उच्च हिमालयी क्षेत्र में न पहुंचाएं पॉलिथीन
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ट्रैक ऑफ द ईयर खलियाटॉप-2016 में शामिल प्रथम बैच ने अपना अभियान पूरा कर लिया। यह दल बुधवार को दिल्ली को लौट गया। 30 सदस्यों वाले इस दल ने ट्रैकिंग रूट पर पड़े पॉलिथीन की थैलियों, प्लास्टिक की बोतलों को एकत्र कर नष्ट किया। दल के सदस्यों ने आम पर्यटक, स्थानीय लोगों और ट्रैकरों से अपील की कि हिमालयी क्षेत्र में कम से कम प्लास्टिक से बनी वस्तु को न पहुंचाएं। यदि थोड़ा-थोड़ा कर यह वस्तुएं पहुंचने लगेंगी तो आने वाले समय में उसको हटा पाना मुश्किल हो जाएगा। बुधवार को ट्रैकरों के छठे दल को समाजसेवी देवेंद्र देवा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दल में नौ महिलाओं समेत 30 लोग शामिल हैं।
प्रथम दल के फील्ड आफीसर विवेक खौले ने बताया कि सदस्यों ने ट्रैकिंग रूट से दो बोरा कूड़ा एकत्र कर उसे नष्ट किया है। ट्रैकिंग में जाने वाले हर दल के सदस्य इसी तरह कूड़ा निस्तारण का काम करेंगे। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद, यूथ हॉस्टल ऑफ इंडिया और कुमाऊं मंडल विकास निगम की ओर से आयोजित ट्रैक ऑफ द खलियाटॉप में रोज एक दल रवाना हो रहा है।
हर दल पांच दिन तक ट्रैकिंग रूट पर रहता है। यूथ हॉस्टल ऑफ इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी युधिष्टर शर्मा ने बताया कि इस ट्रैकिंग अभियान के दौरान पर्यावरण संरक्षण और सफाई के प्रति चेतना का विकास होगा। केएमवीएन के महाप्रबंधक टीएस मर्तोलिया ने कहा कि इस तरह के आयोजनों के हमेशा फायदे मिलते हैं।
अब तक 180 लोग जा चुके ट्रैकिंग पर
ट्रैक ऑफ द ईयर खलियाटॉप में अब तक छह दलों में 180 लोग जा चुके हैं। हर दल में औसतन 30 लोगों को रखा जा रहा है। कुल 700 लोगों को इस अभियान में शामिल किया जाना है। केेएमवीएन के महाप्रबंधक टीएस मर्तोलिया ने बताया कि ट्रैकिंग में लगभग हर प्रांत के लोग शामिल हो रहे हैं। इससे मुनस्यारी के बारे में जानकारी दूर-दूर तक लोगों को मिल जाएगी। इसका इंपैक्ट यह रहेगा कि अगले साल टूरिस्ट की संख्या बढ़ जाएगी।