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Pithoragarh News: सीमांत के किसी भी सरकारी अस्पताल में लेवल-टू जांच की सुविधा नहीं

Thu, 07 Aug 2025 11:00 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Thu, 07 Aug 2025 11:00 PM IST
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There is no level-two testing facility in any government hospital in the border area
पिथौरागढ़। आधुनिक और बेहतर इलाज के दावों के बीच जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में गर्भवतियों की लेवल-टू जांच नहीं होती है। इस जांच के लिए न तो रेडियोलॉजिस्ट हैं और न आधुनिक मशीन। ऐसे में सीमांत जिले की गर्भवतियां लेवल-टू जांच के लिए मैदानी क्षेत्रों (हल्द्वानी, रुद्रपुर, बरेली आदि) के बड़े अस्पतालों पर निर्भर हैं।
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गर्भस्थ शिशु की शारीरिक संरचना, विकास और कमियों का पता लगाने के लिए लेवल-टू जांच जरूरी है। इस जांच में पता चलता है कि गर्भस्थ शिशु का विकास सही तरीके से हो रहा है या नहीं। गर्भस्थ शिशु में कमियों का पता लगाकर समय रहते इलाज किया जा सकता है। हैरत की बात है कि सीमांत जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में इस जांच की सुविधा नहीं है। इस जांच के लिए रेडियोलॉजी में डिग्रीधारी विशेषज्ञ की तैनाती जरूरी है।
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सिर्फ जिला अस्पताल में ही एक चिकित्सक को रेडियोलॉजी का छह माह का प्रशिक्षण देकर तैनात किया गया है जिसके भरोसे जिले की सभी गर्भवतियों का अल्ट्रासाउंड हो रहा है। हर रोज 60 से 70 गर्भवतियां अल्ट्रासाउंड के लिए जिला अस्पताल पहुंचती हैं। इनमें से 15 से 20 गर्भवतियों को लेवल-टू जांच की जरूरत होती है। विशेषज्ञ और आधुनिक मशीन न होने से इन्हें हायर सेंटर रेफर करना अस्पताल प्रबंधन की मजबूरी बन जाता है।
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नियमित रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती करना बना चुनौती
स्वास्थ्य विभाग ने किसी तरह लेवल-टू जांच के लिए आधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन की व्यवस्था की तो उसे इसके लिए बेहद जरूरी प्रशिक्षित रेडियोलॉजिस्ट की भी तैनाती करनी होगी। जिले में एक साल से नियमित रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो सकी है। बीते दिनों सेवा विस्तार के जरिये एक विशेषज्ञ रेडियोलॉजिस्ट को जिला अस्पताल में नियुक्ति मिली थी। उनकी भी स्वास्थ्य कारणों से हल्द्वानी में तैनाती कर दी गई है। नियमित रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती में स्वास्थ्य विभाग के पसीने छूट रहे हैं। ऐसे में लेवल-टू जांच की सुविधा गर्भवतियों को उपलब्ध कराना विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है।

कोट
फिलहाल जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में लेवल-टू जांच की सुविधा नहीं है। इसके लिए रेडियोलॉजिस्ट और आधुनिक मशीन जरूरी होते हैं। इस जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए शासन में पत्राचार किया जाएगा। - डॉ. एसएस नबियाल, सीएमओ, पिथौरागढ़
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