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Pithoragarh News: आंवलाघाट में स्वीकृति के एक साल बाद भी नहीं बना पुल
Thu, 15 May 2025 11:03 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 15 May 2025 11:03 PM IST
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-आंवलाघाट में पुल निर्माण की मांग पर लोनिवि के अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन देते लोग। स्रोत:स्वयं
पिथौरागढ़। आंवलाघाट में रामगंगा नदी पर स्वीकृति के दो साल बाद भी पुल का निर्माण शुरू न होने से क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है। उन्होंने लोनिवि के अधीक्षण अभियंता संजीव राठी को ज्ञापन देकर शीघ्र पुल निर्माण शुरू करने की मांग की है। कहा कि ऐसा नहीं हुआ तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
पूर्व पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती के नेतृत्व में लोगों ने अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन देते हुए कहा कि आंवलाघाट में रामगंगा नदी के दोनों तरफ सड़क का निर्माण पूरा हो गया है। नदी पर पुल बनने के बाद दोनों सड़कें आपस में जुड़नी थी। 80 मीटर स्पान का पुल भी वर्ष 2024 में स्वीकृत हो चुका है। अब तक इसका निर्माण नहीं हो सका है। पूर्व में यहां पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ लेकिन इस स्थान को भूस्खलन क्षेत्र घोषित कर इस पर रोक लगा दी गई। अन्य जगह पुल बनाने की बात कही गई लेकिन अब तक इसकी कार्रवाई शुरू नहीं हुई।
खाती ने कहा कि पुल बनने के बाद क्षेत्र के 15 से अधिक गांवों के लोगों को इसका लाभ मिलता। मानसूनकाल में घाट-पनार हाईवे बंद होने पर बेड़ीनाग और गंगोलीहाट आवाजाही के लिए इस सड़क को वैकल्पिक मार्ग के रूप में प्रयोेग में लाया जा सकता है।
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चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द पुल का निर्माण शुरू नहीं हुआ तो क्षेत्र की जनता आंदोलन के लिए मजबूर होगी। ज्ञापन देने वालों में लक्ष्मण सिंह बोरा, किशन चंद, बलवीर सिंह आदि शामिल रहे। संवाद
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पूर्व पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती के नेतृत्व में लोगों ने अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन देते हुए कहा कि आंवलाघाट में रामगंगा नदी के दोनों तरफ सड़क का निर्माण पूरा हो गया है। नदी पर पुल बनने के बाद दोनों सड़कें आपस में जुड़नी थी। 80 मीटर स्पान का पुल भी वर्ष 2024 में स्वीकृत हो चुका है। अब तक इसका निर्माण नहीं हो सका है। पूर्व में यहां पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ लेकिन इस स्थान को भूस्खलन क्षेत्र घोषित कर इस पर रोक लगा दी गई। अन्य जगह पुल बनाने की बात कही गई लेकिन अब तक इसकी कार्रवाई शुरू नहीं हुई।
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खाती ने कहा कि पुल बनने के बाद क्षेत्र के 15 से अधिक गांवों के लोगों को इसका लाभ मिलता। मानसूनकाल में घाट-पनार हाईवे बंद होने पर बेड़ीनाग और गंगोलीहाट आवाजाही के लिए इस सड़क को वैकल्पिक मार्ग के रूप में प्रयोेग में लाया जा सकता है।
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चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द पुल का निर्माण शुरू नहीं हुआ तो क्षेत्र की जनता आंदोलन के लिए मजबूर होगी। ज्ञापन देने वालों में लक्ष्मण सिंह बोरा, किशन चंद, बलवीर सिंह आदि शामिल रहे। संवाद