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सत्रह साल बाद भी चार किमी सड़क पर डामर नहीं

Tue, 27 Dec 2016 10:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, थल
ब्यूरो/अमर उजाला, थल Updated Tue, 27 Dec 2016 10:36 PM IST
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Seventeen years later, not a four-kilometer asphalt road
इस हालत में पहुंच गई थल-लेजम सड़क - फोटो : अमर उजाला

यूपी के समय में 1999 में बनी थल-लेजम सड़क पर इन 17 वर्षों में डामर नहीं हो पाया है। गर्मियों में सड़क पर धूल से चलना मुश्किल होता है तो बारिश के सीजन में यह सड़क मलबा आने से बंद हो जाती है। यदि अन्य मौसम में कभी बारिश हो जाए तो कीचड़ से सड़क पर वाहनों के रपटने का खतरा रहता है। लोग सड़क पर डामर की मांग करते-करते थक गए हैं। सबसे आश्चर्य की बात तो यह है कि दो वर्ष पहले इस इलाके के भ्रमण के समय विधायक नारायण राम आर्य ने कहा था कि जल्द ही सड़क पर डामर हो जाएगा, लेकिन उसके बाद उन्होंने यह पता लगाने की कोशिश नहीं की कि सड़क अब किस हाल में है।

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थल से लेजम तक सड़क के निर्माण के लिए लोगों ने लंबा संघर्ष किया था। यूपी के समय में चार किलोमीटर सड़क बन गई, लेकिन सड़क के किनारे नालियां नहीं बनाई गई। कई जगह बिना दीवारों के ही सड़क का निर्माण कर दिया गया। इस कारण बारिश के मौसम में मलबा सड़क पर गिरता रहता है। इस सड़क के किनारे लेजम, गोल, कमद, प्यांती, गडेरा, खितोली, आमथल, कौली, चामी, भनारकोट, सुनेती, दड़मोली, घंगोली आदि गांव आते हैं। बड़ी संख्या में लोग रोज इस सड़क से आवागमन करते हैं, लेकिन सड़क की खराब हालत हमेशा लोगों के लिए चिंता का कारण बनी रहती है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता पीसी जोशी का कहना है कि सड़क पर डामर बिछाने के लिए प्रस्ताव दो साल पूर्व शासन को भेजा गया, लेकिन धन अब तक नहीं मिला है। 
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विकास की पोल खोलती है सड़क
लेजम निवासी गोपाल दत्त का कहना है कि यह सड़क विकास की पोल खोलती है। सरकार हर गांव तक पक्की सड़कों के निर्माण की बात तो करती है, लेकिन 17 वर्ष में चार किलोमीटर सड़क पर डामर न होना बड़ा सवाल खड़ा करता है। वह कहते हैं कि या तो कागजों में यह सड़क डामरीकरण दिखा दी होगी।
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आंदोलन के बाद भी नहीं सुधरी सड़क
लेजम के पूर्व प्रधान विनोद पंत का कहना है कि सड़क को लेकर कम से कम दस बार आंदोलन किए गए, लेकिन किसी भी स्तर पर सुनवाई नहीं हुई। वह कहते हैं कि अब लोग भी समझ चुके हैं कि प्रशासन पर आंदोलन का असर नहीं पड़ता। सड़क को तत्काल पक्का किया जाए और लोगों की मुसीबत दूर की जाए।

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