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साढ़े छह किलो घटा अनशनकारी लवि का वजन
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आमरण अनशनकारियों का स्वास्थ परीक्षण करती स्वास्थ विभाग की टीम।
- फोटो : PITHORAGARH
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डीडीहाट(पिथौरागढ़)। जिला बनाओ संघर्ष समिति के बैनर तले आमरण अनशन के पांचवें दिन अनशनकारी लवि कफलिया को उठाने आई प्रशासन और पुलिस की टीम को बैरंग वापस लौटना पड़ा। आंदोलनकारी को उठाने पहुंची पुलिस प्रशासन की टीम को जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ा। बता दें कि एक तारीख से अनशन पर बैठे लवि का वजन करीब साढ़े छह किलो गिर गया है। उनके साथी दान सिंह देऊपा को पुलिस प्रशासन ने सोमवार को धरना स्थल से जबरन उठा दिया था। इसके बाद राज्य आंदोलनकारी शेर सिंह साही ने आमरण अनशन पर बैठे हैं।
रामलीला मैदान में जिले की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के पांचवें दिन अनशनकारी लवि कफलिया और शेर सिंह साही के स्वास्थ्य में गिरावट दर्ज की गई। अनशनकारियों का परीक्षण करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बताया कि पांच दिनों से आमरण अनशन में बैठे लवि के स्वास्थ्य में भारी गिरावट आ रही है। एक अक्तूबर से अभी तक लवि कफलिया का वजन साढ़े छह किलो कम हो गया है। शेर सिंह साही के वजन में भी एक किलोग्राम कम हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने लवि कफलिया के आमरण अनशन को समाप्त करने के लिए प्रशासन से बात की। तहसीलदार शुभांगिनी और थानाध्यक्ष हिमांशु पंत के नेतृत्व में पुलिस दल रामलीला मैदान पहुंचा लेकिन आमरण अनशन में बैठे लवि कफलिया ने वहां से उठने से मना कर दिया। प्रशासन के समझाने पर आंदोलनकारियों ने नारेबाजी तेज कर दी। आंदोलनकारियों के आक्रोश को देखते हुए प्रशासन की टीम को बैरंग वापस लौटना पड़ा।
डीडीहाट जिले का गठन ग्राम पंचायतों के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। आज कई ग्राम पंचायतों से लोग पलायन कर चुके हैं। जिला बना तो पलायन भी रुकेगा। - भीम सिंह बोरा।
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डीडीहाट जिले का गठन डीडीहाट सहित आसपास के क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। बिना डीडीहाट जिला गठन के यहां के विकास के बारे में सोचना भी मजाक होगा। - भुवन लाल वर्मा।
वर्ष 1960 से डीडीहाट जिले का आंदोलन शुरू हुआ था, जो आज तक चल ही रहा है। जिले का गठन कर सरकार को पहाड़ में छोटी इकाईयों का गठन कर देना चाहिए। - किशन शर्मा।
पलायन के कारण डीडीहाट बाजार की हालत खराब है। दुकानें ज्यादा ग्राहक कम हो गए हैं। डीडीहाट के व्यापार को बचाने के लिए जिले का गठन अतिशीघ्र करना चाहिए। - सुरेश धामी।
यूपी में मारे गए किसानों को दी श्रद्धांजलि
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। यूपी के लखीमपुर खीरी में मारे गए किसानों को जिला बनाओ संघर्ष समिति ने दो मिनट मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। दोनों आमरण अनशनकारियों ने कहा कि देश का युवा और देश का किसान अपने हकों की लड़ाई के लिए आंदोलनरत है। सरकार उनके आंदोलनों को कुचलने का प्रयास नहीं करना चाहिए। इस मौके पर जिला संघर्ष समिति के केएस जंगपांगी, राजेंद्र बोरा, खड़क सिंह बोरा, भीम सिंह, भुवन लाल वर्मा, कविंद्र साही, दान सिंह कन्याल, मोहन सिंह मर्तोलिया सहित कई युवा मौजूद रहे।
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रामलीला मैदान में जिले की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के पांचवें दिन अनशनकारी लवि कफलिया और शेर सिंह साही के स्वास्थ्य में गिरावट दर्ज की गई। अनशनकारियों का परीक्षण करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बताया कि पांच दिनों से आमरण अनशन में बैठे लवि के स्वास्थ्य में भारी गिरावट आ रही है। एक अक्तूबर से अभी तक लवि कफलिया का वजन साढ़े छह किलो कम हो गया है। शेर सिंह साही के वजन में भी एक किलोग्राम कम हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने लवि कफलिया के आमरण अनशन को समाप्त करने के लिए प्रशासन से बात की। तहसीलदार शुभांगिनी और थानाध्यक्ष हिमांशु पंत के नेतृत्व में पुलिस दल रामलीला मैदान पहुंचा लेकिन आमरण अनशन में बैठे लवि कफलिया ने वहां से उठने से मना कर दिया। प्रशासन के समझाने पर आंदोलनकारियों ने नारेबाजी तेज कर दी। आंदोलनकारियों के आक्रोश को देखते हुए प्रशासन की टीम को बैरंग वापस लौटना पड़ा।
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डीडीहाट जिले का गठन ग्राम पंचायतों के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। आज कई ग्राम पंचायतों से लोग पलायन कर चुके हैं। जिला बना तो पलायन भी रुकेगा। - भीम सिंह बोरा।
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डीडीहाट जिले का गठन डीडीहाट सहित आसपास के क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। बिना डीडीहाट जिला गठन के यहां के विकास के बारे में सोचना भी मजाक होगा। - भुवन लाल वर्मा।
वर्ष 1960 से डीडीहाट जिले का आंदोलन शुरू हुआ था, जो आज तक चल ही रहा है। जिले का गठन कर सरकार को पहाड़ में छोटी इकाईयों का गठन कर देना चाहिए। - किशन शर्मा।
पलायन के कारण डीडीहाट बाजार की हालत खराब है। दुकानें ज्यादा ग्राहक कम हो गए हैं। डीडीहाट के व्यापार को बचाने के लिए जिले का गठन अतिशीघ्र करना चाहिए। - सुरेश धामी।
यूपी में मारे गए किसानों को दी श्रद्धांजलि
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। यूपी के लखीमपुर खीरी में मारे गए किसानों को जिला बनाओ संघर्ष समिति ने दो मिनट मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। दोनों आमरण अनशनकारियों ने कहा कि देश का युवा और देश का किसान अपने हकों की लड़ाई के लिए आंदोलनरत है। सरकार उनके आंदोलनों को कुचलने का प्रयास नहीं करना चाहिए। इस मौके पर जिला संघर्ष समिति के केएस जंगपांगी, राजेंद्र बोरा, खड़क सिंह बोरा, भीम सिंह, भुवन लाल वर्मा, कविंद्र साही, दान सिंह कन्याल, मोहन सिंह मर्तोलिया सहित कई युवा मौजूद रहे।