14 जून को धारचूला पहुंचेगा पहला कैलास यात्री दल
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राज्यपाल के सलाहकार प्रकाश मिश्रा और रवींद्र सिंह ने कैलास यात्रा की तैयारियोें का जायजा लेेने के लिए गुंजी, नाभीढांग क्षेत्र का हवाई दौरा किया। गुंजी, कालापानी में कुमाऊं मंडल विकास निगम के पड़ावों का निरीक्षण किया। धारचूला में लोनिवि डाक बंगले में हुई बैठक में दोनों सलाहकारों ने कहा कि इस बार कैलास यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा की सारी व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली जाएं। सभी विभाग आपस में तालमेल करें और यात्रियों को अच्छी सुविधा प्रदान करें।
बैठक में केएमवीएन के प्रबंध निदेशक धीराज गर्ब्याल ने बताया कि इस बार कैलास मानसरोवर के लिए पहला दल 12 जून को दिल्ली से रवाना होकर 14 जून को धारचूला पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि हवाई मार्ग से गुंजी में हल्के मोटर वाहन उतारने की योजना है। कालापानी तक कैलास यात्रियों को वाहन से ले जाया जाएगा। हवाई मार्ग से वाहन ड्रॉप करने में 30 लाख रुपये खर्च आएगा। इसके लिए शासन से वार्ता की जा रही है। यात्रा पड़ावों में सारे संसाधन समय से पहले जुटा लिए जाएंगे। एसपी रोशन लाल शर्मा ने बताया कि यात्रा मार्ग में प्रति वर्ष यात्रा से पहले ही पुलिस दल की तैनाती की जाती है। इस बार भी उत्तराखंड पुलिस पूरी तरह से तैयार है।
भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के सेनानी केदार सिंह रावत ने बताया कि आईटीबीपी के जवान धारचूला से लिपुलेख तक यात्रियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधा दिलाते हैं। जवानों के पास हाईपो बैग, क्लाईंबिंग रोप, मेडिकल किट रहेंगे। जल संस्थान, जल निगम, स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग, खाद्य विभाग आदि अधिकारियों ने यात्रा के मद्देनजर अपनी अपनी तैयारियों की जानकारी दी। इस दौरान डीएम एचसी सेमवाल, एडीएम मो. नासिर, ऊर्जा निगम के एसई अतुल गर्ब्याल, एसडीएम संतोष कुमार पांडे आदि थे।
सलाहकारों ने दी नेपाली सिम उपयोग करने की सलाह
धारचूला। राज्यपाल के सलाहकारों ने कैलास यात्रा के दौरान संचार सेवा की समस्या को देखते हुए नेपाली सिम उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने बाकायदा इसके लिए विदेश मंत्रालय से अनुमति मांगने की भी बात की। यहां दौरे पर आए राज्यपाल के सलाहकार रवींद्र सिंह ने डीएम और केएमवीएन के एमडी से कहा कि यात्रा केे दौरान नेपाली सिम का प्रयोग करें और जरूरत पड़ने पर इसके लिए विदेश मंत्रालय से अनुमति मांगें। यात्रियों को भी नेपाली सिम देने की व्यवस्था करें। धारचूला क्षेत्र की लचर संचार व्यवस्था की जानकारी मिलने के बाद सलाहकारों ने यह बात कही। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बीएसएनएल के साथ वार्ता हो चुकी है। शीघ्र ही सीमावर्ती क्षेेत्रों में संचार सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी। यहां तक कि प्राइवेट कंपनियों के टावर भी लगाए जाएंगे। जब उनको बताया गया कि धारचूला में एक वर्ष से एयरटेल का टावर लगाया गया है और बीएसएनएल की आपत्ति के कारण एयरटेल की सेवा शुरू नहीं हो पा रही है तो सलाहकारों ने कहा कि अब बीएसएनएल कोई आपत्ति नहीं करेगा।
निर्माण कार्यों की जांच की मांग उठाई
मुनस्यारी/धारचूला। राज्यपाल के सलाहकार बृहस्पतिवार सुबह तक मुनस्यारी में थे। उनको कई लोगों ने ज्ञापन सौंपे और क्षेत्र में हो रहे निर्माण कार्यों की जांच की मांग की। डोबरी निवासी नेत्र सिंह रावत ने 1995 से आपदाग्रस्त की सूची में शामिल डोबरी गांव के लोगों को अब तक कोई मदद न मिलने की जानकारी दी। मल्लाजोहार विकास समिति के अध्यक्ष श्रीराम धर्मशक्तू, देवेंद्र धर्मशक्तू ने माइग्रेशन गांवों के लिए राशन की व्यवस्था करने और उच्च हिमालयी क्षेत्र के लिए हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने, धारचूला में व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र थापा ने नोटिफाइड लाइन को छियालेख से जौलजीबी लाने, रं कल्याण संस्था के अध्यक्ष अशोक नबियाल, भाजपा महामंत्री महेंद्र बुदियाल ने दारमा, व्यांस, चौदांस के दुर्गम गांवों के लिए हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने, सीमांत के गांवों के लिए गेहूं, चावल का कोटा बढ़ाने की मांग की। भारत चीन व्यापार समिति के जीवन रौंकली, चक्कर सिंह ने व्यापार में आने वाली समस्या का ज्ञापन सौंपा। दारमा सेवा समिति के नारायण दरियाल, रमेश तितियाल, मनोज नगन्याल ने दारमा मार्ग में बौन, चल, सीपू, मार्छा आदि जगहों में पैदल पुल बनाने की मांग की। देवी दत्त उपाध्याय, महेंद्र सिंह, हयात नबियाल ने भी ज्ञापन सौंपे।