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Pithoragarh News: थल-सातशिलिंग सड़क खुलने से मिली राहत
Sun, 29 Sep 2024 09:31 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 29 Sep 2024 09:31 PM IST
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थल-सातशिलिंग रोड खुलने पर नागीमल मंदिर के पास से गुजरता वाहन।
थल (पिथौरागढ़) । जिला मुख्यालय को जोड़ने वाला मुख्य राजमार्ग थल-सातशिलिंग पांचवें दिन शाम को यातायात के लिए खुल पाया। इससे क्षेत्र के लोगों के साथ ही यात्रियों को भी राहत मिली है। 25 सितंबर को सड़क के दाएं छोर पर रामगंगा के कटाव से 60 मीटर सड़क नदी में समा गई थी।
लोनिवि ने पहाड़ी काटकर नई सड़क बनाई। सड़क खुल तो गई है लेकिन अभी भी आवागमन बहुत जोखिम भरा हुआ है। ऊपर नागीमल मंदिर की पहाड़ी दरकी हुई है। बोल्डर गिरने का भय बना हुआ है। नीचे रामगंगा के कटाव से सड़क का 160 मीटर हिस्सा खतरनाक जोन में बदल चुका है। बरसात के दिनों में नदी के कटाव से सड़क के बारबार टूटने का खतरा बरकरार है। जब तक नदी के कटाव को रोकने के लिए तटबंध नहीं बनाए जाते हैं तब तक सड़क के टूटने का सिलसिला जारी रहने वाला है। सड़क को बचाने का एकमात्र यह हो सकता है कि उपचार के लिए लोनिवि र सिंचाई विभाग नदी के किनारे कंकरीट युक्त तटबंध बनाए। नीचे की ओर बार बार सड़क के टूट जाने से ऊपर दरकी पहाड़ी को भी बार-बार काटना घातक हो सकता है। फिलहाल सड़क पर आवागमन बहाल होने से लोनिवि और स्थानीय व्यापारियों के साथ क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है। सितंबर में तेरह और आठ दिन के अंतराल में दो बार सड़क के बंद होने से आम लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा।
कोट:
नागीमल मंदिर की पहाड़ी पर अटके हुए पत्थरों को दो-तीन दिन के भीतर श्रमिक लगाकर हटाया जाएगा। यात्रा को सुरक्षित बनाए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। - अवधेश कुमार सक्सेना, अधिशासी अभियंता लोनिवि पिथौरागढ़
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लोनिवि ने पहाड़ी काटकर नई सड़क बनाई। सड़क खुल तो गई है लेकिन अभी भी आवागमन बहुत जोखिम भरा हुआ है। ऊपर नागीमल मंदिर की पहाड़ी दरकी हुई है। बोल्डर गिरने का भय बना हुआ है। नीचे रामगंगा के कटाव से सड़क का 160 मीटर हिस्सा खतरनाक जोन में बदल चुका है। बरसात के दिनों में नदी के कटाव से सड़क के बारबार टूटने का खतरा बरकरार है। जब तक नदी के कटाव को रोकने के लिए तटबंध नहीं बनाए जाते हैं तब तक सड़क के टूटने का सिलसिला जारी रहने वाला है। सड़क को बचाने का एकमात्र यह हो सकता है कि उपचार के लिए लोनिवि र सिंचाई विभाग नदी के किनारे कंकरीट युक्त तटबंध बनाए। नीचे की ओर बार बार सड़क के टूट जाने से ऊपर दरकी पहाड़ी को भी बार-बार काटना घातक हो सकता है। फिलहाल सड़क पर आवागमन बहाल होने से लोनिवि और स्थानीय व्यापारियों के साथ क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है। सितंबर में तेरह और आठ दिन के अंतराल में दो बार सड़क के बंद होने से आम लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा।
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कोट:
नागीमल मंदिर की पहाड़ी पर अटके हुए पत्थरों को दो-तीन दिन के भीतर श्रमिक लगाकर हटाया जाएगा। यात्रा को सुरक्षित बनाए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। - अवधेश कुमार सक्सेना, अधिशासी अभियंता लोनिवि पिथौरागढ़
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