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छात्रों ने रोका कैबिनेट मंत्री और एसएसजे के कुलपति का काफिला

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 29 Dec 2021 12:12 AM IST
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Protest by Student Leaders in Pithauragarh
पिथौरागढ़ महाविद्यालय में पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष नितिन मारकाना कैबिनेट मंत्री से वार्ता करते ? - फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। एलएसएम महाविद्यालय को सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय का परिसर बनाने से नाराज महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष नितिन सिंह मारकाना के नेतृत्व में कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल और सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. नरेंद्र सिंह भंडारी का काफिला रोक कर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि परिसर अन्य स्थान पर बनाया जाए या फिर इसके बदले नया विश्वविद्यालय बनाया जाए।
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यहां मंगलवार को आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में शामिल होने के लिए एसएसजे विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. नरेंद्र सिंह भंडारी महाविद्यालय के प्रथम गेट पर पहुंचे। इस दौरान पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष नितिन मारकाना के साथ महाविद्यालय गेट के अंदर बैठे छात्रनेताओं ने उनकी राह रोक जमकर नारे लगाए। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में परिसर बनाना सही नहीं है। परिसर किसी अन्य जगह पर बनाया जाए। इसके कुछ देर बाद कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल सेमिनार में शामिल होने आए लेकिन छात्रों के रास्ते पर बैठने के कारण उन्हें भी रुकना पड़ा। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष नितिन मारकाना ने कहा कि सरकार आनन-फानन महाविद्यालय को परिसर बना रही है। इससे सीमांत के छात्रों को नुकसान उठाना पड़ेगा। परिसर बनने से फीस बढ़ेगी। सीटें सीमित होने से छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए अन्य जिलों के महाविद्यालयों पर निर्भर होना पड़ेगा।
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मारकाना ने कहा कि दशकों तक छात्र-छात्राओं के संघर्ष से यह महाविद्यालय सुविधा संपन्न हुआ है। छात्रसंख्या के हिसाब से ये उत्तराखंड के चुनिंदा सरकारी महाविद्यालयों में शुमार है। परिसर बनने से यहां छात्र संख्या कम हो जाएगी। मारकाना ने बताया कि छात्र-छात्राएं पिथौरागढ़ महाविद्यालय को परिसर बनाने का विरोध कर रहे हैं। किसी अन्य स्थान पर नये परिसर के निर्माण से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने परिसर के आदेश को शीघ्र वापस न लेने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। इस दौरान छात्रसंघ अध्यक्ष सीएम पांडेय, महेश चुफाल, नरेश भंडारी, दिशु धामी, मोहित उप्रेती, कपिल चंद, गौरव, अभय जोरा आदि रहे।
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घंटों मान-मनौव्वल के बाद हुई वार्ता
पिथौरागढ़। आंदोलित छात्रनेता करीब एक घंटे तक सड़क पर बैठे रहे। पहले कुलपति ने छात्रों को भीतर चलकर आराम से वार्ता करने की बात कही लेकिन पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष नितिन मारकाना ने सबके सामने बात करने की मांग की। छात्र वापस दो वापस दो हमारा कॉलेज वापस दो के नारे लगाते रहे। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि वे उच्च शिक्षा मंत्री से मामले में बात करेंगे। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ने मौके से ही शिक्षा मंत्री से बात करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में भी उन्होंने उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से महिला महाविद्यालय खोलने की मांग की थी। छात्रों के बड़ी संख्या में कुलपति और कैबिनेट मंत्री की राह रोकने से राष्ट्रीय सेमिनार की तैयारी में व्यस्त महाविद्यालय प्रशासन की चिंता बढ़ गई। इसलिए महाविद्यालय प्रशासन छात्रनेताओं को वार्ता के लिए बुलाकर उन्हें मनाता रहा। बड़ी मुश्किल से छात्र माने और प्राचार्य कक्ष में वार्ता चली। आश्वासन के बाद पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मारकाना ने कहा कि महाविद्यालय को विश्वविद्यालय बनाया जाए या पुराना दर्जा बहाल रहे लेकिन परिसर का दर्जा सही नहीं है। अगर वार्ता के बाद भी समस्या नहीं सुलझी तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। वाद
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