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इस विद्यालय में आदर्श जैसा कुछ नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, मदकोट
Updated Fri, 28 Jul 2017 10:29 PM IST
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अव्यवस्था का शिकार मदकोट का राजकीय आदर्श राजकीय इंटर कालेज
- फोटो : अमर उजाला
राजकीय इंटर कॉलेज मदकोट को आदर्श विद्यालय का दर्जा तो दे दिया, लेकिन यहां आदर्श जैसा कुछ नहीं है। विद्यालय में प्रवक्ताओं के 10 पद सृजित हैं, इनमें से सात पद रिक्त चल रहे हैं। एलटी ग्रेड में विज्ञान विषय का शिक्षक नहीं है। 350 की छात्रसंख्या वाले इस विद्यालय में पेयजल की सुविधा नहीं है। शौचालयों की हालत बेहद खराब है। मजबूरी में गरीब परिवारों के बच्चे इसी विद्यालय में पढ़ने आते हैं।
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प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकार ने मदकोट के राजकीय इंटर कॉलेज को भी आदर्श का दर्जा दिया था। बाकायदा समारोह पूर्वक आदर्श विद्यालय का उद्घाटन हुआ। उस समय कहा गया कि विद्यालय में शिक्षकों के सभी पद भरे जाएंगे। विद्यालय की हर जरूरत को पूरा किया जाएगा, लेकिन आदर्श का दर्जा मिलते ही सबसे पहले यहां से शिक्षकों का स्थानांतरण होने लगा। अंग्रेजी, संस्कृत, गणित, अर्थशास्त्र, हिंदी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान जैसे अहम विषयों में प्रवक्ता न होने से शिक्षण व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है।
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प्रधानाचार्य दलीप राम आर्य का कहना है कि शिक्षकों के रिक्त पद भरने और विद्यालय में ढांचागत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया, लेकिन अभी शिक्षकों की तैनाती नहीं हो पाई है। शिक्षक-अभिभावक संघ के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह भंडारी ने कहा कि अब विद्यालय की अव्यवस्था के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
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