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ठुलीगाड़ और घाट पंपिंग योजना के पंप शीघ्र बदलेंगे

Tue, 04 Apr 2017 10:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Tue, 04 Apr 2017 10:24 PM IST
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Pumps of Thuligad and Ghat pumping scheme will change soon
प्रकाश पंत - फोटो : अमर उजाला

पेयजल मंत्री प्रकाश पंत ने पहाड़ के नगरों की पेयजल समस्या को गंभीरता से लिया है। कहा कि पिथौरागढ़ नगर के लिए बनी ठुलीगाड़ और घाट पंपिंग योजना के पंप शीघ्र बदले जाएंगे, ताकि पंप खराब होने से पेयजल सप्लाई बाधित न हो। इसके अलावा पेयजल लाइन के बार-बार फटने की समस्या को हल करने के लिए अब दोनों योजनाओं में नई पाइप लाइन बिछाई जाएगी। पेयजल मंत्री ने मंगलवार को अमर उजाला में पेयजल संकट पर छपी खबरों का संज्ञान लिया।

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इस मुद्दे पर अमर उजाला से बातचीत में पंत ने कहा कि घाट पंपिंग योजना काफी पुरानी हो गई है। 2011 में भाजपा शासन में घाट पंपिंग योजना के पंप बदले गए थे। तब से यह उसी हालत में चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि घाट में बहने वाली सरयू में पर्याप्त पानी है। इसको लिफ्ट करने के लिए यदि पंपों की हालत सही होगी तो कोई दिक्कत नहीं आएगी। नए पंपों के लिए जल्दी धन दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ठुलीगाड़ पंपिंग योजना वर्ष 2000 में बनी थी। तब से उसके पंप भी नहीं बदले गए हैं। उन्होंने बताया कि पहाड़ के जिलों खासकर अल्मोड़ा, बागेश्वर और चंपावत में पेयजल संकट की स्थिति का जायजा लेने के लिए वहां के एसडीएम को जोनल अधिकारी और जल संस्थान के ईई को नोडल अधिकारी बनाने के आदेश तत्काल जारी कर दिए गए हैं। हर जिलाधिकारी से कहा गया कि वह गर्मी के सीजन में संकटग्रस्त इलाकों में पानी के वितरण के लिए टैंकर हायर करें। पेयजल संकट के निदान के लिए अब त्वरित कार्रवाई होगी। पेयजल संकट से संबंधित सूचना एकत्र करने के लिए हर जिले के आपदा प्रबंधन अधिकारियों को भी जिम्मेदारी दी गई। वह ग्रुप मैसेजिंग और वाट्सएप के माध्यम से सूचनाएं एकत्र करेंगे तथा तत्काल संबंधित विभाग को यह मैसेज डिलीवर करेंगे।
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पंत ने स्वीकार किया कि कुछ शहरों में पेयजल का संकट है, लेकिन इसका समाधान करने के लिए अब अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। वितरण प्रणाली की खामियों को दूर करने, जनता की शिकायतों पर तत्काल एक्शन लेने को कहा गया है। यदि किसी स्तर अधिकारियों ने लापरवाही की तो सरकार सख्त कार्रवाई से नहीं हिचकेगी। उन्होंने बताया कि ग्रामीण इलाकों में बीडीओ, एडीओ, जल संस्थान के एई, राजस्व उपनिरीक्षकों को भी दायित्व सौंपे गए हैं। पेयजल संकट और समाधान के लिए यह अधिकारी जिम्मेदार होंगे। टुल्लू पंपों के संचालन से पहुंचने वाली बाधा को उन्होंने गंभीरता से लिया है। अब पानी खुलते समय अनिवार्य रूप से बिजली की कटौती की जाएगी। पेयजल मंत्री ने कहा है कि जल्दी ही इसके परिणाम सामने आएंगे।
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पिथौरागढ़ नगर में आंशिक जलापूर्ति
नगर में मंगलवार को आंशिक पेयजल सप्लाई हुई। घाट पंपिंग योजना के पाइप जोड़ने का काम पूरा न हो पाने के कारण सोमवार की रात भी टैंकों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाया। सुबह कुछ देर तक पानी लिफ्ट किया गया और नगर के कुछ हिस्सों में इसका वितरण किया गया। जल संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि अब लाइन की मरम्मत हो गई है। बुधवार से सप्लाई सामान्य हो जाएगी।

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