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Pithoragarh News: सीएचसी में गंभीर बता गर्भवती को कर दिया रेफर

Fri, 12 Jun 2026 11:07 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Fri, 12 Jun 2026 11:07 PM IST
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The pregnant woman was referred from the CHC after being assessed as a critical case
पिथौरागढ़। सीमांत जिले के अस्पतालों में आवश्यक सुविधाएं और स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती के बाद भी गर्भवतियों का प्रसव कराने से हाथ पीछे खींचे जा रहे हैं। सीएचसी मुनस्यारी में। जिस गर्भवती की हालत को गंभीर बताकर सीएचसी से रेफर किया, 108 कर्मियों ने भारी बारिश के बीच सड़क किनारे एंबुलेंस में उसका सुरक्षित प्रसव कराया।
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मुनस्यारी की पूजा देवी को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने बीते बृहस्पतिवार को सीएचसी पहुंचाया। दो घंटे तक अस्पताल में रखने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने उसकी गंभीर हालत बताते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। गर्भ में पल रहे बच्चे की नाल फंसे होने का हवाला देते हुए स्वास्थ्य कर्मियों ने सिजेरियन ऑपरेशन होने की बात कर उसका प्रसव कराने से हाथ पीछे खींच लिए। मजबूरन परिजन प्रसव पीड़ा से जूझ रही गर्भवती को 108 एंबुलेंस से लेकर जिला मुख्यालय के लिए रवाना हुए।
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अस्कोट में गर्भवती को दूसरी एंबुलेंस में शिफ्ट किया गया। जब करीब चार घंटे बाद एंबुलेंस कनालीछीना के गुड़ौली के पास पहुंची तो गर्भवती की तबीयत बिगड़ गई वह प्रसव पीड़ा से तड़पने लगी। फार्मासिस्ट प्रमोद सिंह ऐरी और चालक दीपक चंद ने एंबुलेंस को भारी बारिश के बीच सड़क किनारे खड़ा किया। जिस गर्भवती को गंभीर बताकर हायर सेंटर रेफर किया गया, दोनों ने उसका सुरक्षित प्रसव कराकर स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत बयां करने के साथ ही विभाग और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों को आइना दिखाया। गर्भवती ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद जच्चा-बच्चा को जिला महिला अस्पताल पहुंचाकर भर्ती किया गया।
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एक साल में 350 गर्भवतियों को किया गया हायर सेंटर रेफर
सीमांत जिले में गर्भवतियों का संस्थागत प्रसव कराने के निर्देश सिर्फ फाइलों तक सीमित हैं। आपातकालीन सेवा 108 के मुताबिक बीते एक साल में गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, डीडीहाट, मुनस्यारी, कनालीछीना, धारचूला सहित अन्य पीएचसी और सीएचसी से 350 गर्भवतियों को हायर सेंटर रेफर किया गया। किसी को सिजेरियन ऑपरेशन होने तो किसी को बच्चा उलटा होने या नाल फंसने का हवाला देते स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रसव कराने से हाथ पीछे खींच लिए। हायर सेंटर लाते समय रास्ते में तबीयत बिगड़ी तो इनमें से 130 से अधिक गर्भवतियों का एंबुलेंस कर्मियों ने सड़क किनारे सुरक्षित प्रसव कराया।
यही हाल रहे तो मानसून काल में बढ़ेगी दिक्कत
मानसून काल नजदीक है। आपदा की दृष्टि से संवेदनशील जिले में मानसून काल में प्रमुख सड़कों के साथ ही ग्रामीण सड़कें बंद हो जाती हैं। यदि स्थानीय अस्पतालों में गर्भवतियों का प्रसव कराने से इसी तरह हाथ पीछे खींचे गए तो मानसून काल में उन्हें हायर सेंटर पहुंचाकर उनकी जान बचाना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। स्थानीय अस्पताल में प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती और प्रसव की आवश्यक सुविधाएं होने के बाद भी गर्भवतियों को हायर सेंटर रेफर करना कई सवाल खड़े कर रहा है। संवाद

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अस्पतालों में प्रसव की सुविधा है। सभी बड़े अस्पतालों को स्थानीय स्तर पर ही गर्भवतियों के प्रसव कराने के निर्देश दिए गए हैं। कई मामले गंभीर होते हैं इनमें गर्भवती की सुरक्षा के लिए उसे हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है। इस केस में भी ऐसा ही हुआ है। - डॉ. एसएस नबियाल, सीएमओ, पिथौरागढ़
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