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सातशिलिंग-थल रोड तीसरे दिन भी बंद

Wed, 03 Aug 2016 10:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Wed, 03 Aug 2016 10:27 PM IST
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Satshiling third day off-site road
सातशिलिंग-थल रोड पर बीसाबजेड़ के पास गिरी चट्टान - फोटो : अमर उजाला

सातशिलिंग-थल मार्ग पर यातायात लगातार तीसरे दिन भी बंद रहा। बीसाबजेड़ के पास मलबा आने से यह सड़क रविवार रात से बंद है, इस कारण यात्रियों एवं वाहन चालकों को देवलथल-कनालीछीना और थल से डीडीहाट होते हुए जिला मुख्यालय आना पड़ रहा है। वापसी में भी वाहनों को यही रूट पकड़ना पड़ रहा है।

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वहीं, तीन दिन से मुख्य सड़क बंद होने से लोगों में भारी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि एक सड़क को खोलने में तीन दिन का समय लग रहा है तो यह कैसा आपदा प्रबंधन है। सड़क बंद होने से सबसे ज्यादा मुसीबत देवलथल से बीसाबजेड़ के बीच में पड़ने वाले गांव के लोगों को हो रही है। इन इलाकों में जरूरी सामान नहीं पहुंच पा रहा है। बताया गया कि सातशिलिंग-थल मार्ग के विस्तारीकरण के समय पहाड़ियों को इतने खतरनाक ढंग से काट दिया गया कि वह अब किसी भी समय दरकने लगती हैं। इससे पहले भी कई बार यह रोड बंद हो चुकी है और लोगों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ा है।
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प्रशासन ने अब तक अपने स्तर से सड़क खोलने के लिए कोई प्रयास नहीं किया है। भाजपा के जिला उपाध्यक्ष मनोज भट्ट ने कहा कि यदि 24 घंटे के भीतर सड़क नहीं खोली गई तो एडीबी के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने इस मुद्दे पर चार अगस्त को डीएम कार्यालय के सामने धरना देने का एलान किया है। इस बीच तवाघाट से नारायणआश्रम और तवाघाट से मांगती रोड भी मलबा आने के कारण बंद है। पांगला में पुल पर गिरे मलबे का थोड़ा हिस्सा हटाने के बाद बुधवार सुबह पुल से आवागमन होने लगा है। 
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खतरे में घिरा पांगला गांव
धारचूला (पिथौरागढ़)। पांगला गांव के पास की पहाड़ी पर हुए भूस्खलन से गांव के आठ परिवार खतरे की जद में आ गए हैं। गांव में भूस्खलन से पैदल रास्ते टूट गए हैं और लगातार पत्थर गिरने से लोगों के लिए खतरा पैदा हो गया है। ग्राम प्रधान देवकी देवी और समाजसेवी जनक सिंह बिष्ट ने कहा कि यदि खतरे से घिरे लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था नहीं की गई तो गांव में बड़ा हादसा हो सकता है। एसडीएम एसके पांडे ने राजस्व विभाग की टीम को गांव के लिए भेज दिया है। अब तक लोगों की सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए। पांगला में पहले भी भूस्खलन की घटना हो चुकी है। लोगों की मांग है कि खतरे से घिरे लोगों के लिए सुरक्षित स्थान पर व्यवस्था की जाए।


सड़क के भूस्खलन से पैकटिया गांव को खतरा
पिथौरागढ़। सातशिलिंग-थल मार्ग पर हो रहे भूस्खलन से ग्राम पंचायत भौड़ी का पैकटिया गांव खतरे में आ गया है। ग्राम प्रधान और वन पंचायत सरपंच ने जिलाधिकारी को पत्र देकर खतरा बनी चट्टानों को कटवाने की मांग की है। ग्राम प्रधान विमला देवी, वन पंचायत सरपंच दीवानी राम ने डीएम को सौंपे ज्ञापन में कहा कि थल सड़क के पास चट्टान दरकने से मलबा गांव में घुस रहा है। पास की चट्टान में भी दरार आ गई है। गांव की पेयजल योजना ध्वस्त हो गई है। पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। लोगों के खेत, बगीचों को मलबे से नुकसान पहुंचा है। पहाड़ी पर दरार आने से गांव के लोग भयभीत हैं। यदि चट्टान टूटी तो गांव के लिए खतरा हो सकता है। कहा कि एक जुलाई को हुए भूस्खलन के बाद एसडीएम और राजस्व उप निरीक्षक ने मौके का मुआयना किया था। गांव की सुरक्षा के लिए सड़क से तत्काल मलबा हटाने के निर्देश विभाग को दिए गए, लेकिन अब तक मलबा नहीं हटाया गया। जिलाधिकारी ने आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।

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