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दोबांस के लोगों को 14 किमी पैदल चलने के बाद मिल रहा राशन
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झूलाघाट(पिथौरागढ़)। दोबांस गांव के लोगों को सरकारी राशन लेने के लिए 14 किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। गांव की सस्ता गल्ला की दुकान चार साल से बंद होने के बाद भी नए व्यक्ति को दुकान आवंटित नहीं की है।
मूनाकोट विकासखंड के दोबांस में 80 लोगों के पास राशन कार्ड हैं। जिसमें से अधिकतर परिवार बीपीएल और अंत्योदय में आते हैं। चार साल पहले सस्ता गल्ला विक्रेता पुरषोत्तम जोशी ने इस्तीफा दे दिया था। स्थानीय धीरज जोशी ने वैकल्पिक तौर पर दुकान संचालित की। दो साल तक व्यापारी को पूर्ति विभाग ने ढुलान रकम का भुगतान नहीं किया। बाद में उसने भी राशन मंगाना बंद कर दिया।
कोरोना काल में सरकार राशन कार्ड में भरपूर राशन दे रही है। गांव के लोगों को तीसरी ग्रामसभा धौलकांडा राशन के लिए जाना पड़ रहा है। दोबांस के सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. प्रदीप जोशी ने गांव के जनप्रतिनिधि पर गांव की अनदेखी का आरोप लगाया है। गांव के सुरेश राम, मनोज कुमार, नवीन जोशी ने बताया व्यापारी द्वारा सभी कागज जमा करने के बाद भी लाइसेंस के लिए राजस्व विभाग एक साल से परेशान कर रहा है।
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मूनाकोट विकासखंड के दोबांस में 80 लोगों के पास राशन कार्ड हैं। जिसमें से अधिकतर परिवार बीपीएल और अंत्योदय में आते हैं। चार साल पहले सस्ता गल्ला विक्रेता पुरषोत्तम जोशी ने इस्तीफा दे दिया था। स्थानीय धीरज जोशी ने वैकल्पिक तौर पर दुकान संचालित की। दो साल तक व्यापारी को पूर्ति विभाग ने ढुलान रकम का भुगतान नहीं किया। बाद में उसने भी राशन मंगाना बंद कर दिया।
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कोरोना काल में सरकार राशन कार्ड में भरपूर राशन दे रही है। गांव के लोगों को तीसरी ग्रामसभा धौलकांडा राशन के लिए जाना पड़ रहा है। दोबांस के सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. प्रदीप जोशी ने गांव के जनप्रतिनिधि पर गांव की अनदेखी का आरोप लगाया है। गांव के सुरेश राम, मनोज कुमार, नवीन जोशी ने बताया व्यापारी द्वारा सभी कागज जमा करने के बाद भी लाइसेंस के लिए राजस्व विभाग एक साल से परेशान कर रहा है।
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