नलों में पानी न आने से ग्रामीण कड़ाके की ठंड में प्राकृतिक जल स्रोतों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर हैं। ग्राम प्रधान अंकिता पाल ने शीघ्र पेयजल आपूर्ति सुचारु करने और जंगली सुअरों से निजात दिलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द जलापूर्ति सुचारु नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। संवाद
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कोट
जंगली सुअरों के जमीन खोदने से पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हुई है। नया पाइप और अन्य सामान भेजा गया है। जल्द ही जलापूर्ति सुचारू कर दी जाएगी। - भुवन चंद्र भट्ट, प्रभारी, जल संस्थान कार्यालय, अस्कोट