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इनरलाइन के मुद्दे पर होगा चरणबद्ध आंदोलन
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला
Updated Wed, 07 Dec 2016 09:29 PM IST
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इनरलाइन के मुद्दे पर रणनीति तय करते यूथ आर्गेनाइजेशन के सदस्य
- फोटो : अमर उजाला
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भारत-तिब्बत सीमा पर सुरक्षा के लिहाज से बनाई गई इनरलाइन को छियालेख से फिर जौलजीबी शिफ्ट करने की मांग को लेकर ऑल इंडिया यूथ आर्गेनाइजेशन ने चरणबद्ध तरीके से आंदोलन का एलान किया है।
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बुधवार को हुई संगठन की बैठक की अध्यक्षता करते हुए संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र नबियाल ने कहा कि भारत-नेपाल और तिब्बत सीमा से लगा होने के कारण धारचूला क्षेत्र सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने जौलजीबी में इनरलाइन बनाई थी। जौलजीबी से आगे जाने के लिए हर व्यक्ति को एसडीएम से अनुमति पत्र लेना पड़ता था। 1998 तक यह व्यवस्था लागू थी। तब धारचूला आने के लिए लोगों को सिर्फ तीन दिन का परमिट मिला करता था। धारचूला या उससे आगे जाने का कारण भी स्पष्ट करना पड़ता था।
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1998 में सरकार ने इनरलाइन को पर्यटन विकास में बाधक मानते हुए इसे जौलजीबी से हटाकर धारचूला से 65 किलोमीटर दूर छियालेख शिफ्ट कर दिया। अब छियालेख तक पहुंचने के लिए किसी भी व्यक्ति को किसी अनुमति पत्र की जरूरत नहीं होती। इस तरह के फैसले को सीमांत की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा गया कि इनरलाइन शिफ्ट होने के बाद धारचूला में बाहरी लोगों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। यहां पर अपराध भी होने लगे हैं।
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बैठक में कहा गया कि सीमांत की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मसले को लेकर अब यूथ आर्गेनाइजेशन आंदोलन करेगा। आंदोलन के माध्यम से सरकार पर दबाव बनाया जाएगा कि इनरलाइन को फिर से जौलजीबी में लाया जाए। आंदोलन के पहले चरण में धरना दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर चक्काजाम और बाजार बंद जैसे कदम उठाए जाएंगे। बैठक में उपाध्यक्ष शोभना खैर, भागीरथी देवी, सचिव पार्वती बिष्ट, बबीता, संचना वर्मा, धन सिंह परिहार आदि उपस्थित थे।