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लोनिवि दफ्तर में तालाबंदी, प्रदर्शन के साथ ही दिया धरना
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Tue, 15 Sep 2015 04:49 PM IST
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पांच साल बाद भी छडनदेव-न्वाली सड़क का निर्माण न होने से गुस्साए लोग सोमवार को अस्कोट पहुंचे। लोनिवि कार्यालय में प्रदर्शन कर कार्यालय में तालाबंदी भी की। लोग कार्यालय में धरने पर ही बैठ गए। लोनिवि के ईई ने लिखित आश्वासन के बाद लोग माने। 22 से जिला मुख्यालय में प्रस्तावित आंदोलन स्थगित कर दिया है।
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न्वाली की पूर्व प्रधान लीला जोशी के नेतृत्व में पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत लोग लोनिवि दफ्तर पहुंचे और लोनिवि के अभियंताओं को जिम्मेदार ठहराते हुए नारेबाजी की। प्रधान का कहना था कि 15 किमी लंबी सड़क का निर्माण कार्य 2010 में शुरू हुआ। किमी दो और तीन की कटिंग ही नहीं की गई। शेष सड़क भी वाहन संचालन लायक नहीं है। लोगों ने 12 बजे से लोनिवि दफ्तर में ताले डाल दिए। अधिशासी अभियंता पीसी पंत ने लोगों से वार्ता की। ईई ने कहा कि इस समय सड़क में पार्ट टू का काम चल रहा है। ठेकेदार ने किमी तीन और चार में काम नहीं किया, उस पर पेनाल्टी लगाई जा रही है। बांड निरस्त किया जा रहा है। एक महीने में नए टेंडर लगाकर तीन महीने के भीतर सड़क का काम पूरा कर दिया जाएगा। लोगों ने पांच साल तक ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई न करने को विभागीय अभियंताओं की मिलीभगत बताई । कहा कि सरकारी धन का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने जमीन का मुआवजा न मिलने पर भी रोष प्रकट करते हुए कहा कि विभाग ने ग्रामीणों से सड़क बनाने के लिए जमीन ले ली, उसका भी मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। ईई ने कहा कि पुराने रेट से मुआवजा चाहते हैं तो तुरंत हो जाएगा। नए रेट से मुआवजे के लिए प्रस्ताव भेजा है, मंजूरी मिलते ही मुआवजा दे दिया जाएगा। प्रदर्शन में नंदकिशोर जोशी, विधायक प्रतिनिधि संजय भंडारी, क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेंद्र दिगारी, खीमानंद जोशी, मोहन सिंह दिगारी, प्रधान जगदीश टम्टा, पदम सिंह धामी, डिगर सिंह, विजय सिंह, घटकोला के प्रधान शंकर राम, कमला भट्ट, उर्मिला जोशी, रेखा देवी, लीला देवी, हिम्मत राम, कुंवर राम, मोहन राम, माधवानंद, संतोष कुमार, लछी राम आदि शामिल थे। सड़क न बनने से 15 किमी के दायरे में फैले गैडाली, ढटखोला, रूनड़ा, गाजरी के लोगों को कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। सड़क न बनने को लेकर इन लोगों ने मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और विधायक विशन सिंह चुफाल को ज्ञापन भेजा है।
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