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Pithoragarh News: ठंड में भी वही परेशानी, जरूरत से कम मिल रहा जनता को पानी

Tue, 24 Oct 2023 10:49 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Tue, 24 Oct 2023 10:49 PM IST
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Same problem in winter also, people are getting less water than required.
लोहाघाट में सोलर हैंडपंप से पानी भरने के लिए लगी महिलाओं की लाइन। संवाद
पिथौरागढ़। पहाड़ों पर मौसम ठंडा होने लगा है। अमूमन सर्दियों में पानी की कम खपत होती है लेकिन फिर भी यहां पानी की सामान्य आपूर्ति नहीं हो पा रही है। पिथौरागढ़ नगर क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जा रही है। लोगों को जरूरत का पानी नहीं मिलने से उन्हें नौले, धारों या हैडपंप से व्यवस्था करनी पड़ती है।
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एक लाख की आबादी वाले पिथौरागढ़ नगर क्षेत्र और आसपास के गांवों के लिए करीब 12 एमएलडी पानी की जरूरत है। वर्तमान में आंवलाघाट, घाट, ठूलीगाड़, भिलौत, महादेव पंप आदि स्थानों से पानी नगर में की आपूर्ति की जाती है। आंवलाघाट से ही सबसे अधिक पानी आपूर्ति होती है लेकिन इन सभी योजनाओं से भी जरूरत के हिसाब से पानी नहीं मिल पाता है।
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गर्मी हो या सर्दी का मौसम पूरे साल कभी भी लोगों को जरूरत का पानी नहीं मिल पाता है। ऐसे में जल संस्थान जीआईसी, तिलढुकरी सहित नगर के विभिन्न हिस्सों में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति करता है। ऐसे में लोगों को विभिन्न नौले या धारों से पानी जुटाना पड़ता है। जल संस्थान के ईई सुरेश जोशी का कहना है कि विभिन्न योजनाओं से करीब साढ़े 10 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जा रही है। संवाद
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लोहाघाट में एक दिन छोड़कर मिल रहा पानी

चंपावत/लोहाघाट। चंपावत जिले के शहरी क्षेत्रों में करीब 50 प्रतिशत पेयजल मिल रहा है लेकिन सबसे ज्यादा दुश्वारी लोहाघाट में है। यहां बमुश्किल एक तिहाई पानी की आपूर्ति हो रही है। इस वजह से यहां के लोगों को हैंडपंप और नौलों से पानी ढोना पड़ता है।
जिले के शहरी क्षेत्रों में 109.90 लाख लीटर पानी की जरूरत है लेकिन 55.90 लाख लीटर पानी मिल रहा है। पिछले साल क्वैराला पंपिंग योजना पूरी होने के बाद चंपावत की पेयजल व्यवस्था में सुधार हुआ है। टनकपुर और बनबसा में लिफ्ट योजना के अलावा हैंडपंप लोगों के लिए पानी जुटाने का सहारा बने हुए हैं।
पेयजल की सबसे ज्यादा किल्लत लोहाघाट में है। यहां शहरी क्षेत्रों में नागरिकों को एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति हो रही है। जल संस्थान के ईई विलाल युनूस का कहना है कि लोहाघाट के लिए पेयजल योजना प्रस्तावित की गई है। वहीं जल जीवन मिशन से जिले में 45947 घरों को पेयजल संयोजन देने का लक्ष्य है। इसमें से 37 हजार से अधिक घरों में संयोजन दिए जा चुके हैं।


कोलीढेक झील से प्रस्तावित है लोहाघाट के लिए पेयजल योजना

लोहाघाट (चंपावत)। लोहाघाट क्षेत्र की पेयजल किल्लत दूर करने के लिए कोलीढेक झील से पेयजल योजना प्रस्तावित की गई है। जल निगम के ईई वीके पाल का कहना है कि झील से पेयजल योजना के लिए 2707.72 लाख रुपये का आगणन शासन को भेजा गया है। इस योजना को जायका (जापान इंट्रेक्टिव कॉरपोरेशन एजेंसी) परियोजना से बनाया जाएगा। संवाद

शहर : मांग- पूर्ति (लाख लीटर)
चंपावत : 23.60- 19.10

लोहाघाट : 20.70- 7.20
टनकपुर : 49.10- 21.70
बनबसा : 16.50- 7.90

कुल : 109.90- 55.90
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