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डॉक्टर ने नहीं देखा उल्टी दस्त से पीड़ित बच्चों को
ब्यूरो/अमर उजाला, बेड़ीनाग
Updated Wed, 13 Apr 2016 10:37 PM IST
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उल्टी-दस्त से पीड़ित बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
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उल्टी दस्त से पीड़ित तीन बच्चों को यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज न मिलने के कारण भारी हंगामा खड़ा हो गया। लोगों ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने मरीज बच्चों को देखने की जरूरत नहीं समझी। इस तरह की लापरवाही करने वाले चिकित्सा कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
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राम मंदिर निवासी जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र बोरा अपने पांच वर्षीय बेटे हार्दिक, दो वर्षीय आदर्श और एक वर्षीय भतीजे भाग्येश को लेकर बुधवार सुबह 7 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। बोरा के अनुसार बीमार बच्चों को देखने के लिए उन्होंने डॉक्टर को बुलाया तो डॉक्टर ने बच्चों का चेकअप नहीं किया। अस्पताल में बच्चों को प्राथमिक इलाज देने के लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं थी। श्री बोरा ने तत्काल मामले की जानकारी सीएमओ डॉक्टर यूएस अधिकारी को देनी चाही। बोरा के अनुसार सीएमओ ने फोन रिसीव नहीं किया। बाद में उन्होंने विधायक नारायण राम को इस बात की जानकारी दी, लेकिन सीएमओ ने उनका फोन भी रिसीव नहीं किया।
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इस मामले को लेकर लोगों में भारी गुस्सा है। अस्पताल की प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉक्टर प्रेमा फकलियाल ने बताया कि अस्पताल में सिर्फ दो डॉक्टर हैं। आपात सेवा के लिए यहां पर अलग से डॉक्टर तैनात नहीं है। उन्होंने बच्चों को इलाज न देने के मामले से इनकार किया है। बोरा ने बताया कि बाद में उन्होंने बच्चों का प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराया। उन्होंने मामले की जानकारी जिलाधिकारी को दी है। इधर, सीएमओ का कहना है कि अस्पताल में दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था है। रोगियों को न देखने के मामले की वह अपने स्तर से जांच करेंगे।
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