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पिंडदान करने वाले छात्रसंघ अध्यक्ष और अभाविप के कुमाऊं संयोजक को किया पदमुक्त
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पिथौरागढ़। कुमाऊं विवि की परीक्षा तिथि बदलने और यूजीसी के मानकों के अनुसार परीक्षा कराने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा राज्यमंत्री का पिंडदान करने वाले दो छात्र नेताओं को एबीवीपी ने पदमुक्त कर दिया है। दोनों पदाधिकारियों का निलंबन भी हो सकता है।
राजकीय महाविद्यालय में परीक्षा तिथि बदलने की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन चल रहा है। महाविद्यालय परिसर में छात्रों ने तीन सितंबर को विरोध स्वरूप सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत का पिंडदान किया। इसमें अभाविप के कुमाऊं संयोजक योगेश भट्ट और छात्रसंघ अध्यक्ष और अभाविप के जिला संयोजक सीएम पांडे की उपस्थिति भी पाई गई थी। इस कारण दोनों छात्र नेताओं को अभाविप ने पदमुक्त कर दिया है। अभाविप के प्रदेश मंत्री रोहित ओझा ने बताया कि जिंदा लोगों का पिंडदान करना सहीं नहीं है।
इस कारण दोनों को पदमुक्त कर दिया है। उन्होंने बताया कि दोनों के विद्यार्थी परिषद से निष्कासन को लेकर जल्द ही प्रदेश कार्यालय में बैठक होगी। बैठक के बाद भी आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा। वहीं छात्रसंघ अध्यक्ष सीएम पांडे और योगेश भट्ट का कहना है कि परीक्षा तिथि बदलने और यूजीसी की गाइड लाइन के अनुसार परीक्षा कराने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। इसमें सभी छात्र संगठन शामिल थे। छात्र नेता होने के नाते उनका दायित्व बनता है कि छात्रों की मांगों को उठाया जाए। पदमुक्त करने की कार्रवाई गलत है।
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राजकीय महाविद्यालय में परीक्षा तिथि बदलने की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन चल रहा है। महाविद्यालय परिसर में छात्रों ने तीन सितंबर को विरोध स्वरूप सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत का पिंडदान किया। इसमें अभाविप के कुमाऊं संयोजक योगेश भट्ट और छात्रसंघ अध्यक्ष और अभाविप के जिला संयोजक सीएम पांडे की उपस्थिति भी पाई गई थी। इस कारण दोनों छात्र नेताओं को अभाविप ने पदमुक्त कर दिया है। अभाविप के प्रदेश मंत्री रोहित ओझा ने बताया कि जिंदा लोगों का पिंडदान करना सहीं नहीं है।
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इस कारण दोनों को पदमुक्त कर दिया है। उन्होंने बताया कि दोनों के विद्यार्थी परिषद से निष्कासन को लेकर जल्द ही प्रदेश कार्यालय में बैठक होगी। बैठक के बाद भी आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा। वहीं छात्रसंघ अध्यक्ष सीएम पांडे और योगेश भट्ट का कहना है कि परीक्षा तिथि बदलने और यूजीसी की गाइड लाइन के अनुसार परीक्षा कराने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। इसमें सभी छात्र संगठन शामिल थे। छात्र नेता होने के नाते उनका दायित्व बनता है कि छात्रों की मांगों को उठाया जाए। पदमुक्त करने की कार्रवाई गलत है।
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