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दूर से ढो रहे पानी, हिसाब लगाकर कर रहे खर्च
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क्षतिग्रस्त पेयजल योजना।
- फोटो : PITHORAGARH
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मदकोट (पिथौरागढ़)। आपदा के साथ महंगाई तो बढ़ी ही पानी भी कीमती हो गया है। पेयजल लाइनें ध्वस्त होने के कारण बूढ़े, बच्चे और जवान कई किलोमीटर दूर से पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। ऐसे में खाना पकाने से लेकर बर्तन व कपड़े धोने और स्नान आदि में भी ‘कीमती’ पानी को हिसाब से खर्च किया जा रहा है।
18 अक्तूबर को आई आपदा से सीमांत मुनस्यारी विकासखंड के चौना, भदेली, मटेना, मालूपाती पेयजल लाइन ध्वस्त हो गई है। लोगों को एक किमी दूर से पानी ढोना पड़ रहा है। गांवों के रास्ते क्षतिग्रस्त होने से लोगों को आवाजाही में भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
हालात यह हैं कि पूरा दिन पानी जुटाने में ही बीत रहा है। कई लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। परेशान पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जल संस्थान से क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं का शीघ्र सुधार करने की मांग की है।
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18 अक्तूबर को पानी की लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। गांवों में पानी का संकट बना हुआ है। सभी परिवार खेती पशुपालन से जुड़े हैं। सभी परिवारों को पानी की आपूर्ति करने में परेशानी उठानी पड़ रही है। जल संस्थान को शीघ्र ध्वस्त योजना का सुधार करना चाहिए। -हीरा देवी, ग्राम प्रधान चौना।
-हीरा देवी, ग्राम प्रधान चौना।
हर साल जुलाई से आपदा में पेयजल सहित हर तरह के संकट का सामना करना पड़ता है। इस बार अक्तूबर में आई आपदा के कारण पानी की योजना क्षतिग्रस्त हुई है। पानी नहीं आने से दो हजार की आबादी परेशान है। -हेमा देवी, ग्राम प्रधान मटेना मालूपाती।
-हेमा देवी, ग्राम प्रधान मटेना मालूपाती।
आपदा के कारण लगभग दो सौ मीटर पानी की लाइन क्षतिग्रस्त है। लोग नौलों या फिर गधेरों से पानी जुटा रहे हैं। जल संस्थान को क्षतिग्रस्त पेयजल योजना का शीघ्र सुधार करना चाहिए। यदि पेयजल योजना का सुधार नहीं किया जाता है तो आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ेगा। -बीरेंद्र सिंह चिराल, अध्यक्ष युवक मंगल दल चौना।
-बीरेंद्र सिंह चिराल, अध्यक्ष युवक मंगल दल चौना।
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18 अक्तूबर को आई आपदा से सीमांत मुनस्यारी विकासखंड के चौना, भदेली, मटेना, मालूपाती पेयजल लाइन ध्वस्त हो गई है। लोगों को एक किमी दूर से पानी ढोना पड़ रहा है। गांवों के रास्ते क्षतिग्रस्त होने से लोगों को आवाजाही में भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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हालात यह हैं कि पूरा दिन पानी जुटाने में ही बीत रहा है। कई लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। परेशान पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जल संस्थान से क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं का शीघ्र सुधार करने की मांग की है।
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18 अक्तूबर को पानी की लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। गांवों में पानी का संकट बना हुआ है। सभी परिवार खेती पशुपालन से जुड़े हैं। सभी परिवारों को पानी की आपूर्ति करने में परेशानी उठानी पड़ रही है। जल संस्थान को शीघ्र ध्वस्त योजना का सुधार करना चाहिए। -हीरा देवी, ग्राम प्रधान चौना।
-हीरा देवी, ग्राम प्रधान चौना।
हर साल जुलाई से आपदा में पेयजल सहित हर तरह के संकट का सामना करना पड़ता है। इस बार अक्तूबर में आई आपदा के कारण पानी की योजना क्षतिग्रस्त हुई है। पानी नहीं आने से दो हजार की आबादी परेशान है। -हेमा देवी, ग्राम प्रधान मटेना मालूपाती।
-हेमा देवी, ग्राम प्रधान मटेना मालूपाती।
आपदा के कारण लगभग दो सौ मीटर पानी की लाइन क्षतिग्रस्त है। लोग नौलों या फिर गधेरों से पानी जुटा रहे हैं। जल संस्थान को क्षतिग्रस्त पेयजल योजना का शीघ्र सुधार करना चाहिए। यदि पेयजल योजना का सुधार नहीं किया जाता है तो आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ेगा। -बीरेंद्र सिंह चिराल, अध्यक्ष युवक मंगल दल चौना।
-बीरेंद्र सिंह चिराल, अध्यक्ष युवक मंगल दल चौना।