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Pithoragarh News: कुछ तो कीजिए माननीय, ध्वस्त हो गई पहाड़ की परिवहन सेवा
Mon, 11 Sep 2023 10:41 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 11 Sep 2023 10:41 PM IST
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पिथौरागढ़। सीमांत जिले में दो दशक पूर्व विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से जिला मुख्यालय सहित प्रमुख शहरों के लिए रोडवेज की बस का संचालन होता था। राज्य गठन के बाद जिले में बस बेड़ा बढ़ने के बजाय कम हो गया। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए संचालित होने वाली बस सेवा धीरे-धीरे समाप्त हो गई। बस सेवा बंद होने से अब गांवों में रहने वाली आधी से अधिक आबादी अधिक किराया देकर टैक्सी में सफर कर रही है।
यूपी शासनकाल में पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय के अलावा धारचूला और डीडीहाट से भी बरेली, दिल्ली, लखनऊ, इलाहाबाद के लिए सीधी बस सेवा संचालित होती थी। इसके अलावा जिला मुख्यालय से मुनस्यारी, बेड़ीनाग राईआगर, भागीचौरा पसमा, पीपली, थल मुवानी, झूलाघाट, तवाघाट के लिए बस का संचालन होता था। उस समय लगभग 70 से अधिक बस का संचालन होता था।
राज्य गठन के बाद बस पुरानी होने पर नई बस उपलब्ध नहीं कराई गई। किसी रूट पर यात्री नहीं मिलने पर बस का संचालन बंद कर दिया गया। जिले के बड़े हिस्से के लोग अब जिला मुख्यालय ही नहीं हल्द्वानी, दिल्ली, देहरादून के लिए भी टैक्सी में अधिक किराया देकर सफर कर रहे हैं। पिथौरागढ़ रोडवेज डिपो के पास वर्तमान में 62 बस हैं।
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इनसेट
केमू की बस भी हुईं कम
पिथौरागढ़। दो दशक पहले तक पिथौरागढ़ जिले में रोडवेज के अलावा केएमओयू की बस सेवा भी चलती थी। अब अधिकतर मार्गों पर टैक्सी का कब्जा हो गया। इस समय जिला मुख्यालय से बागेश्वर, रानीखेत, हल्द्वानी के लिए ही केमू बस का संचालन हो रहा है।
......इनसेट.........
टनकपुर पहुंचने में लगते थे दो दिन
पिथौरागढ़। 87 वर्षीय पंथ्यूड़ी निवासी पदमादत्त पंत बताते हैं कि 1950 के दौर में बस सीमित थीं और आसानी से मिल जातीं थीं। पिथौरागढ़ से टनकपुर पहुंचने में दो दिन लगते थे। केमू की बस में पिथौरागढ़ से वड्डा तक लोवर सीट का किराया पांच आना और अपर सीट का सात आना होता था। पिथौरागढ़ से टनकपुर का अपर सीट का किराया सात और लोवर सीट का पांच रुपया होता था।
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यूपी शासनकाल में पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय के अलावा धारचूला और डीडीहाट से भी बरेली, दिल्ली, लखनऊ, इलाहाबाद के लिए सीधी बस सेवा संचालित होती थी। इसके अलावा जिला मुख्यालय से मुनस्यारी, बेड़ीनाग राईआगर, भागीचौरा पसमा, पीपली, थल मुवानी, झूलाघाट, तवाघाट के लिए बस का संचालन होता था। उस समय लगभग 70 से अधिक बस का संचालन होता था।
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राज्य गठन के बाद बस पुरानी होने पर नई बस उपलब्ध नहीं कराई गई। किसी रूट पर यात्री नहीं मिलने पर बस का संचालन बंद कर दिया गया। जिले के बड़े हिस्से के लोग अब जिला मुख्यालय ही नहीं हल्द्वानी, दिल्ली, देहरादून के लिए भी टैक्सी में अधिक किराया देकर सफर कर रहे हैं। पिथौरागढ़ रोडवेज डिपो के पास वर्तमान में 62 बस हैं।
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केमू की बस भी हुईं कम
पिथौरागढ़। दो दशक पहले तक पिथौरागढ़ जिले में रोडवेज के अलावा केएमओयू की बस सेवा भी चलती थी। अब अधिकतर मार्गों पर टैक्सी का कब्जा हो गया। इस समय जिला मुख्यालय से बागेश्वर, रानीखेत, हल्द्वानी के लिए ही केमू बस का संचालन हो रहा है।
......इनसेट.........
टनकपुर पहुंचने में लगते थे दो दिन
पिथौरागढ़। 87 वर्षीय पंथ्यूड़ी निवासी पदमादत्त पंत बताते हैं कि 1950 के दौर में बस सीमित थीं और आसानी से मिल जातीं थीं। पिथौरागढ़ से टनकपुर पहुंचने में दो दिन लगते थे। केमू की बस में पिथौरागढ़ से वड्डा तक लोवर सीट का किराया पांच आना और अपर सीट का सात आना होता था। पिथौरागढ़ से टनकपुर का अपर सीट का किराया सात और लोवर सीट का पांच रुपया होता था।