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Pithoragarh News: आईआईटी मंडी की तर्ज पर होगा सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण
Sat, 28 Sep 2024 10:54 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 28 Sep 2024 10:54 PM IST
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पिथौरागढ़। लंबे समय से विवादों में रहे नन्ही परी सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज का अब आईआईटी मंडी की तर्ज पर निर्माण होगा। शासन से कॉलेज प्रबंधन को इसके निर्देश जारी हुए हैं। आईआईटी मंडी की भवन शैली एसआईटी में नजर आएगी, इसकी डीपीआर तैयार की जा रही है।
वर्ष 2011 में सीमांत जिले के युवाओं को स्थानीय स्तर पर तकनीकी शिक्षा देने के लिए सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना हुई। तब केनयू जीआईसी और आईटीआई पुनेड़ी में कक्षाओं का संचालन शुरू किया गया। मड़धूरा में 14 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद जब केएनयू में फिर से कॉलेज की स्थापना की कार्रवाई शुरू हुई तो यह विवादों में आ गया। मड़धूरा में कॉलेज का संचालन न होने से करोड़ों से बना भवन जर्जर हो गया।
इस पर सवाल उठने शुरू हुए तो फिर से केएनयू जीआईसी को छोड़कर मड़धूरा में ही कॉलेज का भवन बनाने का अंतिम निर्णय लिया गया। अब यहां हिमाचल प्रदेश के आईआईटी मंडी की तर्ज पर इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण होगा। कॉलेज की भवन शैली आईआईटी मंडी की तरह होगी, शासन से इसके निर्देश कार्यदायी संस्था पेयजल निर्माण निगम को मिले हैं। आर्किटेक्ट इंजीनियरिंग कॉलेज को आईआईटी मंडी की तरह पहाड़ी शैली में तैयार करेंगे। कार्यदायी संस्था जल्द ही इसकी डीपीआर तैयार कर शासन को भेजेगी। संवाद
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जर्जर भवनों का होगा सुधारीकरण
पिथौरागढ़। कार्यदायी संस्था के मुताबिक मड़धूरा में इंजीनियरिंग कॉलेज के नए भवन का निर्माण तो होगा लेकिन पुराने जर्जर भवनों का भी सुधारीकरण होगा। इन भवनों को अब अब आईआईटी मंडी की तरह लुक देना तो संभव नहीं है लेकिन इन्हें इंजीनियरिंग कॉलेज का हिस्सा जरूर बनाया जाएगा। इन जर्जर भवनों के सुधारीकरण में फिर से लाखों रुपये खर्च होने का अनुमान है।
आईआईटी मंडी की तर्ज पर सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण होगा। इसकी डीपीआर तैयार की जा रही है। पहाड़ी शैली में इंजीनियरिंग कॉलेज अस्तित्व में आएगा।
अभिषेक, अवर अभियंता, पेयजल निर्माण निगम, पिथौरागढ़।
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वर्ष 2011 में सीमांत जिले के युवाओं को स्थानीय स्तर पर तकनीकी शिक्षा देने के लिए सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना हुई। तब केनयू जीआईसी और आईटीआई पुनेड़ी में कक्षाओं का संचालन शुरू किया गया। मड़धूरा में 14 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद जब केएनयू में फिर से कॉलेज की स्थापना की कार्रवाई शुरू हुई तो यह विवादों में आ गया। मड़धूरा में कॉलेज का संचालन न होने से करोड़ों से बना भवन जर्जर हो गया।
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इस पर सवाल उठने शुरू हुए तो फिर से केएनयू जीआईसी को छोड़कर मड़धूरा में ही कॉलेज का भवन बनाने का अंतिम निर्णय लिया गया। अब यहां हिमाचल प्रदेश के आईआईटी मंडी की तर्ज पर इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण होगा। कॉलेज की भवन शैली आईआईटी मंडी की तरह होगी, शासन से इसके निर्देश कार्यदायी संस्था पेयजल निर्माण निगम को मिले हैं। आर्किटेक्ट इंजीनियरिंग कॉलेज को आईआईटी मंडी की तरह पहाड़ी शैली में तैयार करेंगे। कार्यदायी संस्था जल्द ही इसकी डीपीआर तैयार कर शासन को भेजेगी। संवाद
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जर्जर भवनों का होगा सुधारीकरण
पिथौरागढ़। कार्यदायी संस्था के मुताबिक मड़धूरा में इंजीनियरिंग कॉलेज के नए भवन का निर्माण तो होगा लेकिन पुराने जर्जर भवनों का भी सुधारीकरण होगा। इन भवनों को अब अब आईआईटी मंडी की तरह लुक देना तो संभव नहीं है लेकिन इन्हें इंजीनियरिंग कॉलेज का हिस्सा जरूर बनाया जाएगा। इन जर्जर भवनों के सुधारीकरण में फिर से लाखों रुपये खर्च होने का अनुमान है।
आईआईटी मंडी की तर्ज पर सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण होगा। इसकी डीपीआर तैयार की जा रही है। पहाड़ी शैली में इंजीनियरिंग कॉलेज अस्तित्व में आएगा।
अभिषेक, अवर अभियंता, पेयजल निर्माण निगम, पिथौरागढ़।