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Pithoragarh News: बाजार में 70 रुपये की दाल सस्ते गल्ले में 79 की कैसे बेचें
Mon, 26 May 2025 10:12 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 26 May 2025 10:12 PM IST
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टनकपुर के मां पूर्णागिरि धाम में मां के दर्शन को आगे बढ़ते श्रद्धालु। संवाद
पिथौरागढ़/धारचूला। बाजार में मलका की दाल 60 से 70 रुपये किलो बिक रही है लेकिन सरकारी राशन की दुकानों पर इसे 79 रुपये किलो बेचने का आदेश जारी हुआ है। ऐसे में दाल सरकारी दुकानों में कैसे बिकेगी। पत्थर मिला नमक आठ रुपये किलो सरकारी राशन की दुकानों में बेचना है। सरकार ऐसे फैसले लेकर हमारा उत्पीड़न कर रही है लेकिन हमारी समस्याओं का समाधान करने के लिए गंभीर नहीं है। ऐसे में हम राशन वितरण नहीं करेंगे और एक जून को सामूहिक इस्तीफा देंगे, यह बात कही जिले के सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने।
सोमवार को जिला पूर्ति कार्यालय में सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि लंबे समय से वे लोग मानदेय, खाद्यान्न गोदामों में धर्मकांटे लगाने और लंबित बिलों के भुगतान की मांग कर रहे हैं। सरकार इन मांगों को लेकर गंभीर नहीं है। नये-नये नियम लागू कर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में संगठन के जिलाध्यक्ष मनोज पांडे, कैलाश जोशी, कमल टम्टा, भगवती प्रसाद, हयात सिंह, महिमन भट्ट, मुकेश भट्ट आदि शामिल रहे।
धारचूला में सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने एसडीएम मनजीत सिंह के माध्यम से डीएम को ज्ञापन भेजा। कहा कि सरकार ने सस्ता गल्ला की दुकानों में मलका की दाल बेचने का फैसला लिया है इसकी कीमत बाजार भाव से अधिक तय की गई है। ऐसे में सस्ता गल्ला की दुकानों में कैसे दाल बिकेगी। उन्होंने कहा कि विकासखंड के आपदाकाल को देखते हुए छह महीने का अग्रिम राशन वितरण किया गया है। शासन ने बायोमेट्रिक तरीके से राशन बेचने के आदेश दिए हैं लेकिन राशन मिलने के बाद अब उपभोक्ता सस्ता गल्ला की दुकानों में नहीं आएंगे तो बायोमेट्रिक राशन वितरण कैसे होगा।
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सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने कहा कि खाद्यान्न गोदामों से राशन तौलकर नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें नुकसान हो रहा है। सरकार के नियमों से वे परेशान हो चुके हैं। यदि इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। ज्ञापन देने वालों में संगठन के अध्यक्ष केशर सिंह धामी, शंकर दत्त, विमल सिंह, पूरन सिंह, लीला देवी, हीरा बिष्ट, शेर सिंह आदि शामिल रहे।
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सोमवार को जिला पूर्ति कार्यालय में सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि लंबे समय से वे लोग मानदेय, खाद्यान्न गोदामों में धर्मकांटे लगाने और लंबित बिलों के भुगतान की मांग कर रहे हैं। सरकार इन मांगों को लेकर गंभीर नहीं है। नये-नये नियम लागू कर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में संगठन के जिलाध्यक्ष मनोज पांडे, कैलाश जोशी, कमल टम्टा, भगवती प्रसाद, हयात सिंह, महिमन भट्ट, मुकेश भट्ट आदि शामिल रहे।
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धारचूला में सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने एसडीएम मनजीत सिंह के माध्यम से डीएम को ज्ञापन भेजा। कहा कि सरकार ने सस्ता गल्ला की दुकानों में मलका की दाल बेचने का फैसला लिया है इसकी कीमत बाजार भाव से अधिक तय की गई है। ऐसे में सस्ता गल्ला की दुकानों में कैसे दाल बिकेगी। उन्होंने कहा कि विकासखंड के आपदाकाल को देखते हुए छह महीने का अग्रिम राशन वितरण किया गया है। शासन ने बायोमेट्रिक तरीके से राशन बेचने के आदेश दिए हैं लेकिन राशन मिलने के बाद अब उपभोक्ता सस्ता गल्ला की दुकानों में नहीं आएंगे तो बायोमेट्रिक राशन वितरण कैसे होगा।
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सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने कहा कि खाद्यान्न गोदामों से राशन तौलकर नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें नुकसान हो रहा है। सरकार के नियमों से वे परेशान हो चुके हैं। यदि इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। ज्ञापन देने वालों में संगठन के अध्यक्ष केशर सिंह धामी, शंकर दत्त, विमल सिंह, पूरन सिंह, लीला देवी, हीरा बिष्ट, शेर सिंह आदि शामिल रहे।

टनकपुर के मां पूर्णागिरि धाम में मां के दर्शन को आगे बढ़ते श्रद्धालु। संवाद