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शांत वादियों में अशांति फैलाने की कोशिश

Sun, 13 Dec 2015 10:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Sun, 13 Dec 2015 10:04 PM IST
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Trying to calm the litigants subverting

पहाड़ की शांत वादियों में अशांति फैलाने की कोशिश पुलिस और प्रशासन की तत्परता से नाकामयाब रही। मामला हरियाणा के एक उद्योगपति द्वारा राईआगर में अपने गुर्गों से दहशत फैलाकर जबरन खड़िया खनन के प्रयास का है। स्थानीय लोगों, प्रशासन और पुलिस की सक्रियता से यहां बड़ा बवाल होने से बच गया। मामले में पुलिस ने उद्योगपति के निजी सुरक्षाकर्मी को 25 आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया है। इसके अलावा 69 लोगों का शांतिभंग में चालान हुआ है। पुलिस कार्रवाई देर शाम तक जारी है।

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पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार राईआगर में ललित मोहन पेटशाली के खनन पट्टे का संचालन लाखन सिंह नाम का व्यक्ति करता था। उसने कुछ समय पहले इसे संचालन के लिए हरियाणा के एक उद्योगपति मनीष यादव को सौंपा। मनीष यादव ने गत वर्ष यहां पोकलैंड मशीन से खनन कार्य शुरू करवाने का प्रयास किया था। ग्रामीणों ने गांव के रास्ते से मशीन खनन क्षेत्र में नहीं जाने दी। शनिवार को दर्जनों वाहनों और मोटरसाइकिलों में बाहर से आए लोग राईआगर और चौकोड़ी के होटलों में रुके थे। रविवार सुबह 100 से ज्यादा लोग एक साथ संबंधित खनन क्षेत्र के पास जमा हो गए। इन्होंने मौके पर 1 साल से पड़ी पोकलैंड मशीन को खनन क्षेत्र में ले जाने का प्रयास किया। मौके पर इतने लोगों का जमावड़ा देख कर स्थानीय लोग दहशत में आ गए। इसके बावजूद लोगों ने मशीन का रास्ता रोक दिया। सूचना के बाद पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा। बेड़ीनाग के अलावा थल और गंगोलीहाट से भी फोर्स बुलाई गई। तनाव को देखते हुए एसडीएम प्रमोद कुमार, सीओ जीएल कोहली, थाना प्रभारी एसएस नयाल, थल के थाना प्रभारी विजेंद्र साह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस हरियाणा से आए इन सभी लोगों को बेड़ीनाग थाने ले आई। इनके पहुंचते ही भारी संख्या में ग्रामीण भी जुलूस लेकर थाने पहुंच गए। ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी इलाके में खनन हुआ था। गांव के किसी भी किसान को जमीन का मुआवजा नहीं दिया गया। खनन के कारण 12 परिवार खतरे की जद में आ गए हैं। मशीनों से खनन के कारण मंदिर और गांव जाने वाले रास्ते टूट गए हैं। ग्रामीणों ने एलान किया कि वह इलाके में किसी प्रकार का खनन नहीं होने देंगे। इस बीच हरियाणा के उद्यमी मनीष यादव ने पुलिस और प्रशासन को बांड पेपर पर लिखकर दिया कि वह मशीनों से खनन नहीं करेगा और खनन का काम मानवशक्ति से ही किया जाएगा। खनन के लिए गांव के लोगों के साथ सहमति बनाई जाएगी, लेकिन ग्रामीण अब भी इस बात पर अडिग हैं कि किसी सूरत में खनन नहीं होने देंगे।

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