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Pithoragarh News: दुष्कर्म के दोषी को 12 वर्ष के कठोर कारावास की सजा
Mon, 22 May 2023 10:46 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 22 May 2023 10:46 PM IST
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पिथौरागढ़। जिला सत्र न्यायाधीश ने घर में घुसकर महिला से दुष्कर्म और मारपीट करने के मामले में अभियुक्त को 12 वर्ष के कठोर कारावास और 31 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। दुष्कर्म पीड़िता की मौत हो चुकी है।
मामले के अनुसार वर्ष 2020 में मूल रूप से नेपाल निवासी गणेश बहादुर ने पिथौरागढ़ नगर के एक वार्ड में रहने वाली महिला के घर में घुसकर उसके साथ दुष्कर्म किया था। उसने महिला के साथ मारपीट कर उसके दांत भी तोड़ दिए थे। महिला की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ पिथौरागढ़ कोतवाली में केस दर्ज किया गया था। यह मामला जिला सत्र न्यायालय में चला।
मामले की सुनवाई के बाद दोष सिद्ध होने पर जिला सत्र न्यायाधीश शंकर राज ने अभियुक्त गणेश बहादुर निवासी देवलेख, बजांग नेपाल निवासी को आईपीसी की धारा 323 के तहत एक वर्ष का कठोर कारावास और 1000 रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर अभियुक्त को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। आईपीसी की धारा 376 के तहत 12 वर्ष के कठोर कारावास और 30,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
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अर्थदंड नहीं देने पर अभियुक्त को तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। इसमें अभियुक्त की अब तक कारावास में बिताई गई सजा समायोजित की जाएगी। दुष्कर्म पीड़िता की पूर्व में ही मौत हो चुकी है। मामले की पैरवी डीजीसी प्रमोद पंत और एडीजीसी प्रेम भंडारी ने की।
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मामले के अनुसार वर्ष 2020 में मूल रूप से नेपाल निवासी गणेश बहादुर ने पिथौरागढ़ नगर के एक वार्ड में रहने वाली महिला के घर में घुसकर उसके साथ दुष्कर्म किया था। उसने महिला के साथ मारपीट कर उसके दांत भी तोड़ दिए थे। महिला की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ पिथौरागढ़ कोतवाली में केस दर्ज किया गया था। यह मामला जिला सत्र न्यायालय में चला।
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मामले की सुनवाई के बाद दोष सिद्ध होने पर जिला सत्र न्यायाधीश शंकर राज ने अभियुक्त गणेश बहादुर निवासी देवलेख, बजांग नेपाल निवासी को आईपीसी की धारा 323 के तहत एक वर्ष का कठोर कारावास और 1000 रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर अभियुक्त को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। आईपीसी की धारा 376 के तहत 12 वर्ष के कठोर कारावास और 30,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
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अर्थदंड नहीं देने पर अभियुक्त को तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। इसमें अभियुक्त की अब तक कारावास में बिताई गई सजा समायोजित की जाएगी। दुष्कर्म पीड़िता की पूर्व में ही मौत हो चुकी है। मामले की पैरवी डीजीसी प्रमोद पंत और एडीजीसी प्रेम भंडारी ने की।