फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   No facilities in rural areas even in Amrit Kaal

Pithoragarh News: अमृत काल में भी ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाएं नहीं

Sat, 12 Aug 2023 10:46 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Sat, 12 Aug 2023 10:46 PM IST
विज्ञापन
No facilities in rural areas even in Amrit Kaal
पिथौरागढ़। पूरा देश आजादी का अमृत काल के महोत्सव मना रहा है। कई ग्रामीण क्षेत्र ऐसे हैं जहां आज भी लोग मूलभूत सुविधाओं का इंतजार कर रहे हैं। आजादी को करीब से देखने वाले बुजुर्ग 15 अगस्त को लेकर उत्साहित तो हैं लेकिन आधुनिकता के दौर में ग्रामीण क्षेत्रों में संचार सेवा और अन्य सुविधा नहीं होने से वह बेहद परेशान भी हैं। विकास तो हुआ लेकिन गांवों का विकास आज भी धीमा है। बुजुर्गों का कहना है कि गांवों को फिर से आबाद करने की जरूरत है। धन धान्य से भरे रहने वाले गांवों में अब युवा तो नहीं बस माटी से प्रेम करने वाले ही रह गए हैं। उन्हें आस है कि एक दिन गांव फिर से आबाद होंगे। आधुनिकता के दौर में गांव की याद लोगों को जरूर आएगी।
विज्ञापन

---------
देश में हर क्षेत्र में विकास तो हुआ है, लेकिन आज भी गांव का विकास दूर है। सरकारों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, यातायात के स्तर काफी सुधरा है। एक जमाना था जब लोग कई किमी पैदल चलते थे लेकिन आज लोगों के घरों तक यातायात की सुविधा है। कुछ क्षेत्र अभी भी यातायात से वंचित हैं, लेकिन जल्द वहां भी सुविधाएं बेहतर होंगी।
विज्ञापन

डॉ. हीरा बल्लभ खर्कवाल, वड्डा।
----------
आधुनिकता के इस दौर में कई गांवों में आज भी संचार सेवा नहीं है। सूचना देना काफी मुश्किल होता है। अपनों का हाल तो मुश्किल से मिल पाता है। सरकार को शहर से पहले गांवों को आबादी करने की योजना बनानी थी। आधुनिकता के दौर में लोग गांवों को भूल गए हैं। वीरान और सुविधाओं से वंचित गांवों में कोई रहना नहीं चाहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

आनंदी देवी, घटधार, मुनस्यारी।
----------
धन धान्य से भरे रहने वाले गांव आज वीरान हो गए हैं। अब गांव में सिर्फ बुजुर्ग ही बचे हैं। आज भी उम्मीद है कि गांव फिर से आजादी से पूर्व की तरह खुशहाल होंगे। आज हम आजादी का अमृत काल मना रहे हैं लेकिन मूलभूत सुविधाओं से वंचित गांव के लिए यह काल मायने नहीं रखता है। कई सुविधाओं के इंतजार में दुनिया से चले गए। माटी का मोह हर कोई नहीं समझ सकता है।
लीला देवी, डाडाबीसी, मुनस्यारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed