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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   The people continued to wait, not representative of the state reached

जनता करती रही इंतजार, नहीं पहुंचे सरकारी नुमाइंदे

Sat, 30 Apr 2016 10:33 PM IST
राजेंद्र सामंत/अमर उजाला, कनालीछीना
राजेंद्र सामंत/अमर उजाला, कनालीछीना Updated Sat, 30 Apr 2016 10:33 PM IST
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शासन की मंशा सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम चलाने के पीछे यह थी कि अधिकारी गांवों में रात्रि विश्राम करेंगे, जनता की समस्याएं सुनेंगे तो समस्याओं के निराकरण में तेजी आएगी, लेकिन तंत्र सरकार की इस मंशा पर पानी फेर रहा है। तहसीलदार ने कनालीछीना के दो गांवों में सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम तय किया। बाकायदा इसकी तिथि घोषित की, लेकिन जनता इंतजार करती रही, सरकार के नुमाइंदे नहीं पहुंचे।

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कनालीछीना के प्रभारी तहसीलदार गोपी राम की ओर से 28 अप्रैल को कंडालीगांव के रतोली और 29 अप्रैल को बज्यानीचौरा में सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम का आयोजन करने की लिखित जानकारी कंडालीगांव के प्रधान को दी गई। कार्यक्रम के तहत अधिकारियों को गांव में ही रात्रि विश्राम करना था, समस्याएं सुननी थी। लोगों को उम्मीद थी कि गांव की कुछ समस्याओं का निराकरण होगा, लोगों को सरकारी सुविधाओं का लाभ मिलेगा, लेकिन दोनों तिथियों में ग्रामीण अधिकारियों का इंतजार करते रह गए, लेकिन अधिकारी गांवों में नहीं पहुंचे।
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कंडाली के प्रधान होशियार सिंह बिष्ट ने कहा कि कार्यक्रम की सूचना देने के बाद अधिकारियों का गांवों में न पहुंचना न केवल सरकार के आदेशों की खुली अवहेलना है, बल्कि जनता का भी अपमान है। प्रधान के साथ ही ग्रामीण तेज सिंह, मान सिंह, भगवान सिंह, देव सिंह, नरेंद्र बिष्ट, नरेंद्र दिगारी, देव सिंह दिगारी, पुष्कर सिंह दिगारी, श्याम सिंह दिगारी कहते हैं कि इस मामले में गैर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। वह लोग यह मामला जिलाधिकारी के सामने उठाकर कार्रवाई की मांग करेंगे।
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कनालीछीना तहसील में राजस्व निरीक्षक के पद पर तैनात गोपी राम जिनके पास कनालीछीना के तहसीलदार का प्रभार है, उनसे फोन पर जब संपर्क किया गया तो वह कहने लगे कि वह इन तिथियों को संबंधित गांवों में गए थे, जब उन्हें बताया गया कि गांव के लोगों ने यह मामला लिखित विज्ञप्ति देकर उठाया है। गांव के लोगों में नाराजगी हैं तो प्रभारी तहसीलदार ने अपनी बात बदलते हुए ग्राम प्रधान से उन तिथियों को गांव में न होने की बात कही थी। इसलिए कार्यक्रम नहीं हुआ।  कहने लगे कि आप कहते हो तो अभी गांव चला जाता हूं। फिर प्रभारी तहसीलदार बोले कि दोनों गांवों की समस्याएं नोट कर ली गई हैं।


वास्तव में ऐसा हुआ है तो यह गंभीर मामला है। प्रकरण की लिखित शिकायत मिलती है तो मामले की जांच कराई जाएगी। आरोप सही पाए गए तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -एचसी सेमवाल, जिलाधिकारी, पिथौरागढ़

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