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पहाड़ की पीड़ा: भविष्य गढ़ने के लिए जान जोखिम में डाल नदी पार कर रहे बच्चे, इस वजह से अटक जाती हैं सांसें

Tue, 16 Jul 2024 02:59 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो रमेश धामी, संवाद
रमेश धामी, संवाद Updated Tue, 16 Jul 2024 02:59 PM IST
सार

पहाड़ में कठिनाई भरा जीवन जीने के लिए लोगों को तमाम परेशानियां होती हैं। सर्वाधिक दिकक्तें मानसून काल में होती हैं।

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lives of 19 children are hanging on the trolley in pithoragarh
बंगापानी तहसील के मवानी दवानी ग्राम पंचायत के 19 बच्चे मानसूनकाल में ऊफनाई गोरी नदी ट्राली से प

विस्तार

पहाड़ में कठिनाई भरा जीवन जीने के लिए लोगों को तमाम परेशानियां होती हैं। सर्वाधिक दिकक्तें मानसून काल में होती हैं। बंगापानी पानी तहसील के ग्राम पंचायत मवानी- दवानी के घरूड़ी तोक के बच्चे मानसून काल में गरारी के सहारे उफनाई गोरी नदी पार कर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं। यहां पुल के निर्माण के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। मानसून काल में बच्चों को स्कूल भेजने के बाद अभिभावक चिंतित हो जाते हैं।

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मवानी-दवानी ग्राम पंचायत के घरूड़ी तोक के बच्चे वर्ष 2013 से ट्राली के सहारे स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं। तोक के करीब 19 बच्चे हर रोज राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लुम्ती और जीआईसी मवानी और बरम जाते हैं। इस तोक के कक्ष छह का एक, सात के चार, आठवीं का एक, नौवीं के छह, 10वीं के दो, 11वीं के दो और 12वीं के तीन बच्चे हर रोज इस नदी को पार कर रहे हैं। लंबे समय से घरूड़ी के ग्रामीण यहां पक्के के पुल के निर्माण करने की मांग कर रहे हैं इसके बाद भी ग्रामीणों की समस्याओं से किसी को कोई वास्ता नहीं है।
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कई बार गरारी चलते-चलते आधे रास्ते में रुक जाती है। इससे अभिभावक काफी चिंतित हैं। ग्रामीण कई बार बंगापानी तहसील, डीएम कार्यालय सहित स्थानीय जन प्रतिनिधियों को पत्र दे चुके हैं। इसके बाद भी यहां पुल निर्माण के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। ग्रामीण सुरेश चंद, पुष्कर वर्ती, सरपंच गंभीर सिंह ने शीघ्र पक्के पुल के निर्माण और पुल का निर्माण नहीं होने तक बच्चों की सुरक्षा के लिए होमगार्ड या पीआरडी का जवान तैनात करने की मांग की है।
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दो लोगों की हो चुकी है मौत
गरारी से उफनाई गोरी नदी पार करने में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी यहां पक्के पुल का निर्माण कार्य नहीं किया जा रहा है। वर्ष 2018 में कौली गांव का एक व्यक्ति रिश्तेदारी में जा रहा था। ट्राली से नदी पार करते समय में वह नदी में गिर गया और मौत हो गई। इसके अलावा वर्ष 2016 में खड़क सिंह पुत्र धन सिंह धामी निवासी धामीगांव भ्यूला की ट्राली से नदी पार करते समय मौत हो गई थी। 


लुम्ती- घुरूड़ी गोरी नदी में पक्के पुल के निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव गया है। अभी तक पुल को स्वीकृति नहीं मिली है। जैसे ही पुल को स्वीकृति मिलेगी निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
- नीरज कुमार, जेई लोनिवि अस्कोट।

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