उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फिर हिमपात
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रविवार को पूरे दिन आसमान पर बादल छाए रहने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान धारचूला और मुनस्यारी के ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात हुआ। मुनस्यारी में तापमान शून्य से 2 डिग्री नीचे चला गया है। कड़ाके की ठंड से मुनस्यारी में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त है। सुबह और शाम कड़ाके की ठंड के कारण लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। उधर, धारचूला तहसील में कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर लगातार हिमपात हो रहा है। बूंदी से लेकर लिपुलेख तक का पूरा इलाका बर्फ से ढक गया है। गुंजी में भारी हिमपात हुआ है। केेएमवीएन के कैंप पूरी तरह बर्फ से ढक गए हैं।
जिला मुख्यालय में रविवार को फिर कड़ाके की ठंड लौट आई है। दिनभर आसमान पर घने बादल छाए रहने से यहां तापमान में गिरावट आ गई। मौसम विभाग के अनुसार 31 जनवरी को फिर से बादलों की सघनता बढ़ जाएगी और कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना है। ऊंचाई वाले इलाकों में फिलहाल हिमपात की संभावना बनी रहेगी। इस बीच घाटी वाले इलाकों में कोहरे का असर बना है। सुबह 11 बजे तक छाए रहने वाले कोहरे से यातायात पर भी असर पड़ रहा है। थल, मुवानी, घाट, पनार, जौलजीबी में कोहरे के कारण सुबह कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
सिर्फ एक जगह अलाव जल रहा
मुनस्यारी। कड़ाके की ठंड के बीच मुनस्यारी में सिर्फ बस स्टेशन पर ही अलाव जल रहा है, जबकि प्रशासन ने नगर में चार स्थानों को अलाव जलाने के लिए तय किया था। लोगों की मांग है कि नगर के मुख्य चौराहों पर अलाव जलाए जाएं, ताकि गरीबों को ठंड से राहत मिल सके। लोगों का कहना है कि अलाव जलाने के लिए अतिरिक्त धन की व्यवस्था की जाए।