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गजब है भाई, कॉलेज पिथौरागढ़ में और हल्द्वानी में पढ़ाई
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नर्सिंग कॉलेज पिथौरागढ़।
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ में करोड़ों की लागत से नर्सिंग कॉलेज का भवन बन गया है। इसके बाद भी यहां पंजीकृत छात्राओं के दो बैच अब भी हल्द्वानी कॉलेज में पढ़ने के लिए विवश हैं। वर्तमान में पिथौरागढ़ नर्सिंग कॉलेज में अध्ययनरत 69 छात्र-छात्राओं को भी सुविधाओं के अभाव में तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अभी पिथौरागढ़ बीएससी नर्सिंग कॉलेज में 69 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन बच्चों को पढ़ाने के लिए यहां पर तीन फैकल्टी तैनात हैं। पिथौरागढ़ नर्सिंग कॉलेज के पूर्व के दो बैच अब भी हल्द्वानी में पढ़ रहे हैं। छात्राओं को बिल्डिंग नहीं होने के कारण हल्द्वानी भेजा गया था।
वर्तमान में पिथौरागढ़ में बिल्डिंग का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। इसके बाद अभी तक पिथौरागढ़ नर्सिंग कॉलेज में पंजीकृत बच्चों को वापस नहीं बुलाया गया है। नर्सिंग कॉलेज में हॉस्टल सुविधा भी शुरू नहीं हो पाई है।
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इस कारण छात्राओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा लिपिक, लेखाकार आदि स्टाफ के नहीं होने से कॉलेज के प्रशासनिक कार्य भी खासे प्रभावित हो रहे हैं। नर्सिंग कॉलेज के ही स्टाफ को सारे कार्य देखने पड़ रहे हैं।
नर्सिंग कॉलेज में स्वच्छक नहीं होने से बढ़ीं दिक्कतें
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ नर्सिंग कॉलेज में लंबे समय से स्वच्छक की नियुक्ति नहीं हो पाई है। इस कारण नर्सिंग कॉलेज स्टाफ के साथ-साथ छात्राओं को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नर्सिंग कॉलेज प्रबंधन भी लगातार स्वच्छक की नियुक्ति के लिए पत्राचार कर रहा है। संवाद ।
जो बैच हल्द्वानी में पढ़ रहा है उसे बिल्डिंग निर्माण का बचा हुआ कार्य पूरा होने के बाद पिथौरागढ़ वापस बुला लिया जाएगा। नर्सिंग कॉलेज में छात्राओं को दिक्कत ना हो इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। - डॉ. रेनू शर्मा, प्रधानाचार्य पिथौरागढ़ नर्सिंग कॉलेज।
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अभी पिथौरागढ़ बीएससी नर्सिंग कॉलेज में 69 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन बच्चों को पढ़ाने के लिए यहां पर तीन फैकल्टी तैनात हैं। पिथौरागढ़ नर्सिंग कॉलेज के पूर्व के दो बैच अब भी हल्द्वानी में पढ़ रहे हैं। छात्राओं को बिल्डिंग नहीं होने के कारण हल्द्वानी भेजा गया था।
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वर्तमान में पिथौरागढ़ में बिल्डिंग का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। इसके बाद अभी तक पिथौरागढ़ नर्सिंग कॉलेज में पंजीकृत बच्चों को वापस नहीं बुलाया गया है। नर्सिंग कॉलेज में हॉस्टल सुविधा भी शुरू नहीं हो पाई है।
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इस कारण छात्राओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा लिपिक, लेखाकार आदि स्टाफ के नहीं होने से कॉलेज के प्रशासनिक कार्य भी खासे प्रभावित हो रहे हैं। नर्सिंग कॉलेज के ही स्टाफ को सारे कार्य देखने पड़ रहे हैं।
नर्सिंग कॉलेज में स्वच्छक नहीं होने से बढ़ीं दिक्कतें
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ नर्सिंग कॉलेज में लंबे समय से स्वच्छक की नियुक्ति नहीं हो पाई है। इस कारण नर्सिंग कॉलेज स्टाफ के साथ-साथ छात्राओं को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नर्सिंग कॉलेज प्रबंधन भी लगातार स्वच्छक की नियुक्ति के लिए पत्राचार कर रहा है। संवाद ।
जो बैच हल्द्वानी में पढ़ रहा है उसे बिल्डिंग निर्माण का बचा हुआ कार्य पूरा होने के बाद पिथौरागढ़ वापस बुला लिया जाएगा। नर्सिंग कॉलेज में छात्राओं को दिक्कत ना हो इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। - डॉ. रेनू शर्मा, प्रधानाचार्य पिथौरागढ़ नर्सिंग कॉलेज।