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Pithoragarh News: संशोिुधत....ताला लगाने का हुआ एलान, जनता हो जाएगी परेशान

Tue, 15 Apr 2025 10:45 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Tue, 15 Apr 2025 10:45 PM IST
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Revised...lock down announced, people will be troubled
पिथौरागढ़ के एक निजी होटल में बैठक करते जिले भर के सस्ता गल्ला विक्रेता। संवाद 
पिथौरागढ़। जिले भर के सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने मंगलवार को जिला मुख्यालय में बैठक कर मई से राशन वितरण बंद करने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित बिलों का भुगतान नहीं हुआ है। गोदामों से बगैर तौल के राशन देने से उन्हें नुकसान हो रहा है। सरकार ने उन्हें मानदेय देने से भी हाथ पीछे खींच लिए हैं। ऐसे में अब वह सामूहिक इस्तीफा देकर राशन बांटना बंद कर देंगे।
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मंगलवार को हुई बैठक में विक्रेताओं ने कहा कि कर्ज लेकर वे बिलों का भुगतान करने के साथ ही गोदामों से राशन उठाने के लिए मजबूर हैं। ऐसे हालात में वे अब राशन नहीं बांट सकते हैं। मई से वे दुकानों पर ताले लगा देंगे। बैठक में संगठन के जिलाध्यक्ष मनोज पांडे, गिरधर पांगती, अनिल जोशी, होशियार सिंह, कमल टम्टा, मनोज कापड़ी, लक्ष्मण गिरि, कैलाश, भागीरथी बिष्ट, सुनीता बिष्ट, हरिप्रिया पांडे, महिमन भट्ट सहित कई सस्ता गल्ला विक्रेता मौजूद रहे।
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तो सरकारी राशन की 780 दुकानों पर लटक जाएंगे ताले
यदि विक्रेताओं ने राशन वितरण बंद कर दिया तो जिले भर में 780 सरकारी राशन की दुकानों पर ताले लटक जाएंगे। तीन लाख से अधिक उपभोक्ताओं को राशन मिलना बंद हो जाएगा।
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ये हैं विक्रेताओं की समस्याएं
- सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने कहा कि गोदामों में धर्मकांटा नहीं लगाया गया है

- हर कट्टे में पांच से आठ किलो राशन कम निकल रहा है। इसकी भरपाई उन्हें अपनी जेब से करनी पड़ रही है। - - बगैर धर्मकांटे के ई-पॉस मशीनें लगाईं जा रही हैं

- मानदेय देने पर सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही है

- वर्ष 2016-17 से अब तक के लाखों रुपयों के बिल लंबित हैं

आंदोलन को विधायक का समर्थन
सस्ता गल्ला विक्रेताओं की बैठक में विधायक मयूख महर और कांग्रेस नेता ऋषेंद्र महर भी पहुंचे। विधायक ने विक्रेताओं की मांगों को जायज ठहराते हुए मामले को विधानसभा में उठाने का भरोसा दिया। कहा कि सरकार जनहित के मुद्दों को नहीं सुनना चाहती है। यही कारण है कि तीन वर्ष के कार्यकाल में अब तक उनके 25 सवालों के जवाब नहीं दिए गए। आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार जनता को सिर्फ जाति, धर्म के नाम पर बांटकर अपना राजनीतिक स्वार्थ सिद्ध करना चाहती है। मुख्यमंत्री के गृह जनपद में यदि जनता को राशन नहीं मिलेगा तो यह शर्मनाक है।


कोट
सस्ता गल्ला विक्रेताओं की मांगों को शासन तक पहुंचाया जाएगा। सभी मुद्दों पर शासन स्तर पर ही निर्णय लिया जा सकता है। - आशीष पुनेठा, प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी, पिथौरागढ़
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