Uttarakhand: पिथौरागढ़ में धूमधाम से मनाया गया विजय दशमी का पर्व, 20 से अधिक जोड़े विवाह बंधन में बंधे
विजय दशमी पर लोकपर्व हरेला भी धूमधाम से मनाया गया। लोगों ने हरेले को काटकर इसे नव दुर्गा को अर्पित करने के बाद आशीष स्वरूप सिर पर धारण किया। घर की बुजुर्ग महिलाओं ने परिजनों के सिर पर हरेला रख मंगल कामना की। मंदिरों में भी भक्तों की खासी भीड़ रही।
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विजय दशमी पर्व पर जिले भर में 20 से अधिक जोड़े विवाह बंधन में बंधे। बरात घरों के साथ ही मंदिरों में विवाह समारोह संपन्न हुए और लंबे समय बाद बरातियों को थिरकने का मौका मिला। नगर से लेकर गांवों तक ढोल-नगाड़ों, बैंड की धुन गूंजती रही।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी यानि देवशयनी एकादशी से मांगलिक कार्यों पर ब्रेक लगता है। इस दिन से भगवान विष्णु चार माह के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं। विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्यों पर भी रोक रहती है। विजय दशमी को शुभ कार्य करने की मान्यता है। मान्यता के अनुसार भगवान राम के रावण का वध कर लंका पर विजय हासिल करने की वजह से विजय दशमी विवाह के लिए शुभ मानी गई है। ऐसे में शनिवार को विजय दशमी पर जिले भर में 20 से अधिक विवाह संपन्न हुए। कई जोड़ों ने मंदिरों में तो कई ने बरात घरों में एक-दूसरे के गले में वरमाला डालकर सात जन्मों तक साथ निभाने का वादा किया। बराती भी विवाह समारोह में ढोल-नगाड़ों, छोलिया नृत्य पर जमकर थिरके। संवाद
विजय दशमी पर धूमधाम से मनाया गया हरेला पर्व, मंदिरों में रही भीड़
विजय दशमी पर लोकपर्व हरेला भी धूमधाम से मनाया गया। लोगों ने हरेले को काटकर इसे नव दुर्गा को अर्पित करने के बाद आशीष स्वरूप सिर पर धारण किया। घर की बुजुर्ग महिलाओं ने परिजनों के सिर पर हरेला रख मंगल कामना की। मंदिरों में भी भक्तों की खासी भीड़ रही।
विजया दशमी पर लोगों ने मंदिर में बोए गए हरेले को काटकर सिरोधार्य किया। महिलाओं ने परिजनों के सिर पर हरेला रख जी रया, जाग रया मांगलिक गीतों के साथ उन्हें सुख-समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद दिया। हरेला पर्व पर घरों में विभिन्न पकवान बनाए गए। वहीं विजय दशमी पर मंदिरों में भी भीड़ रही। नगर के नजदीक गुरना मंदिर, कामाख्या, उल्का देवी, गंगोलीहाट के हाट कालिका, पांखू के कोटगाड़ी सहित अन्य मंदिरों में पहुंचकर भक्तों ने अपनी आराध्य देवी से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। वहीं घरों और मंदिरों में कन्या पूजन हुआ। नवरात्र का व्रत रखने वालों ने कन्या पूजन कर व्रत तोड़ा। जगह-जगह भंडारे का भी आयोजन किया गया।
हवन के साथ हुआ जागरण का समापन
अस्कोट में विजय दशमी पर्व पर क्षेत्र के खोलिया गांव स्थित हुष्कर देव मंदिर में नव दिवसीय जागरण का हवन, रुद्रीपाठ, गो दान के साथ समापन हुआ। पंडित मोहन चंद्र ओझा ने मुख्य यजमान तेज बहादुर पाल और उनकी पत्नी सावित्री देवी से पूजा संपन्न कराई। इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में ग्रामीणों ने सहयोग दिया। इस दौरान मंदिर समिति के अध्यक्ष आन सिंह, जगदीश पाल, गोविंद पाल, हेमंत, गौरव, आशीष, केबी पाल, मोहित सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
बजेटी में हुआ हनुमान चालीसा का पाठ
विजय दशमी पर हिंदू जागरण मंच ने बजेटी के सुनीगैर में ईश्वरी दत्त तिवारी के आवास पर हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान कन्या पूजन भी हुआ। पूरे दिन मंच के कार्यकर्ताओं के साथ ही स्थानीय लोगों ने भजन-कीर्तन किए। सभी ने भगवान राम के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इस मौके पर मंच के संयोजक दीपक तिवारी, अंकिता तिवारी, हेमा तिवारी, राजेश, मनोज, भूपेश सहित अन्य लोग मौजूद रहे।