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Pithoragarh News: बिना प्रयोगशाला के ज्ञान ले रहे विज्ञान के विद्यार्थी
Sun, 12 Jan 2025 02:56 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 12 Jan 2025 02:56 AM IST
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पिथौरागढ़। बिण विकासखंड के 14 इंटर कॉलेजों में प्रयोगशाला कक्ष नहीं हैं। अस्थायी तौर पर सिर्फ एक कक्ष में भौतिक, रसायन, जीव विज्ञान और गणित की प्रयोगशाला संचालित हो रही है। ऐसे में हाईस्कूल और इंटर की छह कक्षाओं के विद्यार्थी सिर्फ एक प्रयोगशाला कक्ष में प्रयोग करने के लिए मजबूर हैं।
शिक्षा व्यवस्था की बेहतरी के दावे तो खूब हो रहे हैं जो धरातल पर बेअसर हैं। सीमांत जिले में कई इंटर कॉलेज और हाईस्कूल ऐसे हैं जहां प्रयोगशालाएं तो हैं लेकिन इनके लिए कक्ष नहीं बन सके हैं।
बिण विकासखंड के एसडीएस इंटर कॉलेज, जीआईसी बांस, कुम्डार, गोरंगचौड़, जीजीआईसी ऐंचोली, जीआईसी थरकोट, रोढ़ीपाली, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बिण, पाभै, कुमय्याचौड़, झूणी, नैनीभार, राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय बिषाड़ में प्रयोगशाला कक्ष न होने से विद्यार्थी दुश्वारियां झेल रहे हैं।
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नियमों के मुताबिक और विद्यार्थियों को विज्ञान, गणित का ज्ञान देने के लिए हर इंटर कॉलेज में अलग-अलग प्रयोगशालाएं होनी चाहिए। इन विद्यालयों में प्रयोगशाला कक्ष न होने से एक ही कक्ष में भौतिक, रसायन, जीव विज्ञान और गणित की प्रयोगशालाओं का संचालन करना पड़ रहा है।
एक कक्ष में प्रयोग के लिए जरूरी सभी विषयों के उपकरण सहित अन्य सामग्री जुटाना नामुमकिन है। ऐसे में इन विद्यालयों में तीन हजार से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और विद्यालयों के एक छोटे कक्ष में उपकरणों के बगैर प्रयोग कर विद्यार्थी अपने भविष्य के सपने साकार करने में जुटे हैं।
कोट -
कुछ विद्यालयों में प्रयोगशाला कक्ष नहीं हैं। जिन विद्यालयों में मानकों के अनुरूप प्रयोगशाला कक्ष नहीं हैं उनका प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति के बाद प्रयोगशाला कक्षों का निर्माण किया जाएगा। - गणेश सिंह ज्याला, खंड शिक्षा अधिकारी, बिण
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शिक्षा व्यवस्था की बेहतरी के दावे तो खूब हो रहे हैं जो धरातल पर बेअसर हैं। सीमांत जिले में कई इंटर कॉलेज और हाईस्कूल ऐसे हैं जहां प्रयोगशालाएं तो हैं लेकिन इनके लिए कक्ष नहीं बन सके हैं।
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बिण विकासखंड के एसडीएस इंटर कॉलेज, जीआईसी बांस, कुम्डार, गोरंगचौड़, जीजीआईसी ऐंचोली, जीआईसी थरकोट, रोढ़ीपाली, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बिण, पाभै, कुमय्याचौड़, झूणी, नैनीभार, राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय बिषाड़ में प्रयोगशाला कक्ष न होने से विद्यार्थी दुश्वारियां झेल रहे हैं।
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नियमों के मुताबिक और विद्यार्थियों को विज्ञान, गणित का ज्ञान देने के लिए हर इंटर कॉलेज में अलग-अलग प्रयोगशालाएं होनी चाहिए। इन विद्यालयों में प्रयोगशाला कक्ष न होने से एक ही कक्ष में भौतिक, रसायन, जीव विज्ञान और गणित की प्रयोगशालाओं का संचालन करना पड़ रहा है।
एक कक्ष में प्रयोग के लिए जरूरी सभी विषयों के उपकरण सहित अन्य सामग्री जुटाना नामुमकिन है। ऐसे में इन विद्यालयों में तीन हजार से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और विद्यालयों के एक छोटे कक्ष में उपकरणों के बगैर प्रयोग कर विद्यार्थी अपने भविष्य के सपने साकार करने में जुटे हैं।
कोट -
कुछ विद्यालयों में प्रयोगशाला कक्ष नहीं हैं। जिन विद्यालयों में मानकों के अनुरूप प्रयोगशाला कक्ष नहीं हैं उनका प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति के बाद प्रयोगशाला कक्षों का निर्माण किया जाएगा। - गणेश सिंह ज्याला, खंड शिक्षा अधिकारी, बिण

खोली में शांतनु का स्वागत करते कांग्रेस कार्यकर्ता। -संवाद