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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   No Road To Pokhari

सड़क न होने के कारण ग्रामीण घर छोड़कर रह रहे हैं किराए पर

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 24 Apr 2022 12:18 AM IST
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No Road To Pokhari
बलुवाकोट का पोखरी गांव। संवाद - फोटो : PITHORAGARH
बलुवाकोट (पिथौरागढ़)। बलुवाकोट ग्राम सभा के पोखरी गांव के लोग दशकों से खतरनाक रास्ते पर डेढ़ किमी पैदल चलने के लिए मजबूर हैं। बीमारों के लिए डोली ही एकमात्र सहारा है। पोखरी गांव की आबादी 600 से अधिक है। यहां के लिए प्रस्तावित पांच किमी लंबी सड़क न होने से पैदल चलना आज भी मजबूरी है।
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गांव तक एक रसोई गैस सिलिंडर पहुंचाने के लिए लोगों को 150 से 200 रुपये भाड़ा देना पड़ता है। बजरी या सीमेंट के एक कट्टे के लिए 100-150 रुपये भाड़ा देना पड़ता है। इस कारण लोग मकान बनाने से कतराते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता पंकज मेहरा ने बताया कि कुछ साल पूर्व तल्ला पोखरी से रमतोली तक पांच किमी लंबी सड़क बनाने के लिए भूगर्भीय सर्वेक्षण किया गया लेकिन सर्वे के बाद कोई कार्यवाही नहीं हो सकी।
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ग्रामीणों को सामान ढोने के लिए अधिक भाड़ा देना पड़ता है। मकान निर्माण से ज्यादा पैसा तो निर्माण सामग्री के भाड़े में लग जाता है। - तुलसी देवी, मल्ली पोखरी, प्रमुख राज्य आंदोलनकारी।
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रास्ते में जरा सी चूक आपकी जान ले लेगी। गांव के लोग कई बार चोटिल हो चुके हैं। इनमें शामिल दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। - डॉ. रमेश चंद, तल्ली पोखरी, सेवानिवृत्त चिकित्सक।
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