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कार्मिकों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला

Thu, 31 Jan 2019 11:28 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़।
अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़। Published by: बृजमोहन बृजमोहन Updated Thu, 31 Jan 2019 11:28 PM IST
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The personnel opened a front against the government
पिथौरागढ़ में मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते कर्मचारी। - फोटो : AMAR UJALA
 दस सूत्रीय मांगों को लेकर उत्तराखंड अधिकारी-कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति से जुड़े कार्मिकों ने सामूहिक अवकाश लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। उन्होंने चार फरवरी को देहरादून कूच का आह्वान किया। पिथौरागढ़ में करीब  पांच हजार तो चंपावत में दो हजार कर्मचारी सामूहिक हड़ताल पर रहे। 
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विभिन्न विभागों के कार्मिक बृहस्पतिवार को टकाना स्थित रामलीला मैदान में एकत्र हुए और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। समिति के मुख्य संयोजक एमसी जोशी और कैलाश चंद्र पंत ने कहा कि सरकार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।  वहां प्रकाश जोशी, केसी जोशी, एमएल वर्मा, एलपी जोशी, चारू चंद्र जोशी, एमपीएस डोबाल, एमसी पंत, वीबी भट्ट, निर्मल महर, प्रदीप भट्ट, घनश्याम जोशी, बसंत पांडेय, ललिता प्रसाद जोशी, आरएस खनका, पीएस डीनिया आदि थे।
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मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा
बेड़ीनाग। कर्मचारी, शिक्षकों ने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज वेतन, भत्ते बढ़ाने की मांग उठाई। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई किए जाने की मांग की। वहां सुरेंद्र ग्वासीकोटी, एनएस रावत, जगदीश पाठक, पंकज पंत, सुरेश पंत, चंद्र सिंह रौतेला, तेज सिंह महरा, पी राज, रामपाल, जितेंद्र बिष्ट, विपिन जोशी, संजय पांडेय, पुष्कर रावत, ठाकुर डसीला, हिमांशु उपाध्याय, मनमोहन मेहता आदि थे।  
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वेतन के 12 करोड़ रुपये अटके  
पिथौरागढ़। कोषागार कार्मिकों के सामूहिक अवकाश के चलते सरकारी कार्मिकों का करीब 12 करोड़ रुपये का वेतन अटक गया। कोषागारों से माह के अंतिम दिन सरकारी कार्मिकों और एक तारीख को पेंशनरों का भुगतान बैंकों को भेजा जाता है। कोषाधिकारी हरीश चंद्र गिरी ने बताया कि वेतन को कंप्यूटर में 31 जनवरी के लिए प्रोसेस किया गया था। अब इसे दोबारा से करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि शुक्रवार से कार्य सुचारु रूप से होगा।  


- ये हैं प्रमुख मांगे
- मकान किराया भत्ता का 8, 12 व 16 प्रतिशत के अनुरूप अनुमन्य करते हुए देय भत्तों में वृद्धि की जाए
- राज्य व निगम कर्मचारियों हेतु लागू एसीपी की व्यवस्था के स्थान पर पूर्व व्यवस्था के अनुरूप से वा पर प्रोन्नत वेतनमान
- शिथिलीकरण नियमावली 2010 को यथावत लागू किया जाए
- नई पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल हो
- अटल आयुष्मान योजना से लाभांवित होने वाले सभी कार्मिकों को सरकारी चिकित्सालयों से रैफर की बाध्यता को खत्म करते हुए प्रदेश के समस्त कार्मिकों के लिए एक समान नीति लागू की जाए

- राज्य कर्मचारियों के पक्ष में जारी होने वाले शासनादेशों व आदेशों को एक समान रूप से सभी निगम, निकाय, संस्थान, प्राधिकरण व जिला पंचायतों में समान तिथि को एक साथ निर्गत करने
- चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों को अन्य संवर्गों की भांति स्टाफिंग पैटर्न का लाभ देते हुए ग्रेड वेतन 4200 रुपये का अधिकतम लाभ देने
- उपनल आउटसोर्स कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन का लाभ देने
- स्वायत्तशासी निकायों की भांति निगम में भी पूर्व से कार्यरत कार्मिकों के लिए पेंशन व्यवस्था को लागू करने
 
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