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Pithoragarh News: तरकुली-टीजे को जोड़ने वाली सड़क को मरहम का इंतजार
Fri, 19 Jun 2026 10:58 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 19 Jun 2026 10:58 PM IST
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मंच (चंपावत)। तरकुली-टीजे मोटर मार्ग पर एक वर्ष बीत जाने के बाद भी डामरीकरण का कार्य शुरू नहीं हो सका है। सड़क कटिंग का कार्य पूरा होने के बावजूद मार्ग आज भी कच्ची और बदहाल बनी हुई है। इससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सीमांत तल्लादेश क्षेत्र को टनकपुर से जोड़ने वाली करीब छह किलोमीटर लंबी तरकुली-टीजे सड़क क्षेत्र की जीवनरेखा है। इस मार्ग से टनकपुर की दूरी सिर्फ 52 किलोमीटर है। तामली, सीमिया, हरम, रमैला, मंच, दुबड़जैनल समेत 10 से अधिक ग्राम पंचायतों के लगभग 25 हजार लोग टनकपुर आवाजाही करते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार समेत अन्य आवश्यक कार्यों के लिए भी लोग इसी सड़क पर निर्भर हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सड़क कटिंग का कार्य एक वर्ष पूर्व पूरा हो गया था। बावजूद इसके अब तक डामरीकरण नहीं हो सका है। उनका कहना है कि सड़क पर धूल और बड़े-बड़े गड्ढे यात्रियों की परेशानी बढ़ा रही हैं। उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी बरसात के दौरान होती है। बरसात के दौरान उनके लिए सड़क पर जान जोखिम में डालकर सफर करना मजबूरी है।
.........
सड़क की हालत बेहद खराब है। बारिश के दौरान पहाड़ी से पत्थर गिरने लगते हैं। सड़क पर नालों का पानी बहने लगता है। इससे आवागमन जोखिम भरा हो जाता है। इस मार्ग से प्रतिदिन करीब 80 यात्री सफर करते हैं। लोगों की सुरक्षा और सुगम यातायात के लिए सड़क का डामरीकरण जल्द कराया जाना चाहिए।- चंदन जोशी, चालक
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यह सड़क क्षेत्र के कई गांवों की जीवनरेखा है। रोजाना लोग टनकपुर आने-जाने के लिए इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। छह किलोमीटर लंबी सड़क की बदहाल स्थिति के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है। - सूरज महर, ग्राम प्रधान, हरम
सड़क की बदहाल स्थिति का सबसे अधिक असर महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों पर पड़ रहा है। धूल और गड्ढों के कारण लोगों का सफर मुश्किल हो गया है। प्रशासन को सड़क पर जल्द डामरीकरण करना चाहिए। इससे वाहन चालकों को भी राहत मिलेगी।
- निर्मला पांडेय, ग्राम प्रधान नीड
इस सड़क के डामरीकरण होने से क्षेत्र की लगभग 25 हजार आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। टनकपुर तक आवागमन भी अधिक सुगम हो जाएगा। सरकार को इस महत्वपूर्ण मार्ग पर शीघ्र डामरीकरण कार्य शुरू कराना चाहिए। - अनिल महर, ग्राम प्रधान मंच
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सीमांत तल्लादेश क्षेत्र को टनकपुर से जोड़ने वाली करीब छह किलोमीटर लंबी तरकुली-टीजे सड़क क्षेत्र की जीवनरेखा है। इस मार्ग से टनकपुर की दूरी सिर्फ 52 किलोमीटर है। तामली, सीमिया, हरम, रमैला, मंच, दुबड़जैनल समेत 10 से अधिक ग्राम पंचायतों के लगभग 25 हजार लोग टनकपुर आवाजाही करते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार समेत अन्य आवश्यक कार्यों के लिए भी लोग इसी सड़क पर निर्भर हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सड़क कटिंग का कार्य एक वर्ष पूर्व पूरा हो गया था। बावजूद इसके अब तक डामरीकरण नहीं हो सका है। उनका कहना है कि सड़क पर धूल और बड़े-बड़े गड्ढे यात्रियों की परेशानी बढ़ा रही हैं। उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी बरसात के दौरान होती है। बरसात के दौरान उनके लिए सड़क पर जान जोखिम में डालकर सफर करना मजबूरी है।
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सड़क की हालत बेहद खराब है। बारिश के दौरान पहाड़ी से पत्थर गिरने लगते हैं। सड़क पर नालों का पानी बहने लगता है। इससे आवागमन जोखिम भरा हो जाता है। इस मार्ग से प्रतिदिन करीब 80 यात्री सफर करते हैं। लोगों की सुरक्षा और सुगम यातायात के लिए सड़क का डामरीकरण जल्द कराया जाना चाहिए।- चंदन जोशी, चालक
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यह सड़क क्षेत्र के कई गांवों की जीवनरेखा है। रोजाना लोग टनकपुर आने-जाने के लिए इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। छह किलोमीटर लंबी सड़क की बदहाल स्थिति के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है। - सूरज महर, ग्राम प्रधान, हरम
सड़क की बदहाल स्थिति का सबसे अधिक असर महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों पर पड़ रहा है। धूल और गड्ढों के कारण लोगों का सफर मुश्किल हो गया है। प्रशासन को सड़क पर जल्द डामरीकरण करना चाहिए। इससे वाहन चालकों को भी राहत मिलेगी।
- निर्मला पांडेय, ग्राम प्रधान नीड
इस सड़क के डामरीकरण होने से क्षेत्र की लगभग 25 हजार आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। टनकपुर तक आवागमन भी अधिक सुगम हो जाएगा। सरकार को इस महत्वपूर्ण मार्ग पर शीघ्र डामरीकरण कार्य शुरू कराना चाहिए। - अनिल महर, ग्राम प्रधान मंच