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Pithoragarh News: जर्जर भवन में पठन-पाठन, डर के साये में रहता है जीवन
Thu, 07 Aug 2025 11:10 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 07 Aug 2025 11:10 PM IST
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जूनियर हाईस्कूल गेठीगाड़ा की छत पर नजर आती जंग लगी सरिया। संवाद
झूलाघाट (पिथौरागढ़)। काली नदी किनारे बसे गेठीगाड़ा का जूनियर हाईस्कूल भवन जीर्णशीर्ण हो चुका है। भवन की स्थिति ऐसी है कि कंक्रीट की छत पर जंग लगे सरिये साफ दिखाई दे रहे हैं। दीवारों का प्लास्टर उखड़कर गिरने लगा है। जिस बीम पर भवन की छत टिकी हुई है वह भी टूटने की कगार पर है। ऐसे में पठन-पाठन डर के साए में हो रहा है।
भारत-नेपाल सीमा पर बसे झूलाघाट के पास गेठीगाड़ा गांव है। बच्चों के लिए गांव में ही जूनियर हाईस्कूल खोला गया है। वर्तमान में विद्यालय में सिर्फ 12 बच्चे ही पढ़ रहे हैं। 15 वर्ष पूर्व 2010 में सर्व शिक्षा अभियान के तहत इस विद्यालय भवन का निर्माण किया गया था। मात्र 15 साल में ही यह भवन खंडहर सा हो गया है और कभी भी धराशायी हो सकता है। इसके बावजूद बच्चों की जान की परवाह किए बगैर इसी भवन में पठन-पाठन चल रहा है।
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एक कमरे में हो रहा तीन कक्षाओं का संचालन
विद्यालय भवन जीर्णशीर्ण होने से जूनियर हाईस्कूल की छठी, सातवीं और आठवीं कक्षाओं का संचालन केवल एक कमरे में करना पड़ रहा है। जूनियर हाईस्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापक गोमा सौन बताती हैं कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए पिछले तीन साल से तीनों कक्षाओं का संचालन एक ही कमरे में करना पड़ रहा है। इससे पठन-पाठन पर असर पड़ रहा है।
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निष्प्रयोज्य घोषित किया जा चुका है विद्यालय भवन
जूनियर हाईस्कूल की प्रधानाध्यापिका गोमा सौन ने बताया कि जर्जर हो चुके भवन को ग्रामीण विकास विभाग के सहायक अभियंता ने सर्वे के बाद निष्प्रयोज्य घोषित कर दिया है। यह भवन कभी भी गिर सकता है। भवन का सुधार नहीं होने के कारण मजबूरी में इसी भवन में पठन-पाठन का कार्य करना पड़ रहा है।
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गिरने लगा है प्राथमिक पाठशाला की दीवारों का प्लास्टर
गेठीगड़ा में जूनियर हाईस्कूल के ठीक सामने प्राथमिक पाठशाला भी है। इस पाठशाला के भवन की हालत भी दयनीय हो चुकी है। पाठशाला के प्रधानाध्यापक कैलाश भट्ट ने बताया कि इस भवन में भी सीमेंट झड़ चुका है और छत से जंग लगे सरिये खतरा बनकर झांक रहे हैं। दीवारों का प्लास्टर दिन भर में कई बार गिरता रहता है। ऐसे में यहां भी कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है। उन्होंने बताया कि भवन की दयनीय स्थिति से स्थानीय जन प्रतिनिधियों और विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत कर दिया गया है।
कोट
जूनियर हाईस्कूल का भवन जर्जर हाल हो चुका है। भवन कभी भी गिर सकता है। विभाग को शीघ्र नया भवन बनाना चाहिए। - भूपेंद्र सिंह बिष्ट, निवासी गेठीगाड़ा
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जूनियर हाईस्कूल और प्राइमरी पाठशाला के भवनों की स्थिति खराब है। अभिभावक अब बच्चों को स्कूल भेजने में डर महसूस करते हैं। - चंद्र सिंह गोबाड़ी, निवासी गेठीगाड़ा
कोट
जीर्णशीर्ण विद्यालयों की सूची तैयार कर ली गई है। यह विद्यालय भी सूची में शामिल है। बजट मिलने पर जर्जर विद्यालय भवनों की मरम्मत कराई जाएगी। - एचआर कोहली, मुख्य शिक्षा अधिकारी, पिथौरागढ़
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भारत-नेपाल सीमा पर बसे झूलाघाट के पास गेठीगाड़ा गांव है। बच्चों के लिए गांव में ही जूनियर हाईस्कूल खोला गया है। वर्तमान में विद्यालय में सिर्फ 12 बच्चे ही पढ़ रहे हैं। 15 वर्ष पूर्व 2010 में सर्व शिक्षा अभियान के तहत इस विद्यालय भवन का निर्माण किया गया था। मात्र 15 साल में ही यह भवन खंडहर सा हो गया है और कभी भी धराशायी हो सकता है। इसके बावजूद बच्चों की जान की परवाह किए बगैर इसी भवन में पठन-पाठन चल रहा है।
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एक कमरे में हो रहा तीन कक्षाओं का संचालन
विद्यालय भवन जीर्णशीर्ण होने से जूनियर हाईस्कूल की छठी, सातवीं और आठवीं कक्षाओं का संचालन केवल एक कमरे में करना पड़ रहा है। जूनियर हाईस्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापक गोमा सौन बताती हैं कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए पिछले तीन साल से तीनों कक्षाओं का संचालन एक ही कमरे में करना पड़ रहा है। इससे पठन-पाठन पर असर पड़ रहा है।
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निष्प्रयोज्य घोषित किया जा चुका है विद्यालय भवन
जूनियर हाईस्कूल की प्रधानाध्यापिका गोमा सौन ने बताया कि जर्जर हो चुके भवन को ग्रामीण विकास विभाग के सहायक अभियंता ने सर्वे के बाद निष्प्रयोज्य घोषित कर दिया है। यह भवन कभी भी गिर सकता है। भवन का सुधार नहीं होने के कारण मजबूरी में इसी भवन में पठन-पाठन का कार्य करना पड़ रहा है।
गिरने लगा है प्राथमिक पाठशाला की दीवारों का प्लास्टर
गेठीगड़ा में जूनियर हाईस्कूल के ठीक सामने प्राथमिक पाठशाला भी है। इस पाठशाला के भवन की हालत भी दयनीय हो चुकी है। पाठशाला के प्रधानाध्यापक कैलाश भट्ट ने बताया कि इस भवन में भी सीमेंट झड़ चुका है और छत से जंग लगे सरिये खतरा बनकर झांक रहे हैं। दीवारों का प्लास्टर दिन भर में कई बार गिरता रहता है। ऐसे में यहां भी कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है। उन्होंने बताया कि भवन की दयनीय स्थिति से स्थानीय जन प्रतिनिधियों और विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत कर दिया गया है।
कोट
जूनियर हाईस्कूल का भवन जर्जर हाल हो चुका है। भवन कभी भी गिर सकता है। विभाग को शीघ्र नया भवन बनाना चाहिए। - भूपेंद्र सिंह बिष्ट, निवासी गेठीगाड़ा
जूनियर हाईस्कूल और प्राइमरी पाठशाला के भवनों की स्थिति खराब है। अभिभावक अब बच्चों को स्कूल भेजने में डर महसूस करते हैं। - चंद्र सिंह गोबाड़ी, निवासी गेठीगाड़ा
कोट
जीर्णशीर्ण विद्यालयों की सूची तैयार कर ली गई है। यह विद्यालय भी सूची में शामिल है। बजट मिलने पर जर्जर विद्यालय भवनों की मरम्मत कराई जाएगी। - एचआर कोहली, मुख्य शिक्षा अधिकारी, पिथौरागढ़