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Pithoragarh News: देवलथल अस्पताल में प्रसव की सुविधा नहीं, रेफर के लिए एंबुलेंस भी नहीं
Wed, 18 Feb 2026 10:35 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 18 Feb 2026 10:35 PM IST
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पिथौरागढ़। जिले में खोले गए सरकारी अस्पतालों की हालत चिंताजनक है। किसी अस्पताल में इलाज के लिए डॉक्टर नहीं हैं तो किसी में प्रसव कराने के लिए स्टाफ नर्स नहीं। सिस्टम की यह अनदेखी सीमांत के मरीजों और गर्भवतियों पर भारी पड़ रही है। यही हाल 40 से अधिक गांवों के ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के दावे कर खोले गए देवलथल अस्पताल का है।
देवलथल ऐलोपैथिक अस्पताल पर बाराबीसी क्षेत्र के बिसौनाखान, बुंगाछीना, बमडोली, मोडी, चमू, अलगड़ा सहित 40 से अधिक गांवों की 15 हजार से अधिक की आबादी के इलाज की जिम्मेदारी है। मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहा यह अस्पताल खुद ही बीमार पड़ा है। स्टाफ नर्स की तैनाती न होने से यहां गर्भवतियों के प्रसव ठप हैं। अस्पताल प्रबंधन के लिए गर्भवतियों को हायर सेंटर रेफर करना मजबूरी है।
हैरानी की बात है कि गर्भवतियों को प्रसव के लिए हायर सेंटर पहुंचाने के लिए एंबुलेंस भी नहीं है। जरूरत पड़ने पर 16 किलोमीटर दूर कनालीछीना या 30 किलोमीटर दूर थल से एंबुलेंस मंगवानी पड़ रही है। एंबुलेंस को पहुंचने में लंबा समय लगने से गर्भवतियों की जान आफत में फंस रही है। ऐसे में परिजन जच्चा-बच्चा की जान बचाने के लिए गर्भवतियों को निजी वाहन बुक कर हायर सेंटर पहुंचाने के लिए मजबूर हैं।
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उच्चीकरण की मांग पर भी नहीं हुई सुनवाई
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि लंबे समय से इस अस्पताल के उच्चीकरण की मांग की जा रही है लेकिन इसके लिए स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं है। न तो अस्पताल का उच्चीकरण किया जा रहा है और ना ही स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार। लोगों ने कहा कि लंबे समय से देवलथल में एंबुलेंस की मांग की जा रही है लेकिन कोरे आश्वासनों के अलावा कुछ नहीं मिला है।
बोले लोग
हमारे अस्पताल में न तो जांच होती है और न प्रसव। ऐसे में यह अस्पताल हमारे काम नहीं आ रहा है और हम बेहतर इलाज के लिए अन्य अस्पतालों पर निर्भर हैं। - डुंगर कुमार, देवलथल
यदि देवलथल अस्पताल का उच्चीकरण होता तो यहां स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होता। अस्पताल में प्रसव कराने के लिए स्टाफ नर्स की तैनाती नहीं हुई है इसकी मार क्षेत्र की गर्भवतियों को सहनी पड़ रही है। - कुंदन सिंह सामंत, ग्राम प्रधान, लोहाकोट
अस्पताल में प्रसव कराने के लिए न तो स्टाफ नर्स है और न एंबुलेंस मिली है। ऐसे में गर्भवतियों को वाहन बुक कर हायर सेंटर ले जाना पड़ रहा है। यह अस्पताल हमारे काम नहीं आ रहा है। - गोकुल कुमार, बीडीसी सदस्य, लोहाकोट
स्थानीय स्तर पर खोला गए अस्पताल में प्रसव की सुविधा न होना गंभीर है। गर्भवतियों को हायर सेंटर ले जाने के लिए भी एंबुलेंस नहीं है। एंबुलेंस की तैनाती के सिर्फ कोरे आश्वासन मिले हैं। - जगदीश कुमार, पूर्व जिला पंचायत सदस्य, दिगरा मुवानी
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देवलथल ऐलोपैथिक अस्पताल पर बाराबीसी क्षेत्र के बिसौनाखान, बुंगाछीना, बमडोली, मोडी, चमू, अलगड़ा सहित 40 से अधिक गांवों की 15 हजार से अधिक की आबादी के इलाज की जिम्मेदारी है। मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहा यह अस्पताल खुद ही बीमार पड़ा है। स्टाफ नर्स की तैनाती न होने से यहां गर्भवतियों के प्रसव ठप हैं। अस्पताल प्रबंधन के लिए गर्भवतियों को हायर सेंटर रेफर करना मजबूरी है।
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हैरानी की बात है कि गर्भवतियों को प्रसव के लिए हायर सेंटर पहुंचाने के लिए एंबुलेंस भी नहीं है। जरूरत पड़ने पर 16 किलोमीटर दूर कनालीछीना या 30 किलोमीटर दूर थल से एंबुलेंस मंगवानी पड़ रही है। एंबुलेंस को पहुंचने में लंबा समय लगने से गर्भवतियों की जान आफत में फंस रही है। ऐसे में परिजन जच्चा-बच्चा की जान बचाने के लिए गर्भवतियों को निजी वाहन बुक कर हायर सेंटर पहुंचाने के लिए मजबूर हैं।
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उच्चीकरण की मांग पर भी नहीं हुई सुनवाई
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि लंबे समय से इस अस्पताल के उच्चीकरण की मांग की जा रही है लेकिन इसके लिए स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं है। न तो अस्पताल का उच्चीकरण किया जा रहा है और ना ही स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार। लोगों ने कहा कि लंबे समय से देवलथल में एंबुलेंस की मांग की जा रही है लेकिन कोरे आश्वासनों के अलावा कुछ नहीं मिला है।
बोले लोग
हमारे अस्पताल में न तो जांच होती है और न प्रसव। ऐसे में यह अस्पताल हमारे काम नहीं आ रहा है और हम बेहतर इलाज के लिए अन्य अस्पतालों पर निर्भर हैं। - डुंगर कुमार, देवलथल
यदि देवलथल अस्पताल का उच्चीकरण होता तो यहां स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होता। अस्पताल में प्रसव कराने के लिए स्टाफ नर्स की तैनाती नहीं हुई है इसकी मार क्षेत्र की गर्भवतियों को सहनी पड़ रही है। - कुंदन सिंह सामंत, ग्राम प्रधान, लोहाकोट
अस्पताल में प्रसव कराने के लिए न तो स्टाफ नर्स है और न एंबुलेंस मिली है। ऐसे में गर्भवतियों को वाहन बुक कर हायर सेंटर ले जाना पड़ रहा है। यह अस्पताल हमारे काम नहीं आ रहा है। - गोकुल कुमार, बीडीसी सदस्य, लोहाकोट
स्थानीय स्तर पर खोला गए अस्पताल में प्रसव की सुविधा न होना गंभीर है। गर्भवतियों को हायर सेंटर ले जाने के लिए भी एंबुलेंस नहीं है। एंबुलेंस की तैनाती के सिर्फ कोरे आश्वासन मिले हैं। - जगदीश कुमार, पूर्व जिला पंचायत सदस्य, दिगरा मुवानी