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वन पंचायतों के समाधान की मांग को लेकर वन पंचायत विकास समिति ने किया प्रदर्शन
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पिथौरागढ़ कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते सरपंच।
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़/चंपावत। वन पंचायत विकास समिति ने आठ सूत्री मांगों के लिए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। उन्होंने शीघ्र मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
वन पंचायत विकास समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष देवेंद्र कुमार पांडेय के नेतृत्व में शनिवार को कई सरपंच पिथौरागढ़ कलक्ट्रेट में एकत्र हुए। उन्होंने वहां सरकार के खिलाफ नारे लगाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लंबे समय से वह आठ सूत्री मांगों को उठा रहे हैं। इसके बाद भी उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
सरपंचों ने डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर सभी वन पंचायतों में रोजगार संबंधी परियोजनाओं के संचालन, योजनाओं का संचालन उत्तराखंड वन पंचायत सलाहकार परिषद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष का चयन सरपंचों से करने, वन पंचायतों का पृथक प्रभाग बनाने, सरपंचों के मानदेय के लिए संस्तुति दिलाने, वन पंचायत सहायक या पारियों की नियुक्ति करने, वन्यजीव बहुल पंचायतों में जंगलों की सुरक्षा के लिए विशेष सहायता, योजनाएं दिलाने, वन पंचायतों की रॉयल्टी, लीसा रॉयल्टी वर्ष के अंत में उनको देने और वन पंचायतों को ईको टूरिज्म से जोड़ने की मांग की। इस मौके पर शंकर सिंह खड़ायत, पंकज बाफिला, लखन राम, जनार्दन भट्ट, कमल राम आदि रहे।
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इन्हीं मांगों के लिए चंपावत के वन पंचायत सरपंचों ने भी शनिवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर डीएम विनीत तोमर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इनमें वन पंचायत सरपंच संगठन जिलाध्यक्ष दान सिंह कठायत, जगत सिंह, उषा देवी, श्याम सिंह, दिनेश चंद्र, सुंदरी देवी, श्याम राम, जगदीश महर आदि सरपंच शामिल रहे।
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वन पंचायत विकास समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष देवेंद्र कुमार पांडेय के नेतृत्व में शनिवार को कई सरपंच पिथौरागढ़ कलक्ट्रेट में एकत्र हुए। उन्होंने वहां सरकार के खिलाफ नारे लगाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लंबे समय से वह आठ सूत्री मांगों को उठा रहे हैं। इसके बाद भी उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
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सरपंचों ने डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर सभी वन पंचायतों में रोजगार संबंधी परियोजनाओं के संचालन, योजनाओं का संचालन उत्तराखंड वन पंचायत सलाहकार परिषद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष का चयन सरपंचों से करने, वन पंचायतों का पृथक प्रभाग बनाने, सरपंचों के मानदेय के लिए संस्तुति दिलाने, वन पंचायत सहायक या पारियों की नियुक्ति करने, वन्यजीव बहुल पंचायतों में जंगलों की सुरक्षा के लिए विशेष सहायता, योजनाएं दिलाने, वन पंचायतों की रॉयल्टी, लीसा रॉयल्टी वर्ष के अंत में उनको देने और वन पंचायतों को ईको टूरिज्म से जोड़ने की मांग की। इस मौके पर शंकर सिंह खड़ायत, पंकज बाफिला, लखन राम, जनार्दन भट्ट, कमल राम आदि रहे।
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इन्हीं मांगों के लिए चंपावत के वन पंचायत सरपंचों ने भी शनिवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर डीएम विनीत तोमर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इनमें वन पंचायत सरपंच संगठन जिलाध्यक्ष दान सिंह कठायत, जगत सिंह, उषा देवी, श्याम सिंह, दिनेश चंद्र, सुंदरी देवी, श्याम राम, जगदीश महर आदि सरपंच शामिल रहे।