फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Tejm tehsil, give the gift of the road, the Chief Namik

तेजम को तहसील, नामिक को सड़क का तोहफा दे गए मुख्यमंत्री

Thu, 15 Sep 2016 10:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नाचनी/मुनस्यारी
ब्यूरो/अमर उजाला, नाचनी/मुनस्यारी Updated Thu, 15 Sep 2016 10:44 PM IST
विज्ञापन
Tejm tehsil, give the gift of the road, the Chief Namik
योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करते मुख्यमंत्री - फोटो : अमर उजाला

मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री हरीश रावत बिर्थी दौरे में तेजम तहसील तो नामिक को मोटर सड़क का तोहफा दे गए। सीएम बाकायदा तेजम तहसील का शासनादेश साथ लेकर आए थे। बिर्थी और बरम में बनने वाली एक-एक मेगावाट की बिजली परियोजनाओं की आधारशिला रखते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जल्द ही सीमांत की रामगंगा, भुजगड़ और जाकुला नदी में छोटी जल बिजली परियोजनाओं का निर्माण किया जाएगा।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने मुनस्यारी के खलियाटॉप को बर्ड वाचिंग सेंटर के रूप में विकसित करने की घोषणा की। मदकोट क्षेत्र के झरनों का पर्यटन की दृष्टि से विकास होगा। मुख्यमंत्री ने कहा मुनस्यारी-मिलम और धारचूला-गुंजी हेलीकॉप्टर सेवा जारी रहेगी। सीएम ने बिर्थी में 90.25 करोड़ रुपये लागत की 26 योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। उन्होंने राजकीय शिक्षकों की हड़ताल पर भी टिप्पणी की, कहा कि इससे विद्यार्थियों का नुकसान होगा। 
विज्ञापन


बिर्थी में बिजली परियोजनाओं की आधारशिला रखते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है। राज्य की जल संपदा का बिजली बनाने में नियोजित ढंग से उपयोग करने का प्लान किया गया है। सरकार छोटी-छोटी बिजली परियोजना बनाकर बिजली जरूरत को पूरा करने का प्रयास कर रही है। प्रदेश के सभी इलाकों में छोटी बिजली परियोजनाएं बनाई जी रही हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने कहा कि तल्लाजोहार के लोगों की अलग प्रशासनिक इकाई की मांग थी। वह तहसील का जीओ साथ लाए हैं। जल्द ही तहसील का कामकाज शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा नामिक के लोग यातायात सुविधा के लिए परेशान हैं। उनके गांव के लिए सड़क निर्माण का काम तत्काल शुरू हो जाएगा। कहा कि नामिक के सड़क से जुड़ने से हिमालयी क्षेत्र में ट्रैकिंग में जाने वाले लोगों को भी लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की हड़ताल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इसका प्रभाव शिक्षा पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा में 4 प्रतिशत और इंटर में 5 प्रतिशत की प्रगति हुई थी। इस बार 10 प्रतिशत लक्ष्य रखा गया था। इस तरह के व्यवधान आएंगे, तो शिक्षा ही प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि इस बात को शिक्षकों को समझना होगा।
 
मदकोट में एजेंसी, नाचनी में खुलेगा गैस वितरण केंद्र
नाचनी/मुनस्यारी। मुख्यमंत्री ने मदकोट में गैस एजेंसी, नाचनी में गैस वितरण केंद खोलने की घोषणा की। बिर्थी फाल और होकरा मंदिर, मुनस्यारी के गंगनाथ मंदिर का सुंदरीकरण करने समेत तमाम घोषणाएं कर गए। मुख्यमंत्री ने मुनस्यारी के ट्राइवल हैरिटेज के लिए 9 लाख देने, बनिक में पशु चिकित्सा केंद्र खोलने, इलाके के 6 हाईस्कूलों का उच्चीकरण करने, दुलियाबगड़ से खुनखुनिया और सेमली से मोडम तक मेरा गांव मेरी सड़क योजना के तहत मोटर मार्ग बनाने, क्वीरीजीमियां तक सड़क बनाने, समकोट-डुंगरी मोटर मार्ग निर्माण, तल्ला जोहार में शहीद स्मारक बनाने, गिनी में पेयजल योजना बनाने, बमनगांव में बारातघर बनाने की घोषणा की। सीएम ने कहा तल्लाजोहार के महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। भोजन माताओं को चैत्र में भिटौली के समय ड्रेस के लिए एक हजार रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने आशा, भोजनमाता, आंगनबाड़ी वर्करों की पेंशन फंड में 5 करोड़ रुपये के फंड की व्यवस्था की है। इसका लाभ इन लोगों को रिटायरमेंट के समय मिलेगा। सीएम ने कहा कि 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को अब 1000 रुपये की जगह 1500 रुपये पेंशन मिलेगी। सभा को राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा, उत्तराखंड वन विकास निगम के अध्यक्ष हरीश धामी, राज्य विधि आयोग के उपाध्यक्ष रमेश कापड़ी, मुनस्यारी के ब्लॉक प्रमुख नरेंद्र रावत, कुंदन सिंह बथियाल, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष मनोहर टोलिया, विधायक प्रतिनिधि हीरा चिराल, तारा पांगती, पुष्कर कोरंगा ने संबोधित किया।
  
प्रतिवर्ष ग्राम पंचायतों को मिलेंगे 15 लाख
नाचनी। बिर्थी में मुख्यमंत्री की मौजूदगी में उत्तराखंड ऊर्जा निगम के प्रबंध निदेशक एसएस यादव, उरेडा के मुख्य परियोजनाधिकारी एके त्यागी और ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों ने संधिपत्र पर हस्ताक्षर किए। बिर्थी और बरम परियोजनाओं का निर्माण उरेडा और यूपीसीएल मिलकर करेंगे। ग्राम पंचायत को अगले 35 वर्ष तक प्रति वर्ष 15 लाख रुपये परियोजनाओं से मिलेंगे।  

राष्ट्रपति भवन में बनने लगी झिंगूरे की खीर
नाचनी। पहाड़ की परंपरागत खेती को बढ़ावा देने की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि राज्य सरकार की पहल का ही असर है कि झिंगूरे की खीर राष्ट्रपति भवन में भी बनने लगी है। उन्होंने कहा खेती से ही पहाड़ के दिन बहुर सकते हैं। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। 

कई बार बारिश में भीग गए लोग
नाचनी। मुख्यमंत्री को सुबह 11 बजे बिर्थी पहुंचना था। खराब मौसम के कारण मुख्यमंत्री दोपहर 1.03 बजे बिर्थी पहुंचे। लोग सुबह 9 बजे ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए थे। मुख्यमंत्री के आने तक चार बार बारिश ने व्यवधान डाला। लोग बारिश में भीग गए। बिर्थी में पहली बार फाल के पास हेलीकॉप्टर उतरा तो हेलीकॉप्टर देखने के लिए भी लोग खूब उमड़े।

पूर्व सैनिकों को मिला सम्मान
नाचनी। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नाचनी में 30 पूर्व सैनिकों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सुरक्षा में योगदान देने वाली ताकतों का हमेशा सम्मान होना चाहिए।

नामिक के दिन बहुरने की उम्मीद जागी
पिथौरागढ़/नाचनी। आजादी के 70 साल और बड़े संघर्ष से नामिक के लोगों को सड़क का तोहफा मिला है। मुख्यमंत्री के 19 करोड़ रुपये की लागत की 17.34 किमी लंबी सड़क की आधारशिला रखने के साथ ही नामिक के दिन बहुरने की उम्मीद जाग गई है। नामिक के लोगों ने सड़क निर्माण का श्रेय गांव की जनता के संघर्ष और अमर उजाला की पहल को दिया है। समुद्र की सतह से 2700 मीटर की ऊंचाई, मोटर मार्ग से 27 किमी की दूरी पर नामिक और हीरामणि ग्लेशियर की तलहटी पर बसे नामिक के लोग 70 के दशक से मोटर मार्ग की मांग कर रहे हैं। राजमा, आलू की उपज के लिए विख्यात नामिक के लोगों को गांव तक पहुंचने के लिए 27 किमी पैदल चलना पड़ता है। नामक की प्रधान तुलसी जैमियाल के नेतृत्व में नामिक के लोग नामिक के विकास के लिए लगातार संघर्षरत रहे हैं। वर्ष 2007 से नामिक की विशाल समस्याओं पर अमर उजाला ने लगातार फोकस किया। अमर उजाला की खबर का ही असर है कि वर्ष 2014 में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नामिक का दौरा किया। डीजी हेल्थ तक नामिक पहुंचे। मुख्यमंत्री रावत ने नामिक के दौरे के समय नामिक के लिए सड़क का निर्माण करने की घोषणा की थी। घोषणा पूरी न होने पर बीते मई माह में नामिक के लोगों ने 20 जून को नामिक से जिला मुख्यालय तक 165 किमी लंबी पदयात्रा निकालने का एलान किया था। इसके बाद सरकार और प्रशासन हरकत में आया। 18 जून को डीएम एचसी सेमवाल दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। 17 सितंबर तक सड़क की स्वीकृति का लिखित आश्वासन दिया। बृहस्पतिवार को सड़क के शिलान्यास के साथ नामिक सड़क पहुंचने की उम्मीद जाग गई है। नामिक की ग्राम प्रधान तुलसी जेम्याल, क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मण सिंह, ग्रामीण बहादुर सिंह कन्यारी, महेंद्र सिंह आदि ने नामिक की मुहिम को आगे बढ़ाने का श्रेय अमर उजाला को दिया। कहा कि मुख्यमंत्री हरीश रावत नामिक आए, उन्होंने सड़क का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री की भी नामिक की जनता आभारी है। 


लेकिन मौजूद नहीं था सड़क का शिलापट
बिर्थी में कई सड़कों और विकास कार्यों के शिलान्यास, लोकार्पण के शिलापट लगे थे, इसे भूल कहें या कुछ और उनमें नामिक का शिलापट नहीं था। इस बारे में पूछने पर वन विकास निगम के अध्यक्ष हरीश धामी और लोनिवि के अधिकारियों ने कहा कि नामिक का शिलापट भूलवश धारचूला में छूट गया। धामी ने कहा कि शासन से सड़क स्वीकृत है। सड़क का निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ होगा। नामिक सड़क के शिलान्यास की सूचना लोनिवि ने विज्ञापनों के जरिए दी थी। मंच से भी नामिक सड़क को मंजूरी मिलने की जानकारी दी गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed