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पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में ढाई माह में क्यों चली गईं चार महिलाओं की जान
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पिथौरागढ़। जिला अस्पताल में उपचार को आई महिलाओं के मौत के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन कोई न कोई बहाना बनाकर अपना पल्ला झाड़ रहा है। पूर्व में हुई महिला की मौत के मामले में डीएम ने जांच के आदेश दिए थे। जांच रिपोर्ट आने के बाद भी अभी तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाई है।
जिला महिला अस्पताल में पिछले ढाई माह में प्रसव के लिए आई चार महिलाओं की मौत हो चुकी। अस्पताल प्रबंधन कोई ना कोई बताकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है। इसी माह 3 फरवरी को डीडीहाट निवासी नीलम बोहरा की प्रसव के बाद मौत हो गई थी। महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। अस्पताल प्रबंधन का कहना था कि ऑपरेशन के बाद महिला के परिजनों ने उसे पानी पिला दिया था, जिस कारण उसकी मौत हो गई है।
परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण महिला की मौत हुई है। 7 दिसंबर 2019 को रेनू रौतेला (26) की मौत हो गई थी। उनके भाई गिरीराज सिंह का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन ने उनकी बहन के उपचार में लापरवाही बरती जिस कारण उसकी मौत हो गई। 3 दिसंबर को बजेटी निवासी गर्भवती महिला की मौत हो गई थी। जिला महिला अस्पताल में प्रसव के बाद महिलाओं के मौत के मामले बढ़ते जा रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन कभी परिजनों की लापरवाही और कभी संसाधनों की कमी को मौत का कारण बताकर कन्नी काट रहे हैं।
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पन्नों तक सिमटी जांचें
पिथौरागढ़। जिला महिला अस्पताल में पिछले ढाई माह में चार गर्भवती महिलाओं की मौत हो चुकी है। हर बार लोगों के आक्रोश को शांत करने के लिए जांच कमेटी बना दी जाती है। कमेटी की जांच रिपोर्ट आने के बाद भी अभी तक किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाई है। सीमांत यूथ मोर्चा के जिलाध्यक्ष सुशील खत्री का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
चार साल का मासूम मां की मौत से बेखबर
पिथौरागढ़। जिला महिला अस्पताल में चार साल का मासूम अंशुमन अपनी मां (रिद्धिमा) की मौत की खबर से बेखबर रहा। परिजनों के रौने के बाद वो बार-बार पूछ रहा था रो क्यों रहे हो। लेकिन अंशुमन को बात का जवाब किसी ने उसे नहीं दिया। अंशुमन मां की मौत की खबर से बेखबर रहा वो दिन भर जिला महिला अस्पताल में खेलता रहा।
ऐ अस्पताल आगौ लागी गिछ मेरी दीदी मारी हैल
पिथौरागढ़। महिला अस्पताल में प्रसव के बाद हुई रिद्धिमा की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। मृतका की बहन शांति फोन से परिजनों को मौत की खबर देती रही। उन्होंने रोते हुए कहा कि भाया ऐ अस्पताल आगौ लागी गिछ मेरी दीदी मारी हैल। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर उनकी बहन की हत्या करने का आरोप लगाया है।
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प्रसव के दौरान हुई महिला के मौत के मामले में जांच की जाएगी। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. उषा गुंज्याल, सीएमओ पिथौरागढ़।
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जिला महिला अस्पताल में पिछले ढाई माह में प्रसव के लिए आई चार महिलाओं की मौत हो चुकी। अस्पताल प्रबंधन कोई ना कोई बताकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है। इसी माह 3 फरवरी को डीडीहाट निवासी नीलम बोहरा की प्रसव के बाद मौत हो गई थी। महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। अस्पताल प्रबंधन का कहना था कि ऑपरेशन के बाद महिला के परिजनों ने उसे पानी पिला दिया था, जिस कारण उसकी मौत हो गई है।
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परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण महिला की मौत हुई है। 7 दिसंबर 2019 को रेनू रौतेला (26) की मौत हो गई थी। उनके भाई गिरीराज सिंह का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन ने उनकी बहन के उपचार में लापरवाही बरती जिस कारण उसकी मौत हो गई। 3 दिसंबर को बजेटी निवासी गर्भवती महिला की मौत हो गई थी। जिला महिला अस्पताल में प्रसव के बाद महिलाओं के मौत के मामले बढ़ते जा रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन कभी परिजनों की लापरवाही और कभी संसाधनों की कमी को मौत का कारण बताकर कन्नी काट रहे हैं।
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पिथौरागढ़। जिला महिला अस्पताल में पिछले ढाई माह में चार गर्भवती महिलाओं की मौत हो चुकी है। हर बार लोगों के आक्रोश को शांत करने के लिए जांच कमेटी बना दी जाती है। कमेटी की जांच रिपोर्ट आने के बाद भी अभी तक किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाई है। सीमांत यूथ मोर्चा के जिलाध्यक्ष सुशील खत्री का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
चार साल का मासूम मां की मौत से बेखबर
पिथौरागढ़। जिला महिला अस्पताल में चार साल का मासूम अंशुमन अपनी मां (रिद्धिमा) की मौत की खबर से बेखबर रहा। परिजनों के रौने के बाद वो बार-बार पूछ रहा था रो क्यों रहे हो। लेकिन अंशुमन को बात का जवाब किसी ने उसे नहीं दिया। अंशुमन मां की मौत की खबर से बेखबर रहा वो दिन भर जिला महिला अस्पताल में खेलता रहा।
ऐ अस्पताल आगौ लागी गिछ मेरी दीदी मारी हैल
पिथौरागढ़। महिला अस्पताल में प्रसव के बाद हुई रिद्धिमा की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। मृतका की बहन शांति फोन से परिजनों को मौत की खबर देती रही। उन्होंने रोते हुए कहा कि भाया ऐ अस्पताल आगौ लागी गिछ मेरी दीदी मारी हैल। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर उनकी बहन की हत्या करने का आरोप लगाया है।
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प्रसव के दौरान हुई महिला के मौत के मामले में जांच की जाएगी। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. उषा गुंज्याल, सीएमओ पिथौरागढ़।