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Pithoragarh News: ग्राम प्रधान के हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा
Wed, 09 Aug 2023 10:41 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 09 Aug 2023 10:41 PM IST
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पिथौरागढ़। जिला सत्र न्यायाधीश शंकर राज ने ग्राम प्रधान की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास और 80,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामले के अनुसार 19 सितंबर 2020 को थल तहसील क्षेत्र के माछीखेत गांव में नीरज सिंह ने ग्राम प्रधान पुष्कर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या करने के लिए आरोपी ने पड़ोसी राजेंद्र सिंह की लाइसेंसी बंदूक चोरी की थी। हत्या के बाद वह फरार हो गया था जिसे नागलिंग मंदिर के बाथरूम से बंदूक और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया था। हत्यारोपी नीरज सिंह के खिलाफ राजस्व पुलिस में आईपीसी की धारा 302 सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
यह मामला जिला सत्र न्यायालय में चला। इस मामले में कुल नौ गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश शंकर राज ने नीरज सिंह को दोष सिद्ध करार दिया। सत्र न्यायाधीश ने दोषसिद्ध को आईपीसी की धारा 302 के लिए आजीवन कारावास और 50,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को पांच वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा 457 के अपराध के लिए 14 वर्ष के कठोर कारावास और 10,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
धारा 380 के अपराध के लिए सात वर्ष के कठोर कारावास और 10,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। जुर्माना नहीं देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। धारा 411 के लिए तीन वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड नहीं देने पर छह माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
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आयुध अधिनियम के तहत सात वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। जुर्माना नहीं देने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोषसिद्ध की सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। यदि दोषसिद्ध जुर्माने की धनराशि जमा करता है तो इस धनराशि में से 60,000 रुपये मृतक पुष्कर सिंह की पत्नी सरस्वती देवी को प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे। मामले की पैरवी डीजीसी प्रमोद पंत और एडीजीसी प्रेम भंडारी ने की।
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मामले के अनुसार 19 सितंबर 2020 को थल तहसील क्षेत्र के माछीखेत गांव में नीरज सिंह ने ग्राम प्रधान पुष्कर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या करने के लिए आरोपी ने पड़ोसी राजेंद्र सिंह की लाइसेंसी बंदूक चोरी की थी। हत्या के बाद वह फरार हो गया था जिसे नागलिंग मंदिर के बाथरूम से बंदूक और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया था। हत्यारोपी नीरज सिंह के खिलाफ राजस्व पुलिस में आईपीसी की धारा 302 सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
यह मामला जिला सत्र न्यायालय में चला। इस मामले में कुल नौ गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश शंकर राज ने नीरज सिंह को दोष सिद्ध करार दिया। सत्र न्यायाधीश ने दोषसिद्ध को आईपीसी की धारा 302 के लिए आजीवन कारावास और 50,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को पांच वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा 457 के अपराध के लिए 14 वर्ष के कठोर कारावास और 10,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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धारा 380 के अपराध के लिए सात वर्ष के कठोर कारावास और 10,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। जुर्माना नहीं देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। धारा 411 के लिए तीन वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड नहीं देने पर छह माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
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आयुध अधिनियम के तहत सात वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। जुर्माना नहीं देने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोषसिद्ध की सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। यदि दोषसिद्ध जुर्माने की धनराशि जमा करता है तो इस धनराशि में से 60,000 रुपये मृतक पुष्कर सिंह की पत्नी सरस्वती देवी को प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे। मामले की पैरवी डीजीसी प्रमोद पंत और एडीजीसी प्रेम भंडारी ने की।