फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   The rain of disaster increased the troubles.

Pithoragarh News: आफत की बारिश बढ़ा गई दुश्वारियां

Sat, 06 Jul 2024 11:30 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Sat, 06 Jul 2024 11:30 PM IST
विज्ञापन
The rain of disaster increased the troubles.
ऐलागाड़ के पास फंसे लोगों के सा​थ एनडीआरफ की टीम। संवाद
लोहाघाट (चंपावत)। क्षेत्र में तीन दिनों से लगातार भारी बारिश के चलते लोहाघाट-घाट एनएच में चीड़ का भारी पेड़ गिरने से दो घंटे यातायात बंद रहा। दमकल टीम ने पेड़ का निस्तारण कर यातायात सुचारु किया।
विज्ञापन

शनिवार सुबह भारी बारिश के चलते बाराकोट-घाट एनएच में भारतोली के पास चीड़ का भारी भरकम पेड़ गिर गया, जिससे यातायात बंद हो गया। एनएच बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना पर अग्निशमन अधिकारी चंदन राम के नेतृत्व में टीम ने दो घंटे की मशक्कत के बाद पेड़ को हटाया। दमकल विभाग की टीम में एलएफएम राजेश कार्की, जगदीश तिलाड़ा, गोविंद पनेरु, कुंदन गिरी, पारस वर्मा शामिल रहे।
विज्ञापन



थल-मुनस्यारी सड़क पर भी हो रहा भूस्खलन
नाचनी (पिथौरागढ़)। सीमांत जिले में मूसलाधार बारिश से कई इलाकों में जनजीवन अस्तव्यस्त रहा। थल मुनस्यारी सड़क पर नई बस्ती के पास मलबा आने से 10 घंटे से बंद रही। इससे यात्रियों को काफी देर तक वाहनों का इंतजार करना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन

लोनिवि के अवर अभियंता कृष्णा पिपलिया ने बताया कि सुबह आठ बजे सड़क यातायात के खोल दी है। पहाड़ी से लगातार गिर रहे मलबे को तीन-तीन घंटे में मशीन से हटाया जा रहा है। नई बस्ती के पास पहाड़ी से 150 मीटर क्षेत्र में लगातार भूस्खलन हो रहा है। इस जगह पर एक चैन डोजर तैनात किया गया है जो मलबे को हटा रही है।


बाटनागाड़ में आया भारी मलबा, एक घंटे बंद रहा मार्ग

टनकपुर (चंपावत)। पूर्णागिरि मार्ग पर बाटना गाड़ में बरसाती पानी के साथ मलबा आने का क्रम जारी है। शनिवार सुबह करीब एक घंटे यातायात बंद रहा। लोनिवि की जेसीबी ने मलबा हटाकर यातायात को सुचारु किया। मां पूर्णागिरि मंदिर समिति के अध्यक्ष किशन तिवारी ने डीएम को ज्ञापन भेजकर बाटनागाड़ में बार-बार मार्ग बंद होने के समाधान की मांग की है।
लोनिवि के अनुसार भारी बारिश के चलते बाटनागाड़ सुबह उफान पर रहा। सुबह 7:30 बजे से करीब 8:30 बजे तक मलबा आने से मार्ग बंद रहा। पानी कम होते ही जेसीबी से मलबा हटाया गया। बाटनागाड़ में बार-बार मार्ग बंद होने की समस्या को देखते हुए मां पूर्णागिरि मंदिर समिति अध्यक्ष तिवारी ने लोनिवि एई लक्ष्मण सिंह सामंत के साथ शुक्रवार शाम को जायजा लिया। अध्यक्ष तिवारी ने डीएम को ज्ञापन भेजकर बाटना गाड़ नाले के सुरक्षात्मक कार्य कराने की मांग की है। कहा कि वर्तमान में पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो रही है। पोकलैंड से नाले के ऊपरी भाग में आने वाले पानी को डायवर्ट और उचौलीगोठ गांव को खतरे से बचाव, बाटनागाड़ में पड़े मलबे को निस्तारित करने की मांग की है।






गाद ने बिजली उत्पादन और पेयजलापूर्ति की ठप
बनबसा (चंपावत)। पहाड़ों में हुई वर्षा से शारदा नदी में अत्यधिक गाद (मलबा) आने से एनएचपीसी ने सुरक्षा के तहत टनकपुर बैराज से पावर चैनल की जलापूर्ति बंद कर दी है। इससे टनकपुर पावर स्टेशन का उत्पादन ठप हो गया है। नदी में पानी साफ होने के बाद दोबारा पावर चैनल में पानी छोड़ा जाएगा। उधर बनबसा शारदा नहर की जलापूर्ति भी रोकी गई है।
शारदा नदी में मलबा आने से शनिवार सुबह 11:30 बजे बाद बनबसा शारदा हेडवर्क्स प्रशासन ने भी शारदा नहर की पानी सप्लाई बंद कर दी है जिससे खटीमा लोहियाहेड स्थित जल विद्युत निगम का उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। यूपी सिंचाई विभाग के एसडीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि देर शाम नदी का पानी साफ होते ही नहर में पानी छोड़ा जाएगा। बताया कि नदी में गाद आने से नहर में सिल्ट जमाव और पावर हाउस की मशीनों को घिसाव से बचाने के लिए पावर चैनल और शारदा नहर की जलापूर्ति बंद की जाती है।




दूसरे दिन भी मां पूर्णागिरि धाम में नहीं खुल पाया पैदल मार्ग, कपाट रहे बंद

टनकपुर (चंपावत)। भारी बारिश के बीच मां पूर्णागिरि धाम के काली मंदिर और मुख्य मंदिर के बीच पैदल मार्ग पर मलबा आने से आवाजाही दूसरे दिन भी बंद रही। इससे श्रद्धालु काली मंदिर आने वाले श्रद्धालु रामबेड़ा के पास प्रवेश गेट पर ही पूजा अर्चना कर लौटते रहे।
दोपहर में लोनिवि के श्रमिकों ने पैदल मार्ग पर आए मलबे को हटाने का कार्य शुरु किया। मंदिर कमेटी अध्यक्ष किशन तिवारी और लोनिवि एई लक्ष्मण सिंह सामंत ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। एई ने बताया कि जल्द पैदल एक ओर जाने का रास्ता बना दिया जाएगा लेकिन पूरा मलबा हटाने में एक-दो दिन लग सकते हैं। गेट के पास भैरव मंदिर पुलिस चौकी के कर्मी तैनात रहे। बता दें कि शुक्रवार को सौ से अधिक श्रद्धालुओं को समिति ने सुरक्षित निकाला।

25 जिंदगी बचा ले आए एसएसबी के जवान
धारचूला (पिथौरागढ़)। बीते कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश के चलते टनकपुर-तवाघाट एनएच कई जगहों पर बंद है।
11 वीं वाहिनी एसएसबी डीडीहाट के सहायक कमांडेंट जुबैर अंसारी के नेतृत्व में 10 जवानों ने रस्सियों के सहारे रोंगती नाले के पास रेस्क्यू अभियान चलाकर 25 लोगों सुरक्षित पार कराया। इनमें सीआरपीएफ के कमांडेंट धर्मेंद्र सिंह दताल, जीओ के चार कर्मचारी भी शामिल हैं। एसडीएम मंजीत सिंह ने बताया कि तवाघाट में पिछले पांच दिनों से फंसे सभी लोग सकुशल धारचूला पहुंच गए हैं। उन्होंने लोगों से सड़क खुलने के बाद ही आवाजाही करने का अनुरोध किया है। हिलवेज कंपनी के सीनियर मैनेजर त्रिलोक सिंह दानू ने बताया कि शनिवार को मलबा आने से सड़क तपोवन, दोबाट और रोंगती नाला एसएसबी पोस्ट के पास बंद है। बताया कि दोबाट में लगातार भूस्खलन होने से सड़क खोलने में जोखिम बना हुआ है।



एक लाख क्यूसेक से अधिक पहुंचा शारदा का जलस्तर
बनबसा (चंपावत)। पहाड़ों में हुई वर्षा से शारदा नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया। दोपहर चार बजे बाद नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से अधिक पहुंच गया। इसके बाद बैराज पर वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया। नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से कम होने के बाद ही बैराज से वाहनों का संचालन संभव होगा।
शनिवार को बनबसा में दोपहर चार बजे नदी का जलस्तर 1,05,400 क्यूसेक पहुंच गया जिसके बाद यूपी सिंचाई विभाग के बनबसा स्थित शारदा हेडवर्क्स प्रशासन ने सुरक्षा के तहत रेड अलर्ट कर बैराज पर से वाहनों का संचालन रोक दिया। शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से कम होने के बाद ही बैराज पर से वाहनों का संचालन शुरू हो पाएगा। शनिवार को सुबह आठ बजे नदी का जलस्तर 83,449, दोपहर 12 बजे 94,000, तीन बजे 87,640 क्यूसेक, चार बजे 1,05,400 क्यूसेक और शाम पांच बजे 121810 क्यूसेक रहा। शनिवार को बनबसा में 18 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई।


गोरी गंगा का जल स्तर बढ़ा, अलर्ट जारी
पिथौरागढ़। प्रभारी जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार बंगापानी में गोरी गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर से 0.70 मीटर ऊपर बह रहा है। अतिवृष्टि होने पर जलस्तर के और अधिक बढ़ने की संभावना बनी है। इसे देखते हुए डीएम रीना जोशी ने नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सावधान रहने को कहा है।
उन्होंने नदी किनारे वाले क्षेत्रों में आवागमन नहीं करने तथा खतरे के निकट स्थित परिवारों को सुरक्षित स्थलों पर जाने के लिए सूचना, चेतावनी प्रसारित करने के निर्देश दिए हैं। कहा कि जलस्तर बढ़ने से यदि किसी आबादी, घरों को खतरे की संभावना होती है तो उन्हें सुरक्षित ऊपरी क्षेत्रों में शिफ्ट किया जाए।
डीएम ने मुख्य अभियंता एनएचपीसी, ईई सिंचाई खंड मुनस्यारी, धारचूला एवं दोनों जगहों के आपदा नियंत्रण कक्ष को जलस्तर बढ़ने पर परस्पर सूचना समन्वय करने को कहा है। उन्होंने कहा है कि बढ़े हुए जलस्तर के दौरान सीमावर्ती पुलों पर आवागमन एवं आयात-निर्यात न किया जाये। उन्होंने सिंचाई विभाग को मुनस्यारी, मदकोट, बंगापानी, धारचूला, बलुवाकोट, जौलजीवी, पीपली, तालेश्वर झूलाघाट, बगड़ीहाट आदि नदी तटीय स्थानों पर अपनी टीम तैनात कर सूचना समन्वयन करने के निर्देश दिए हैं। करेंगे। स्थानीय थाना, चौकियां, एसएसबी चौकियां सीमावर्ती नेपाल थाना सूचना समन्वयन करेंगे। सह चेतावनी नदी का जल स्तर कम एवं स्थिर होने तक जारी रहेगी।


बंगापानी में गोरी नदी का जल स्तर
चेतावनी स्तर 987.25 मीटर
खतरे का निशान 988.25 मीटर
वर्तमान स्थिति 987.95 मीटर
-
धारचूला में काली नदी का जल स्तर
चेतावनी स्तर 889 मीटर
खतरे का निशान 890 मीटर
वर्तमान स्थिति 889.600 मीटर
देवलीमाफी गल्लागांव मोटर मार्ग में आया मलबा
लोहाघाट (चंपावत)। भारी बारिश के चलते गल्लागांव देवलीमाफी मोटर मार्ग पर चट्टान गिरने से बंद हो गया है जिसके चलते क्षेत्र के कई गांवों का संपर्क कट गया। क्षेत्र के लोगों को पैदल आवाजाही करने को मजबूर होना पड़ रहा है। लोगों ने जल्द बंद मोटर मार्ग को खोलने की मांग की है। शुक्रवार को गल्लागांव- देवली माफी मार्ग में गल्लागांव के समीप चट्टान गिरने से सड़क बंद हो गई। जिससे सुबह बाजार की ओर निकले ग्रामीण आधे रास्ते में फंस गए। जिन्हें सामान के साथ पैदल यात्रा करने को मजबूर होना पड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क में बड़े बड़े बोल्डर आए हुए थे। देव योग से सड़क में आवाजाही नहीं हो रही थी अन्यथा बड़ी घटना हो सकती थी। क्षेत्र के जगदीश चंद्र तिवारी, दीवान राम,कमल कुमार, गिरीश चंद्र आदि ग्रामीणों ने बताया कि मार्ग में पहाड़ गिरने से एक दर्जन गांवों का संपर्क कट गया है। जिसके चलते क्षेत्रवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क में जगह पत्थर आने से खतरा बना हुआ। संवाद

तीजम और वतन गांव को जोड़ने वाला पुल बहा

चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क छह दिन से बंद
पिथौरागढ़/धारचूला। लगातार हो रही बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में नदी-नाले, गधरे उफान पर हैं। सीमांत जिले में 20 सड़कें बंद है। धारचूला में काली और गोरी नदी चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही हैं। रामगंगा का जलस्तर भी बढ़ गया है। दारमा घाटी के पंचाचूली ग्लेशियर से निकलने वाली न्योला नदी भी उफान पर बह रही है। इसे देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधान किया है।
धारचूला क्षेत्र में पिछले पांच दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश के चलते तल्ला दारमा के तीज गाड़ का जलस्तर बढ़ने से तीजम और वतन तोक को जोड़ने वाला लकड़ी का पैदल पुल बह गया है। इससे 18 परिवारों का संपर्क कट गया है। साथ ही 23 बच्चों को स्कूल जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
दारमा घाटी के माइग्रेशन ग्राम बोन को जोड़ने के लिए च्युति गाड़ में बना पुल भी बारिश की भेंट चढ़ गया है। इसके चलते गांव के 30 परिवारों का संपर्क मुख्य सड़क से कट गया है। ग्राम प्रधान उपचिया विसमती देवी और प्रधान बोन सपना बोनाल ने पुल बहने की सूचना एसडीएम को दे दी है।
ग्राम उपचिया के सामाजिक कार्यकर्ता हरेंद्र सिंह ने बताया कि 2018 की आपदा में तीजम और वतन को जोड़ने वाला आरसीसी पुल बह गया था। तब से ग्रामीण प्रशासन से झूलापुल बनाने की मांग कर रहे थे लेकिन इस पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। उन्होंने बताया कि ग्रामीण मानसून सीजन में पुल बह जाने के बाद श्रमदान से पुल तैयार कर आवाजाही कर रहे हैं। कहा कि मानसून सीजन में कई दिनों तक बच्चे स्कूल नहीं जा पाते है। उधर चीन सीमा को जोड़ने वाली तवाघाट-लिपुलेख सड़क मलबा, बोल्डर आने से पिछले छह दिन से बंद है।
कोट:
तीजम और वतन में प्रस्तावित झूलापुल के पहले चरण की स्वीकृति मिल चुकी है। उच्च अधिकारियों के स्थलीय निरीक्षण के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। ग्राम बोन में पैदल लकड़ी का पुल बहने की सूचना मिली है। सड़क खुलने के बाद स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। - बिरेंद्र कुमार, जेई पीडब्ल्यूडी धारचूला।
नाली में सड़क बंद से घंटों फंसे रहे यात्री
गंगोलीहाट। भारी बारिश के बाद शनिवार को जिला मुख्यालय व अन्य क्षेत्रों को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग मलबा आने से नाली नामक स्थान के पास बंद हो गया। एनएच के अवर अभियंता जयप्रकाश ने बताया कि सूचना मिलने सुबह 9 बजे सड़क खोलने के लिए मशीन लगा दी गई है। सड़क बंद होने से पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, टनकपुर, हल्द्वानी जाने वाले यात्री कई घंटे तक नाली नामक स्थान पर में फंसे रहे।

भनड़ा में आवासीय मकान को खतरा
डीडीहाट। क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश से तहसील के भनड़ा गांव में दिनेश प्रसाद के आवासीय मकान को खतरा हो गया है। मकान के पीछे की पहाड़ी से लगातार मलबा गिर रहा है। दिनेश ने एसडीएम को पत्र सौंपकर मकान के पीछे दीवार बनाने की मांग की है।

10 घंटे बंद रही थल-मुनस्यारी सड़क
नाचनी/मुनस्यारी। थल-मुनस्यारी सड़क हरड़िया के नया बस्ती में पहाड़ी से बोल्डर मलबा आने से 10 घंटे बंद रही। लोनिवि अवर अभियंता कृष्णा पिपलिया ने बताया कि सड़क को आठ बजे यातायात के लिए खोला गया। बताया कि पहाड़ी से लगातार गिर रहे मलबे को तीन-तीन घंटे में हटाना पड़ रहा है। नया बस्ती में 150 मीटर क्षेत्र में लगातार भूस्खलन हो रहा है। सड़क से मलबा हटाने के लिए इस जगह पर एक चैन डोजर तैनात किया है। थल-मुनस्यारी सड़क बनिक के पास भी बंद रही। मुनस्यारी-जौलजीबी सड़क पर सुरिंग बैंड के पास भूस्खलन के चलते शुक्रवार 8:30 बजे सड़क ध्वस्त होने से यातायात बाधित है। शनिवार को जेसीबी से सड़क खोली गई। संवाद

कनालीछीना में भूस्खलन की जद में आया निर्माणाधीन टैक्सी स्टैंड
कनालीछीना(पिथौरागढ़)। लगातार हो रही बारिश के कारण कनालीछीना बाजार में निर्माणाधीन टैक्सी स्टैंड भूस्खलन की जद में आ गया है। गनीमत रही कि जनहानि नहीं हुई। क्योंकि जिस स्थान पर टैक्सी स्टैंड बनाया जा रहा था उसके ठीक नीचे सिरोली सहित कई अन्य गांवों को जोड़ने वाली सड़क है। इससे कई लोग आवाजाही करते हैं। हादसे के वक्त कोई वाहन और कोई राहगीर पैदल नहीं गुजर रहा था।
कनालीछीना धारचूला एनएच पर लोनिवि अस्कोट 40,30,000 की लागत से टैक्सी स्टैंड का निर्माण कर रही थी। टैक्सी स्टैंड निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया था। शुक्रवार रात 7:20 बजे में भूस्खलन से निर्माणाधीन टैक्सी स्टैंड ढह गया। टैक्सी स्टैंड का मलबा सिरोली गांव जाने वाली सड़क पर गिरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। टैक्सी स्टैंड का निर्माण कर रहे ठेकेदार रघुवार राम ने प्रशासन से क्षति का आंकलन कर मुआवजा देने की मांग की है।
आज भी भारी बारिश की चेतावनी
पिथौरागढ़। मौसम विभाग की ओर से पर्वतीय जिलों में रविवार को कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। इस देखते हुए अपर जिलाधिकारी डॉ. शिव कुमार बरनवाल ने संबंधित विभागों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
डॉ. बरनवाल ने चेतावनी को देखते हुए प्रत्येक स्तर पर तत्परता बनाए रखते हुए सावधानी, सुरक्षा एवं आवागमन में नियंत्रण बरतने, आपदा, दुर्घटना की स्थिति में तेजी से स्थलीय कार्यवाही करते हुए सूचनाओं का आदान प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। सड़कों के बंद होने पर तुरंत उन्हें खुलवाने, राजस्व उपनिरीक्षक, ग्राम विकास अधिकारी, पंचायत अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में बने रहने, चौकी, थानों को आपदा संबंधी उपकरण, वायरलैस के साथ हाई अलर्ट में रहने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने अधिकारी, कर्मचारियों से फोन स्विच ऑफ नहीं करने, उच्च हिमालयी क्षेत्र में पर्यटकों को आवाजाही की अनुमति नहीं देने को भी कहा है। एडीएम ने विद्यालयों में सुरक्षा बरतने और नगर, कस्बाई क्षेत्रों में नालियां, कलवर्ट के अवरोधों को दूर करने के निर्देश दिए हैं।

आपदा नियंत्रण कक्ष के नंबर
मोबाइल नंबर 8449305857, 8218857220,
फोन नंबर 05964-226326, 228050
टोल फ्री नंबर 1077



चार घंटे यातायात के लिए बाधित रहा एनएच

चंपावत/टनकपुर। टनकपुर पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग शनिवार को चार घंटे बाधित रहा जिससे यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शनिवार को जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर एनएच पर स्वांला में दो बार और धौन में यातायात बाधित रहा। सुबह करीब छह बजे से 9:02 बजे और दोपहर में 1:55 से तीन बजे तक बोल्डर और मलबा आने से यातायात बाधित हो गया। साथ ही धौन में सुबह 9:25 बजे से 9:40 तक यातायात बाधित रहा।
इससे पिथौरागढ़ से टनकपुर, टनकपुर से पिथौरागढ़ की तरफ जा रहे वाहन फंस गए। जेसीबी लगाकर यातायात को करीब नौ बजे सुचारु किया गया। एनएच के सहायक अभियंता एनसी टम्टा ने बताया जल्द ही सुरक्षात्मक कार्य कर एनएच पर यातायात सुचारु किया जाएगा। यातायात सुचारु रखने के लिए जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं। वहीं टनकपुर एसडीएम आकाश जोशी ने बताया कि मार्ग खुलते ही बैरियर हटाकर वाहनों को जाने दिया गया।



रीठासाहिब में लगातार हो रही बारिश के कारण बिजली बाधित

चंपावत/रीठा। रीठासाहिब के समस्त इलाके में 60 गांवों की 20 हजार की आबादी बिजली नहीं होने से अंधेरे में रात गुजारने को मजबूर हैं। क्षेत्र में दो दिन से लगातार हो रही बारिश के कारण बिजली बाधित है। क्षेत्र में मोबाइल टावरों की बैटरी डाउन होने से लोगों के मोबाइल ठप पड़े हैं। लगातार बारिश और बिजली न होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

ऊर्जा निगम के अवर अभियंता बसंत बल्लभ गहतोड़ी का कहना है कि कुछ स्थानों पर तार टूटने और पोल गिरने से बिजली को ठीक किया जा रहा है। बारिश कम होते ही बिजली को ठीक कर लिया जाएगा। कार्य प्रगति पर है अति शीघ्र ही बिजली की सप्लाई दे दी जाएगी। बारिश अधिक होने के कारण क्षेत्र में तीर्थ यात्री परेशान हैं। सड़क बंद होने और जगह-जगह मलबा आने से कई तीर्थ यात्रियों को वापसी भी करनी पड़ी है। इस दौरान कई वाहन फंसे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed